केरल में खत्म हुई कोविड की पीक, दो सप्ताह में कम होंगे मामले

केरल में खत्म हुई कोविड की पीक, दो सप्ताह में कम होंगे मामले

एम्स के प्रोफेसर डा संजय राय ने मंगलवार को कहा कि केरल ने अपनी COVID-19 पीक को पार कर लिया है और अगले 2 हफ्तों में, राज्य में मामलों में गिरावट शुरू होनी चाहिए। राय ने एएनआइ को बताया, 'पहले हुए केरल में सीरो सर्वेक्षण से पता चलता है कि अधिकांश आबादी अतिसंवेदनशील थी लेकिन नवीनतम सीरो सर्वेक्षण से पता चलता है कि 46 फीसद में वैक्सीन या संक्रमण के कारण एंटीबाडी थी। राज्य द्वारा किए गए उपाय केवल प्रसार को धीमा करते हैं। पिछले 2-3 महीनों में फैले वायरस के आंकड़ों को देखें तो केरल ने अपनी पीक को पार कर लिया है और अगले 2 हफ्तों में मामलों में गिरावट शुरू हो जानी चाहिए। उत्तर-पूर्व की तरह, केरल को भी विज्ञान की नजर में देखा जाए तो अक्टूबर की शुरुआत तक COVID मामलों में गिरावट शुरू हो जानी चाहिए।'

एम्स, हैदराबाद स्थित COVID-19 वैक्सीन निर्माता भारत बायोटेक के नाक के टीके का चरण 2/3 परीक्षण जल्द ही शुरू करेगा और आचार समिति की अनिवार्य अनुमति लेने के लिए आवेदन किया गया है।


डा राय, जो भारत बायोटेक के नाक के टीके के नैदानिक परीक्षण के प्रमुख अन्वेषक भी हैं, ने कहा, 'यह कहना बहुत जल्दी है लेकिन हम मानते हैं कि भविष्य में नेजल वैक्सीन से बड़ी आशा है क्योंकि यह म्यूकोसल प्रतिरक्षा प्रदान कर सकता है, तब संक्रमण की रोकथाम संभव है। अधिकांश टीके संक्रमण को रोकने में सक्षम नहीं हैं, वे केवल गंभीरता को कम करते हैं। नेजल वैक्सीन नैतिक अनुमोदन के लिए चला गया है और अनुमोदन के बाद, हम परीक्षण शुरू करेंगे।'


एडेनोवायरल इंट्रानैसल वैक्सीन BBV154 भारत में मानव परीक्षणों से गुजरने वाला अपनी तरह का पहला COVID-19 वैक्सीन है। बता दें कि पूरे भारत में केरल ही केवल सबसे प्रभावित राज्य है। यहां देश में सामने आ रहे मामलों में आधे से अधिक केस दर्ज हो रहे हैं। इसको लेकर सरकार व लोगों में भी चिंता बढ़ी हुई है।


अदालतों में सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका, केंद्र व राज्यों को कदम उठाने का दिया जाए निर्देश

अदालतों में सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका, केंद्र व राज्यों को कदम उठाने का दिया जाए निर्देश

दिल्ली की एक जिला अदालत के भीतर शुक्रवार को गोलीबारी की घटना के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर केंद्र और राज्यों को अधीनस्थ अदालतों में सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। याचिका में कहा गया है कि गैंगस्टर और कुख्यात अपराधियों को प्रत्यक्ष रूप से पेश करने के बजाय निचली अदालत के समक्ष जेलों से वीडियो कांफ्रेंस के जरिये पेश किया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट में वकील विशाल तिवारी ने यह याचिका दायर की है। एक अन्य वकील दीपा जोसेफ ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया। उन्होंने अधिकारियों को राष्ट्रीय राजधानी में जिला अदालतों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने का निर्देश देने का आग्रह किया। दिल्ली की रोहिणी अदालत में गैंगस्टर जितेंद्र मान उर्फ गोगी की दो हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। हमलावर वकील के वेश में आए थे। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों हमलावर भी मारे गए।


आवेदन एक लंबित याचिका में शीर्ष अदालत में दायर किया गया

शीर्ष अदालत के एक अधिकारी ने बताया कि प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना ने शुक्रवार को यहां भीड़भाड़ वाले अदालत कक्ष के अंदर गोलीबारी पर गहरी चिंता व्यक्त की और इस सिलसिले में दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल से बात की थी। तिवारी का आवेदन एक लंबित याचिका में शीर्ष अदालत में दायर किया गया है।

न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया

इस याचिका में झारखंड में 28 जुलाई को धनबाद के जिला और सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद की वाहन से कुचलकर हत्या के मामले का हवाला देते हुए न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया। दिल्ली में हुई गोलीबारी का जिक्र करते हुए अर्जी में कहा गया है कि ऐसी घटनाएं न केवल न्यायिक अधिकारियों, वकीलों और अदालत परिसर में मौजूद अन्य लोगों के लिए बल्कि न्याय प्रणाली के लिए भी खतरा हैं।