हरियाणा के फरीदाबाद में एक्‍यूआई का स्‍तर हुआ 999, दिल्‍ली की भी हवा बेहद खराब

हरियाणा के फरीदाबाद में एक्‍यूआई का स्‍तर हुआ 999, दिल्‍ली की भी हवा बेहद खराब

नई दिल्‍ली। दिल्‍ली और इसके आस-पास सटे इलाकों की एयर क्‍वालिटी गुरुवार की सुबह 8 बजे बेहद खराब स्‍तर पर रिकार्ड की गई है। सफर इंडिया के ताजा आंकड़ों के मुताबिक दिल्‍ली का एयर क्‍वालिटी इंडेक्‍स 339 पर है जो बेहद खराब है, जबकि aqicn.org के आंकड़ों के मुताबिक हरियाणा के फरीदाबाद में हवा में प्रदूषण का स्‍तर गंभीर रिकार्ड किया गया है। यहां के विभिन्‍न सेक्‍टर में एक्‍यूआई का स्‍तर 999 रहा है। दिल्‍ली के अक्षरधाम मंदिर और सराय काले खां इलाके में सुबह सड़क पर वाहनों की कम रफ्तार देखी गई है। इसकी वजह स्‍माग रहा है। इसके चलते अधिक दूर तक साफ देखना संभव नहीं हो रहा था, जिसके चलते वाहनों की रफ्तार कम रही।

बता दें कि वायु प्रदूषण को लेकर छह अलग-अलग कैटेगिरी बनी हुई हैं। इसके मुताबिक अच्‍छा में 0-50, संतोषजनक में 50-100, माड्रेट में 100-200, खराब में 200-300, बेहद खराब में 300-400 और गंभीर में 400 से ऊपर का एक्‍यूआई स्‍तर शामिल है। 

सफर इंडिया की हैल्‍थ एडवाइजरी में उन लोगों को चेतावनी दी गई है जो फैंफड़ों की बीमारी से ग्रस्‍त हैं। इसके अलावा बुजुर्ग और बच्‍चों और ऐसे लोग जो लंबी बीमारी से पीडि़त हैं उनको भी संभलकर रहने की सलाह दी गई है। गौरतलब है कि इस तरह की प्रदूषण से भरी हवा में अधिक देर तक सांस लेने से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी तक जन्‍म ले सकती हैं। 

aqicn.org के ताजा आंकड़ों की बात करें तो सुबह 9 बजे हरियाणा के फरीदाबाद में एक्‍यूआई का स्‍तर 999 रिकार्ड किया गया है जो गंभीर श्रेणी में आता है। गुरुग्राम में 352, हिसार में 466, रोहतक 345, जिंद में 316 रिकार्ड किया गया है।

दिल्‍ली की बात करें तो यहां पर गुरुवार की सुबह एयर क्‍वालिटी का स्‍तर बेहद खराब से गंभीर श्रेणी में रिकार्ड किया गया है। राजधानी के विभिन्‍न इलाकों की बात करें तो आनंद विहार पर 466, सोनिया विहार में 412, जहांगीरपुर में 523, झिलमिल में 538, आरकेपुरम में 444, मेजर ध्‍यान चंद नेशनल स्‍टेडियम पर 727, रोहिणी में 574, बवाना में 494, आनंद विहार में 396, नरेला में 475 रिकार्ड किया गया है।

उत्‍तर प्रदेश के ग्रेटर नोयडा में एक्‍यूआई का स्‍तर 514, बुलंदशहर में 383, हापुड़ में 423, मुरादाबाद में 581, गाजियाबाद के संजय नगर में 310, इंद्रापुरम में 414, लोनी में 459, नोयडा के सेक्‍टर 116 में 499, सेक्‍टर 62 पर 572, मेरठ में 388 रिकार्ड किया गया है।


क्या बिना मर्जी लगाया जा सकता है कोरोना का टीका? सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिया जवाब

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नई दिल्ली: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी कोविड-19 टीकाकरण दिशानिर्देशों में किसी व्यक्ति की सहमति के बिना उसका जबरन टीकाकरण कराने की बात नहीं की गई है। दिव्यांगजनों को टीकाकरण प्रमाणपत्र दिखाने से छूट देने के मामले पर केंद्र ने न्यायालय से कहा कि उसने ऐसी कोई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी नहीं की है, जो किसी मकसद के लिए टीकाकरण प्रमाणपत्र साथ रखने को अनिवार्य बनाती हो।

केंद्र ने गैर सरकारी संगठन एवारा फाउंडेशन की एक याचिका के जवाब में दायर अपने हलफनामे में यह बात कही। याचिका में घर-घर जाकर प्राथमिकता के आधार पर दिव्यांगजनों का टीकाकरण किए जाने का अनुरोध किया गया है। हलफनामे में कहा गया है कि भारत सरकार और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देश संबंधित व्यक्ति की सहमति प्राप्त किए बिना जबरन टीकाकरण की बात नहीं कहते। केंद्र ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की मर्जी के बिना उसका टीकाकरण नहीं किया जा सकता।