जुलाई का महीना आपके लिए कई बदलाव लेकर आ रहा

जुलाई का महीना आपके लिए कई बदलाव लेकर आ रहा

जुलाई का महीना आपके लिए कई परिवर्तन लेकर आ रहा है, जिसका असर आपकी जेब पर सीधा पड़ सकता है. यदि आप स्‍टेट बैंक ऑफ इण्डिया के ग्राहक हैं तो आपको एटीएम और चेक से भुगतान के लिए शुल्‍क देना होगा. वहीं डीएल बनवाने का भी उपाय बदलेगा और टीडीएस का दोगुना भुगतान करना होगा. इसके अतिरिक्त आधार पैन लिंक करने पर दोगुना चार्ज लगेगा. इसके साथ ही LPG गैस के मूल्य भी बढ़ सकते हैं.

आधार पैन कार्ड लिंक चार्ज
सीबीडीटी की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक एक जुलाई से आधार को पैन से लिंक करने पर ग्राहकों को 500 की स्थान अब 1000 रुपए का चार्ज देना होगा. यदि आपने अभी तक अपने आधार-पैन लिंक (Aadhaar-PAN Linking) को लिंक नहीं कराया है, तो जल्द करा लें. सीबीडीटी ने 29 मार्च, 2022 को एक नोटिफिकेशन जारी किया था.

SBI Basic Saving Deposit Account (शुन्‍य बचत खाता)
स्‍टेट बैंक ऑफ इण्डिया ने बेसिक सेविंग डिपॉजिट खाता के शुल्‍क में कई तरह का परिवर्तन किया है. अब ग्राहकों को बैंक से पैसे निकालने के लिए और चेक से पेमेंट करने के लिए नए सर्विस चार्ज का भुगतान करना होगा. बेसिक सेविंग डिपॉजिट एकाउंट के ग्राहकों को एक महीने में सिर्फ चार बार ही एटीएम से पैसे निकासी के लिए फ्री ट्रांजैक्‍शन मिलेगा. इससे अधिक बार निकालने पर आपको 15 रुपए प्‍लस GST देना होगा. इसके अतिरिक्त एक एसबीआई ग्राहक 10 चेक लीव का इस्तेमाल कर सकते हैं, यदि एक्‍स्‍ट्रा चेक का इस्तेमाल करते हैं तो 10 एक्‍स्‍ट्रा पर 40 रुपए और GST जबकि 25 चेक पर 75 रुपए प्‍लस GST देना होगा.

बढ़ सकते हैं LPG गैस सिलेंडर के दाम
हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी गैस सिलेंडर के मूल्य बढ़ा दिए जाते हैं. ऐसे में हो सकता है कि 1 जुलाई को घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों को बढ़ा दिया जाएगा.

दोगुना कटेगा टीडीएस
अगर आपने अभी तक इनकम टैक्‍स रिटर्न दाखिल नहीं किया है तो आज और अभी यह काम कर लें, नहीं तो आपसे दोगुना टीडीएस वसूला जाएगा. हालाकि आईटीआर भरने की डेडलाइन 15 जुलाई है, लेकिन ऐसे लोग जिनके टीडीएस की रकम 50 हजार रुपए या अधिक है और इन्‍होंने दो वर्षों से आईटीआर नहीं भरा है तो अब 1 जुलाई से टीडीएस की दरें 10 से 15 फीसदी कटेगा, पहले यह हिस्‍सेदारी 5 से 10 फीसदी थी.

ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आरटीओ जाने की आवश्यकता नहीं
लर्नर्स ड्राइविंग लाइसेंस को अब 1 जुलाई से ऑफिस जाने की आवश्यकता नहीं होगी. किसी रजिस्‍ट्रर्ड ट्रेनिंग स्‍कूल से आपको ट्रेनिंग लेनी होगी. पूरी तरह से ट्रेनिंग लेने के बाद आपको डीएल मिल जाएगा.

नया IFSC कोड
केनरा बैंक में मर्जर होने के बाद अब सिंडिकेंट बैंक के ग्राहकों को नया आईएफएससी कोड जारी किया जाएगा. ग्राहकों को एनएफटीआटीजीएस और आईएमपीएस के जरिए फंड लेने के लिए नए IFSC कोड का इस्तेमाल करना होगा.


भारत के आखिरी रेलवे स्टेशन को देख क्या बोलेंगे आप

भारत के आखिरी रेलवे स्टेशन को देख क्या बोलेंगे आप

Indias Last Railway Station: भारत का रेल इंफ्रास्ट्रक्चर अंग्रेजों के जमाने का है यहां आज भी कुछ नियम ऐसे हैं जो लंबे समय से चले आ रहे हैं ऐसे में ही यह रेलवे स्टेशन भी सबसे अनोखा है इसका नाम है सिंहाबाद रेलवे स्टेशन (Singhabad Railway Station), जो कि हिंदुस्तान का अंतिम रेलवे स्टेशन भी है 

आज भी अंग्रेजों के टाइम जैसा है ये स्टेशन

इस रेलवे स्टेशन की विशेषता यह है कि यह आज भी वैसा ही है, जैसा अंग्रेज छोड़कर गए थे यहां स्टेशन में हर चीज टिकट से लेकर गियर और रेलवे बैरियर तक अंग्रेजों के जमाने के हैं यहां पिछले कई वर्षों से कोई यात्री ट्रेन नहीं रुकती ये पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के हबीबपुर क्षेत्र में है सिंहाबाद से लोग पैदल भी कुछ किलोमीटर दूर बांग्लादेश में घूमते हुए चले जाते हैं इसके बाद हिंदुस्तान का कोई और रेलवे स्टेशन नहीं है ये बहुत छोटा स्टेशन है जहां कोई चहल पहल और भीड़भाड़ नहीं दिखती 

मालगाड़ियों के लिए होता है इस्तेमाल 

आपको बता दें कि इस रेलवे स्टेशन का उपयोग मालगाडियों के ट्रांजिट के लिए किया जाता है सिंहाबाद स्टेशन के नाम पर छोटा सा स्टेशन ऑफिस दिखता है, इसके पास एक-दो रेलवे के क्वॉर्टर हैं इस स्टेशन पर कर्मचारी भी नाम मात्र के ही हैं यहां के रेलवे बोर्डों में इसके नाम के साथ लिखा है- हिंदुस्तान का आखिरी स्टेशन

1978 में इस रूट पर प्रारम्भ हुईं मालगाड़ियां

गौरतलब है कि वर्ष 1971 की लड़ाई के बाद जब बांग्लादेश बना तो भारत- बांग्लादेश के बीच यातायात प्रारम्भ करने की मांग फिर जोर पकड़ने लगी 1978 में हिंदुस्तान और बांग्लादेश में एक समझौता हुआ, जिससे इस रुट पर माल गाड़ियां चलने लगीं ये हिंदुस्तान से बांग्लादेश आती और जाती थीं नवंबर 2011 में पुराने समझौते में संशोधन किया गया अब समझौते में नेपाल को भी शामिल कर लिया गया है यानी सिंहाबाद होकर नेपाल की ओर जाने वाली मालगाड़ियां भी चलने लगीं

नेपाल की ट्रेनें भी यहीं से गुजरती हैं

2011 के बाद से यहां से केवल बांग्लादेश ही नहीं बल्कि नेपाल की ओर जाने वाली ट्रेनें भी गुजरने लगीं गौरतलब है कि बांग्लादेश से नेपाल को काफी बड़े पैमाने पर खाद निर्यात होता है इन्हें लेकर जाने वाली मालगाड़ियों की खेप रोहनपुर-सिंहाबाद ट्रांजिट प्वॉइंट से निकलती है 

गांधी और सुभाष चंद बोस ने भी किया इस रूट का इस्तेमाल

ये स्टेशन कोलकाता से ढाका के बीच ट्रेन संपर्क के लिए उपयोग होता था वैसे यह स्टेशन आजादी से पहले का है, इसलिए इस रूट का उपयोग कई बार महात्मा गांधी और सुभाष चंद बोस ने ढाका जाने के लिए भी किया