मेडिकल दाखिले से जुड़ी परीक्षा 'नीट' हो सकती है थोड़ी आसान

मेडिकल दाखिले से जुड़ी परीक्षा 'नीट' हो सकती है थोड़ी आसान

परीक्षाओं से जुड़े छात्रों के तनाव को कम करने की कोशिशों के बीच सरकार अब मेडिकल में दाखिले से जुड़ी परीक्षा 'नीट' (नेशनल एलिजिबिलिटी एट्रेंस टेस्ट) की राह को भी आसान बना सकती है। इसमें इस पूरी परीक्षा के आकलन पैटर्न को बदला जा सकता है। जो विकल्प सुझाए गए हैं, उनमें बायोलाजी (जीव विज्ञान) और केमिस्ट्री (रसायन शास्त्र) विषयों के प्रदर्शन को प्राथमिकता देकर उसके आधार पर मेरिट तैयार करने और फिजिक्स (भौतिक विज्ञान) में सिर्फ न्यूनतम स्कोर रखने पर जोर दिया गया है। अभी इसे लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है, लेकिन जल्द ही कोई निर्णय हो सकता है।

बदलाव के पीछे दिए जा रहे ये तर्क 

खास बात यह है कि नीट के आकलन पैटर्न में बदलाव के इन सुझावों के पीछे जो तर्क हैं, उसके मुताबिक मेडिकल की पढ़ाई में बायोलाजी और केमिस्ट्री से जुड़े ज्ञान की ही उपयोगिता ज्यादा है। ऐसे में छात्रों की योग्यता को भी इन्हीं दोनों विषयों में उनके प्रदर्शन के आधार पर परखा जाना चाहिए। रही बात फिजिक्स की, तो इसमें छात्रों के लिए सिर्फ न्यूनतम अंक हासिल करने की बाध्यता हो। यह सुझाव इसलिए भी अहम है क्योंकि नीट की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए आमतौर पर फिजिक्स एक कठिन विषय माना जाता है।


इन विषयों की होती है परीक्षा 

इंजीनियरिंग में दाखिले से जुड़ी जेईई-मेंस और एडवांस जैसी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए मैथ्स (गणित) और फिजिक्स अहम विषय माने जाते हैं। मौजूदा समय में नीट के लिए बायोलाजी, केमिस्ट्री और फिजिक्स विषयों की परीक्षा होती है। हालांकि इसमें सबसे ज्यादा सवाल बायोलाजी से ही पूछे जाते हैं।

आसान होगी राह 


सूत्रों के मुताबिक, अगर ऐसा हुआ तो नीट की तैयारी करने वाले छात्रों की राह पहले के मुकाबले आसान होगी। फिलहाल एनटीए (नेशनल टेस्टिं‍ग एजेंसी) और स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच इन पहलुओं पर मंथन चल रहा है। इसे लेकर क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों से भी सुझाव मांगे गए हैं।

परीक्षाओं को आसान बनाने की पहल 

मालूम हो कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में परीक्षाओं को आसान बनाने की सिफारिश की गई है। इसके बाद ही शिक्षा मंत्रालय ने बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े अहम बदलावों को लेकर पहल तेज की है जिसमें सोच आधारित सवालों की अधिकता होगी। साथ ही एक साथ पूरे पाठ्यक्रम की परीक्षा कराने के बाद इसे चैप्टर या यूनिट के हिसाब से कराने का प्रस्ताव है। फिलहाल सीबीएसई ने इस वर्ष से बोर्ड परीक्षाओं को दो हिस्सों में आयोजित कराने का फैसला लिया है। जिसमें आधे पाठ्यक्रम की एक साथ और आधे की एक साथ परीक्षा होगी। आने वाले दिनों में परीक्षा को आसान बनाने के लिए और भी कदम उठाए जाएंगे। 


भारत रक्षा निर्यात में वैश्विक लीडर बने इसके लिए रक्षा मंत्रालय प्रयासरत: राजनाथ सिंह

भारत रक्षा निर्यात में वैश्विक लीडर बने इसके लिए रक्षा मंत्रालय प्रयासरत: राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जा रहा है। रक्षा मंत्री ने बेंगलुरु में कहा कहा कि रक्षा उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने और भारत को वैश्विक रक्षा आपूर्ति चेन का हिस्सा बनाने के उद्देश्य से हमने 2024-25 तक एयरोस्पेस, रक्षा सामान और सेवाओं में 35,000 करोड़ रुपये के निर्यात का लक्ष्य निर्धारित किया है।

उन्होंने आगे एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भारत पहली बार दुनिया के शीर्ष 25 रक्षा निर्यातक देश की सूची में शामिल हुआ है। रक्षा मंत्री ने कहा, 'स्टाकहोम अंतर्राष्ट्रीय शांति अनुसंधान संस्थान की 2020 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत पहली बार दुनिया के शीर्ष 25 रक्षा निर्यातक देश की सूची में शामिल हुआ है। भारत रक्षा निर्यात में वैश्विक लीडर बने इसके लिए रक्षा मंत्रालय लगातार प्रयास कर रहा है।'


हाल ही में राजनाथ सिंह ने नौसेना कमांडर सम्मेलन के तीन दिवसीय दूसरे संस्करण को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र को नौवहन की नियम आधारित स्वतंत्रता और मुक्त व्यापार जैसे सार्वभौमिक मूल्यों के साथ देखता है जिसमें सभी प्रतिभागी देशों के हितों की रक्षा हो। राजनाथ सिंह ने कहा कि व्यापार और अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए भारतीय समुद्र क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता कायम रखने की बेहद जरूरत है।