कर्नाटक के SDM मेडिकल कॉलेज में कोरोना का कोहराम, 66 छात्र पॉजिटिव, प्रशासन ने सील किए 2 हॉस्टल

कर्नाटक के SDM मेडिकल कॉलेज में कोरोना का कोहराम, 66 छात्र पॉजिटिव, प्रशासन ने सील किए 2 हॉस्टल

बेंगलुरू। कर्नाटक के एसडीएम मेडिकल कॉलेज में 66 छाए कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। जिसके बाद हड़कंप मच गया और प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मेडिकल कॉलेज के 2 हॉस्टलों को सील कर दिया। धारवाड़ उपायुक्त नितेश पाटिल ने बताया कि कोरोना के मामलों में इजाफा हो सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक धारवाड़ उपायुक्त नितेश पाटिल ने बताया कि कोरोना के मामलों में इजाफा हो सकता है क्योंकि छात्रों ने कॉलेज के एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। कोरोना का शिकार हुए सभी छात्र प्रथम वर्ष के छात्र हैं। कॉलेज में दाखिला लेने वाले ज्यादातर छात्र दूसरे राज्यों के हैं। 

छात्रों के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद एहतियात के तौर पर एसडीएम मेडिकल कॉलेज के दो हॉस्टल को सील कर दिया गया है। अभी तक करीब 300 छात्रों का कोरोना टेस्ट हुआ, जिसमें से 66 छात्र पॉजिटिव पाए गए और भी छात्रों का टेस्ट किए जाने की संभावना है।


स्कूल में फूड पैकेट बांटने का टेंडर रद्द, बच्चों को मिलेंगे पैसे, झारखंड मध्याह्न भोजन प्राधिकरण का पत्र जारी

स्कूल में फूड पैकेट बांटने का टेंडर रद्द, बच्चों को मिलेंगे पैसे, झारखंड मध्याह्न भोजन प्राधिकरण का पत्र जारी

रांची : राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़नेवाले बच्चों को मध्याह्न भोजन का फूड पैकेट देने का टेंडर रद्द कर दिया गया है. झारखंड राज्य मध्याह्न भोजन प्राधिकरण द्वारा मंगलवार को इस संबंध में पत्र जारी कर दिया गया. प्राधिकरण द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि टेंडर को तत्काल प्रभाव से पूर्णत: रद्द किया गया है. बच्चों को एक अक्तूबर 2020 से 31 मार्च 2020 तक कुल 134 दिनों का कुकिंग काॅस्ट दिया जाना है.

इसके लिए 28 सितंबर को टेंडर जारी किया गया था. टेंडर को लेकर प्रक्रिया भी शुरू हो गयी थी. टेक्निकल बिड खोलने की प्रक्रिया पूरी हो गयी थी. इसके बाद की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी. वहीं, दूसरी ओर पैकेट उपलब्ध कराने का टेंडर रद्द होने के बाद बच्चों को अब कुकिंग काॅस्ट की राशि देने की तैयारी है. इस संबंध में मध्याह्न भोजन प्राधिकरण द्वारा जल्द ही पत्र जारी होने की संभावना है. बच्चों को 134 दिनों के कुकिंग काॅस्ट के बराबर राशि दी जायेगी.

राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़नेवाले कक्षा एक से आठ तक के लगभग 32 लाख बच्चों को मध्याह्न भोजन दिया जाता है. इसके तहत चावल के अलावा कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के लिए 4.97 रुपये व कक्षा छह से आठ तक के बच्चों को 7.45 रुपये कुकिंग काॅस्ट की राशि दी जाती है. कुकिंग काॅस्ट के तहत दाल, नमक, तेल, मसाला, सब्जी की राशि दी जाती है. इन सामग्री का पैकेट बना कर राज्य के सरकारी स्कूल के बच्चों को देने का निर्णय लिया गया था.

मार्च 2020 से बंद है मिड डे मील :

कोरोना के बाद राज्य में मार्च 2020 से स्कूलों में मध्याह्न भोजन बनना बंद है. इस कारण बच्चों को चावल के अलावा अन्य सामग्री काे पैकेट देने का निर्णय लिया गया था.शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों में मध्याह्न भोजन बनाने की अनुमति देने को लेकर प्रस्ताव आपदा प्रबंधन विभाग को भेजा गया है. आपदा प्रबंधन विभाग से अनुमति मिलने के बाद स्कूलों में बच्चों को फिर से मध्याह्न भोजन दिया जायेगा.