सोनीपत में हादसा: टिकरी बॉर्डर जा रहे पंजाब के किसानों को ट्रक ने मारी टक्कर, 20 फुट तक घसीटा, एक की मौत

सोनीपत में हादसा: टिकरी बॉर्डर जा रहे पंजाब के किसानों को ट्रक ने मारी टक्कर, 20 फुट तक घसीटा, एक की मौत

रोहतक-पानीपत हाईवे पर बुधवार रात गांव माहरा के पास पंजाब के किसानों की ट्राली को ट्रक ने टक्कर मार दी। ट्रक दो किसानों को करीब 20 फुट तक घसीटते ले गया। हादसे में एक किसान की मौत हो गई और दूसरे की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना से नाराज किसानों ने करीब दो घंटे हाईवे पर जमकर हंगामा किया और जाम लगा दिया। मृतक किसान की पहचान बलजीत सिंह के रूप में हुई है।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसानों को शांत करा जाम खुलवाया और शव को गोहाना के नागरिक अस्पताल में रखवाया। बुधवार रात को पंजाब के बरनाला जिले के गांव डेलवा के 35 किसान दो ट्रैक्टर ट्राली में सवार होकर टिकरी बॉर्डर पर धरने में शामिल होने जा रहे थे। जब वह गोहाना के पास रोहतक-पानीपत हाईवे पर स्थित गांव माहरा के पास पहुंचे तो वहां एक ढाबे के पास खाना खाने को रुके, यहां पर किसान बलजीत सिंह ट्राली के पीछे खड़ा था। इसी दौरान पीछे से एक ट्रक ने उसे टक्कर मार दी, किसान ट्राली और ट्रक के बीच आ गया। इसी बीच ट्राली में बैठे बलवंत सिंह भी सिलिंडर से टकराकर घायल हो गए। 

बलजीत सिंह को ट्रक चालक करीब 20 फुट तक घसीटते ले गया और मौके से ट्रक लेकर भाग निकला। इससे गुस्साए किसानों ने हाईवे जाम कर दिया। मौके पर पहुंची बरोदा थाना पुलिस ने करीब दो घंटे बाद जाम खुलवाया और शव को गोहाना के नागरिक अस्पताल में पहुंचाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पंजाब के किसानों ने मृतक किसान के बेटे को सरकारी नौकरी देने व आर्थिक मदद की मांग की है।


EWS कोटा के लिए आय सीमा की होगी समीक्षा, SC की फटकार के बाद केंद्र ने बनाया तीन सदस्यीय पैनल

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केंद्र सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए आरक्षण यानी ईडब्लूएस कोटा के मानदंडों की समीक्षा करने का फैसला किया है। सुप्रीम कोर्ट से फटकार लगने के बाद मंगलवार को सामाजिक न्याय एवं सशक्तीकरण मंत्रालय ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मिलने वाले 10 फीसदी कोटा के मानदंडों के लिए समीक्षा के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति में पूर्व वित्त सचिव अजय भूषण पांडे, इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च के सदस्य वी.के. मल्होत्रा और भारत सरकार के प्रिंसिपल इकोनॉमिक एडवाइजर संजीव सान्याल शामिल हैं। समिति को अपना काम पूरा करने के लिए तीन हफ्तों का समय दिया गया है।

बता दें कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को आरक्षण के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को “उच्च-स्तरीय नीति पर पुनर्विचार” करने का सुझाव दिया था। मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी दी थी और कहा था कि केंद्र सार्वजनिक रूप से 10% कोटा प्रदान करने के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग  की पहचान करने के लिए हवा में 8 लाख रुपए की वार्षिक आय सीमा नहीं निकाल सकता। 

कोर्ट ने केंद्र की तरफ से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एएम नटराजन से कहा था कि आपके पास कुछ जनसांख्यिकीय या सामाजिक या सामाजिक आर्थिक डेटा होना चाहिए. आपने क्या किया है वो हमें बताएं। केंद्र से सुप्रीम कोर्ट ने 8 लाख की सीमा तय करने के आधार को स्पष्ट करने के लिए एक सप्ताह के भीतर केंद्र से हलफनामा मांगा है। कोर्ट ने कहा कि जब पहले से संवैधानिक तौर पर दिया गया 49 फीसदी कोटा अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए है तो ऐसे में 10 फीसदी ईडब्ल्यूएस कोटा देने से 50 फीसदी आरक्षण का नियम भंग हो सकता है।

बता दें कि उच्चतम न्यायालय छात्रों की याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है जिसमें मौजूदा अकादमिक वर्ष के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-पीजी) में चिकित्सा पाठ्यक्रमों के लिए दाखिले में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण और ईडब्ल्यूएस के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण उपलब्ध कराने के लिए केंद्र तथा मेडिकल काउंसिलिंग कमिटी के 29 जुलाई के नोटिस को चुनौती दी गई है।