अमित शाह ने कहा, "मैं पुलवामा हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि देता हूं"

अमित शाह ने कहा, "मैं पुलवामा हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि देता हूं"

14 फरवरी, 2019 का वो काला दिन जब अपने जवानों की वीरगति पर सारे देश की आंखों में आंसू थे. दोपहर के 3:30 बजे रहे थे, जब आतंकवादियों ने वीर जवानों के काफिले पर हमला कर दिया था. इसमें देश के 40 जवानों ने अपनी वीरगति दी थी. एक वर्ष हो गया है इस दुखद घटना को, लेकिन आज भी दिलों में पुलवामा हमला का दर्द उपस्थित है. वहीं, आज इन जवानों को श्रद्धांजलि भी दी जा रही है.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'मैं पुलवामा हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि देता हूं. हिंदुस्तान हमेशा हमारे बहादुरों व उनके परिवारों का आभारी रहेगा जिन्होंने हमारी मातृभूमि की संप्रभुता व अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया.'

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 2019 में इसी दिन पुलवामा (J & K) में हुए बेरहमी से हमले के दौरान शहीद जवानों को याद करते हुए कहा, 'भारत उनके बलिदान को कभी नहीं भूलेगा. संपूर्ण देश आतंकवाद के विरूद्ध एकजुट है व हम इस खतरे के विरूद्ध अपनी लड़ाई जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं.'

सीआरपीएफ की 78 बसें करीब 2500 जवानों को लेकर नेशनल हाईवे 44 से गुजर रही थीं. हर बार की तरह इस बार सड़क पर दूसरे वाहनों की आवाजाही को रोके बिना ये काफिला आगे बढ़ रहा था. बसों में बैठे कई जवान छुट्टी पर वापस अपने घर जा रहे थे.

तभी एक कार ने सड़क की दूसरी तरफ से आकर इस काफिले के साथ चल रही बस में टक्‍कर मार दी. इसके बाद हुआ एक जबरदस्‍त धमाका, जिसमें बस के साथ जवानों के शरीर के परखच्‍चे भी उड़ गए. जवान कुछ समझ पाते या हमले का जवाब देने के लिए अपनी पॉजीशन ले पाते, इससे पहले उनके ऊपर आतंकवादियों ने फायरिंग प्रारम्भ कर दी. सीआरपीएफ जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की लेकिन आतंकवादी वहां से भागने में पास हो गए.

कुछ ही देर में ये समाचार मीडिया के जरिए सारे देश में आग की तरह फैल गई. हर कोई इस हमले से गुस्‍से में था. इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे. यह जवान सीआरपीएफ की 76 बटालियन से थे. इसके अतिरिक्त कई जवान घायल हो गए थे.