पीएम मोदी के पोस्टर मुद्दे को लेकर राहुल गांधी ने साधा निशाना, बोले...

पीएम मोदी के पोस्टर मुद्दे को लेकर राहुल गांधी ने साधा निशाना, बोले...

दिनों से कोविड-19 के साथ-साथ सियासी हलचल भी बहुत ज्यादा बढ़ गई है वही कोविड-19 वैक्सीन को लेकर कांग्रेस पार्टी नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर नरेन्द्र मोदी सरकार पर हमला बोला है. दरअसल वैक्सीन को लेकर पीएम मोदी के विरूद्ध दिल्ली के पोस्टर मुद्दे में 25 व्यक्तियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गई है और 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, हालांकि इन में से कई लोगों को रिहाई भी मिल गई है. ऐसे में कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी तथा महासचिव प्रियंका गांधी ने इसी केस को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा है.

दरअसल राहुल गांधी एवं प्रियंका गांधी ने वो ही पोस्टर साझा किए हैं जिनको लेकर पूरा टकराव शुरुआत हुआ. दोनों ने इस पोस्टर को ट्विटर पर अपनी प्रोफाइल फोटो बना ली है. राहुल गांधी ने पोस्टर को साझा करते हुए ट्वीट में कहा, ‘मुझे भी गिरफ़्तार करो.’ बता दे कि बृहस्पतिवार को पुलिस को पोस्टरों के बारे में तहरीर प्राप्त हुई, जिसके पश्चात् वरिष्ठ अफसरों को सावधान किया गया.

वही शिकायतों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने लोक सेवक द्वारा जारी आदेश की अवज्ञा करने से संबंधित भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के अनुसार विभिन्न शहरों में 25 प्राथमिकी दर्ज कीं. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘यदि इस सिलसिले में और शिकायतें प्राप्त होती हैं तो प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है. वैसे यह पता लगाने के लिए पड़ताल की जा रही है कि किसके कहने पर शहर के भिन्न-भिन्न जगहों पर ये पोस्टर लगाए गए तथा इसके मुताबिक ही मुद्दे में आगे की कार्रवाई की जाएगी.


भारत बायोटेक की आज डब्ल्यूएचओ के साथ बैठक

भारत बायोटेक की आज डब्ल्यूएचओ के साथ बैठक

भारत के स्वदेशी कोरोनारोधी टीके कोवैक्सीन (Covaxin) को मान्यता दिए जाने के मुद्दे पर आज विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के साथ भारत बायोटेक की बैठक होगी। इस बैठक में स्वदेशी कोविड-19 वैक्सीन कोवैक्सिन के आपातकालीन उपयोग सूची (ईयूएल) के लिए मूल्यांकन किया जाएगा। डब्ल्यूएचओ से मान्यता मिल जाने पर इस टीके को लगवाने वाले लोगों को विदेश जाने में सहूलियत होगी। इसके साथ ही इस टीके के निर्यात का भी रास्ता खुलेगा।

कोवैक्सीन को भारत बायोटेक ने आइसीएमआर के साथ मिलकर विकसित किया है। यह भारत में बनी पहली स्वदेशी वैक्सीन है। भारत में अभी कोरोना के खिलाफ तीन वैक्सीनों का इस्तेमाल हो रहा है। भारत बायोटेक की कोवैक्सीन भी इनमें से एक है। दूसरी वैक्सीन कोविशील्ड लगाई जा रही है। इसको आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और एस्ट्राजेनेका ने बनाया है, जिसका उत्पादन सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया कर रहा है। इसके अलावा रूस की स्पुतनिक-वी वैक्सीन भी लगाई जा रही है।

भारत बायोटेक की कोवैक्सीन तीसरे चरण में 77.8 फीसद प्रभावी पाई गई है। कंपनी ने पिछले हफ्ते ही ट्रायल का डेटा ड्रग कंट्रोलर जनरल आफ इंडिया को सौंपा था। मंगलवार को सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ने वैक्सीन के फेज तीन के ट्रायल के डेटा को मंजूरी दे दी। भारत बायोटेक की तरफ से केंद्र सरकार की कमेटी को यह रिपोर्ट सौंपी गई है। एसइसी की मंजूरी के बाद इस डेटा को अब डब्ल्यूएचओ को भी भेजा जा सकेगा।

भारत बायोटेक की कोवैक्सीन का डेटा अभी तक पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त, पीयर-रिव्यू जर्नल में प्रकाशित नहीं हुआ है। भारत बायोटेक ने इस महीने की शुरआत में कहा था कि दवा नियामक को प्रस्तुत करने के बाद और लगभग तीन महीने की समय सीमा के भीतर इस डेटा का प्रकाशन होगा।