भारत बायोटेक की आज डब्ल्यूएचओ के साथ बैठक

भारत बायोटेक की आज डब्ल्यूएचओ के साथ बैठक

भारत के स्वदेशी कोरोनारोधी टीके कोवैक्सीन (Covaxin) को मान्यता दिए जाने के मुद्दे पर आज विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के साथ भारत बायोटेक की बैठक होगी। इस बैठक में स्वदेशी कोविड-19 वैक्सीन कोवैक्सिन के आपातकालीन उपयोग सूची (ईयूएल) के लिए मूल्यांकन किया जाएगा। डब्ल्यूएचओ से मान्यता मिल जाने पर इस टीके को लगवाने वाले लोगों को विदेश जाने में सहूलियत होगी। इसके साथ ही इस टीके के निर्यात का भी रास्ता खुलेगा।

कोवैक्सीन को भारत बायोटेक ने आइसीएमआर के साथ मिलकर विकसित किया है। यह भारत में बनी पहली स्वदेशी वैक्सीन है। भारत में अभी कोरोना के खिलाफ तीन वैक्सीनों का इस्तेमाल हो रहा है। भारत बायोटेक की कोवैक्सीन भी इनमें से एक है। दूसरी वैक्सीन कोविशील्ड लगाई जा रही है। इसको आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और एस्ट्राजेनेका ने बनाया है, जिसका उत्पादन सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया कर रहा है। इसके अलावा रूस की स्पुतनिक-वी वैक्सीन भी लगाई जा रही है।

भारत बायोटेक की कोवैक्सीन तीसरे चरण में 77.8 फीसद प्रभावी पाई गई है। कंपनी ने पिछले हफ्ते ही ट्रायल का डेटा ड्रग कंट्रोलर जनरल आफ इंडिया को सौंपा था। मंगलवार को सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ने वैक्सीन के फेज तीन के ट्रायल के डेटा को मंजूरी दे दी। भारत बायोटेक की तरफ से केंद्र सरकार की कमेटी को यह रिपोर्ट सौंपी गई है। एसइसी की मंजूरी के बाद इस डेटा को अब डब्ल्यूएचओ को भी भेजा जा सकेगा।

भारत बायोटेक की कोवैक्सीन का डेटा अभी तक पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त, पीयर-रिव्यू जर्नल में प्रकाशित नहीं हुआ है। भारत बायोटेक ने इस महीने की शुरआत में कहा था कि दवा नियामक को प्रस्तुत करने के बाद और लगभग तीन महीने की समय सीमा के भीतर इस डेटा का प्रकाशन होगा।


देश में एक बार फिर कोरोना के मामलों में हुई बढ़ोतरी

देश में एक बार फिर कोरोना के मामलों में हुई बढ़ोतरी

देश में कोरोना (Coronavirus) के मामले एक बार फिर से बढ़ना शुरू हो रहे है. जिसके बाद चिकित्सा विभाग अलर्ट मोड पर आ गए है. बात करें मामलों की तो केरल में तेजी से कोरोना (Kerala Mein Corona Case) के मामले बढ़ रहे है. देशभर में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 43,654 नए मामले सामने आए (Aaj India Mein Corona Ke Kitne Naye Mamle Aae) है. वहीं, 640 लोगों की मौत भी हुई है. वहीं, कोरोना के कुल नए मामलों में आधे से ज्यादा मरीज अकेले केरल से हैं. केरल में मंगलवार को कोरोना के 22,129 नए मामले सामने आए हैं, जो कि 29 मई के बाद एक दिन में मिले संक्रमितों की सबसे बड़ी संख्या है. बढ़ते मामलों के बीच केरल इस समय सबसे अधिक चिंता का विषय बना हुआ है. देश के कुल मामलों का लगभग 50 परसेंट केरल से ही है. राज्य में पिछले 24 घंटे में 22129 केस दर्ज किए गए हैं. केरल में डेली मामलों का औसत करीब 16700 केस बना हुआ है. केरल के अलावा पूर्वोत्तर के राज्यों में भी कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. इन जगहों पर आए हैं मामले सबसे ज्यादा 4,037 मामले मलाप्पुरम से सामने आए हैं. इसके बाद त्रिशूर में 2,623, कोझिकोड से 2,397 और एर्नाकुलम से 2,352 और पलक्कड़ से 2,115 मामले मिले. इसके अलावा कोल्लम से 1,914 और कोट्टायम से 1,136, तिरुवनंतपुरम से 1,100, कन्नूर से 1,072 और अलप्पुझा से 1,064 मामले सामने आए. अलर्ट मोड पर केरल प्रशासन केरल प्रशासन बढ़ते मामलों को देखते हुए अलर्ट मोड पर आ गई है. विभाग ने अस्पतालों में व्यवस्था पूरी कर ली है. जिससे कोरोना की दूसरी लहर की तरह मामला न बिगड़े और समय रहते लोगों को इलाज मिल जाए. इन पांच राज्यों से कोरोना से सबसे अधिक नए मामले देश में जिन पांच राज्यों से कोरोना के सबसे अधिक नए मामले सामने आए हैं, उसमें केरल सबसे ऊपर है. इसके बाद हमेशा की तरह महाराष्ट्र से 6258 नए केस पिछले 24 घंटे में सामने आए. वहीं, तमिलनाडु से 1767 केस और आंध्र प्रदेश से 1540 नए मामले सामने आए. कर्नाटक से भी 1501 नए केस सामने आए हैं. कोरोना वैक्सीन की 44.61 करोड़ डोज देश में अभी तक कोविड-19 रोधी टीके की 44 करोड़ 61 लाख 56 हजार 659 डोज दी जा चुकी है. पांच राज्यों - गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 18-44 आयु वर्ग में एक करोड़ से अधिक लोगों को कोविड-19 रोधी टीके की खुराक दी गई है. वहीं, आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, दिल्ली, हरियाणा, झारखंड, केरल, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में 18-44 आयु वर्ग में 10 लाख से अधिक लोगों को टीके की पहली खुराक दी गई है.