अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए कोविन वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट में अहम बदलाव

अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए कोविन वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट में अहम बदलाव

अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए कोविन वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट में अहम बदलाव हुआ है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के सीईओ डा आरएस शर्मा के अनुसार, जिन लोगों ने कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराक ले ली हैं और विदेश यात्रा करना चाहते हैं, उनके कोरोना टीकाकरण प्रमाणपत्र उनकी पूरी जन्मतिथि लिखी होगी। इसमें वर्ष-महीना-दिन (yyyy-mm-dd) प्रारूप का पालन किया जाएगा और यह अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों के अनुसार होगी।

समाचार एजेंसी एएनआइ से बात करते हुए डा शर्मा ने कहा, 'चूंकि दुनिया धीरे-धीरे व्यापार और यात्रा के लिए खुल रही है, हम यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय यात्री बगैर किसी परेशानी के यात्रा कर सकें।अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए यह नई सुविधा डब्ल्यूएचओ मानकों के अनुसार होगी।' उन्होंने कहा कि विदेश यात्रा करने वाला प्रत्येक व्यक्ति अपने पासपोर्ट के अनुसार अपनी जन्मतिथि दर्ज करके कोविन पर अपने टीकाकरण प्रमाणपत्र को अपडेट कर सकता है और फिर से प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकता है।


डा शर्मा ने कहा कि वर्तमान में सर्टिफिकेट पर केवल जन्म का वर्ष लिखा होता है, जो प्रमाण पत्र में एक व्यक्ति की उम्र के रूप में प्रतिबिंबित होता है। बता दें कि ब्रिटेन ने 22 सितंबर को अपने नए यात्रा दिशानिर्देश जारी किए। इसमें भारत में सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा कोविशील्ड के नाम बनाई जा रही एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन को अपने अनुमोदित कोरोना टीकों की अपडेटेड लिस्ट शामिल किया था। ब्रिटेन ने पहले कोविशील्ड को मान्यता नहीं दी थी। इसके कारण उसकी काफी आलोचना हुई और फिर उसे यह कदम उठाना पड़ा।


हालांकि, कोविशिल्ड की दोनों डोज लेने वाले भारतीय यात्रियों को अभी भी ब्रिटेन में 10 दिनों तक आइसोलेशन में रहना होगा। लिस्ट में कोविशील्ड को शामिल करने के बाद ब्रिटेन के अधिकारियों ने बुधवार को स्पष्ट किया था कि वैक्सीन को शामिल करने से भारतीय यात्रियों को लेकर नियमों में बहुत फर्क नहीं पड़ेगा।


भारत रक्षा निर्यात में वैश्विक लीडर बने इसके लिए रक्षा मंत्रालय प्रयासरत: राजनाथ सिंह

भारत रक्षा निर्यात में वैश्विक लीडर बने इसके लिए रक्षा मंत्रालय प्रयासरत: राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जा रहा है। रक्षा मंत्री ने बेंगलुरु में कहा कहा कि रक्षा उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने और भारत को वैश्विक रक्षा आपूर्ति चेन का हिस्सा बनाने के उद्देश्य से हमने 2024-25 तक एयरोस्पेस, रक्षा सामान और सेवाओं में 35,000 करोड़ रुपये के निर्यात का लक्ष्य निर्धारित किया है।

उन्होंने आगे एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भारत पहली बार दुनिया के शीर्ष 25 रक्षा निर्यातक देश की सूची में शामिल हुआ है। रक्षा मंत्री ने कहा, 'स्टाकहोम अंतर्राष्ट्रीय शांति अनुसंधान संस्थान की 2020 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत पहली बार दुनिया के शीर्ष 25 रक्षा निर्यातक देश की सूची में शामिल हुआ है। भारत रक्षा निर्यात में वैश्विक लीडर बने इसके लिए रक्षा मंत्रालय लगातार प्रयास कर रहा है।'


हाल ही में राजनाथ सिंह ने नौसेना कमांडर सम्मेलन के तीन दिवसीय दूसरे संस्करण को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र को नौवहन की नियम आधारित स्वतंत्रता और मुक्त व्यापार जैसे सार्वभौमिक मूल्यों के साथ देखता है जिसमें सभी प्रतिभागी देशों के हितों की रक्षा हो। राजनाथ सिंह ने कहा कि व्यापार और अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए भारतीय समुद्र क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता कायम रखने की बेहद जरूरत है।