संजीव चावला की याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिया 28 फरवरी तक पूछताछ करने का आदेश, पढ़े

 संजीव चावला की याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिया 28 फरवरी तक पूछताछ करने का आदेश, पढ़े

भारत-दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट मैच-फि¨क्सग मुद्दे में प्रत्यर्पण कर दिल्ली लाए गए संजीव चावला की याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को अपना निर्णय सुनाया. न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा की पीठ ने जाँच एजेंसी को तिहाड़ कारागार में ही चावला से निर्धारित समयसीमा के अंदर 28 फरवरी तक पूछताछ करने का आदेश दिया. 

जाँच एवं पूछताछ के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की तकनीक का प्रयोग करने की अनुमति दी गई. पीठ ने बोला कि चावला को मुकदमा चलने व सजा सुनाए जाने तक तिहाड़ कारागार में रखा जाए, जैसा कि हिंदुस्तान सरकार ने विदेशी प्राधिकारियों को आश्वासन दिया था.

12 दिन के न्यायिक हिरासत के आदेश को चुनती देने वाली चावला की याचिका पर पीठ ने स्पष्ट किया कि इसके बाद चावला से पूछताछ के लिए कोई अनुमति नहीं दी जाएगी. पीठ ने जाँच एजेंसी से बोला कि पूछताछ के दौरान चावला से सम्मानजनक व्यवहार करना होगा. पीठ ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) संजय जैन की उस दलील को रिकॉर्ड पर लिया कि एजेंसी द्वारा चावला से सिर्फ धोखाधड़ी व आपराधिक साजिश के मुद्दे में पूछताछ की जाएगी.

बुधवार को गृह मंत्रालय ने दिल्ली उच्च न्यायालय में जानकारी दी थी कि सरकार ने कभी भी यूनाइटेड किंगडम (यूके) की न्यायालय को यह आश्वासन नहीं दिया कि संजीव चावला से जुड़े मुद्दे में आगे कोई जाँच नहीं होगी. गृह मंत्रालय ने पीठ को बताया कि निष्पक्ष ट्रायल के लिए संजीव के विरूद्ध जुटाए गए सुबूतों से सामना कराना पड़ेगा, ताकि साजिश का पता लगाया जा सके व इसमें शामिल अन्य आरोपितों की पहचान की जा सके.

13 फरवरी को निचली न्यायालय ने मुद्दे में पूछताछ के लिए संजीव चावला को 12 दिन के लिए दिल्ली पुलिस की हिरासत में भेज दिया था. याचिका पर एएसजी संजय जैन ने बोला था कि तिहाड़ कारागार में रहेंगे व जाँच एजेंसी वहीं पर उनसे पूछताछ करेगी. उन्होंने बोला कि अगर जाँच के लिए चावला को कारागार से बाहर ले जाने की आवश्यकता होगी तो न्यायालय से इसकी अनुमति ली जाएगी.

एएसजी ने बोला था कि हिंदुस्तान सरकार ने क्रमबद्ध ढंग से यूके न्यायालय में बोला था कि चावला से अब तक पूछताछ नहीं की गई है व वह कभी जाँच के लिए उपलब्ध नहीं रहा है.

फरवरी-मार्च 2000 में हिंदुस्तान में आयोजित हुई भारत-दक्षिण अफ्रीका टेस्ट क्रिक्रेट मैच सीरीज में हुई फि¨क्सग मुद्दे में 19 वर्ष बाद संजीव चावला को लंदन से प्रत्यर्पण पर दिल्ली लाया गया था. दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कैप्टन हैंसी क्रोनिए भी इस फि¨क्सग में शामिल थे व 2002 में उनका विमान एक्सीडेंट में निधन हो गया था.