हैदराबाद गैंगरेप केस : इस केस में ऐसे मिली थी पुलिस को कामयाबी, जाने

हैदराबाद  गैंगरेप केस : इस केस में ऐसे मिली थी पुलिस को कामयाबी, जाने

हैदराबाद में पहले महिला चिकित्सक के साथ गैंगरेप, फिर उसकी मर्डर व बाद में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए आरोपियों की समाचार से देश में आकस्मित हाहाकार मच गया. गैंगरेप व हत्या की घटना ने सबको झकझोर दिया था. हालांकि, जब पुलिस एनकाउंटर में सभी आरोपियों की मृत्यु हो गई तो लोगों ने बोला न्याय हो गया? इतना ही नहीं लोगों ने पुलिस की जमकर तारीफ की व उनपर फूल भी बरसाए. लेकिन, इन सबके बीच एनकाउंटर पर सवाल उठे है, जिसकी जाँच हो रही है. लेकिन, गैंगरेप की गुत्थी को सुलझाने में पुलिस को इस तस्वीर ने सबसे ज्यादा मदद की. जानिए, क्या है इस तस्वीर की पूरी कहानी?

दरअसल, हैदराबाद में महिला चिकित्सक दिशा के साथ गैंगरेप व उसकी मर्डर वाले मुद्दे में पुलिस को कुछ सीसीटीवी फुटेज हाथ लगे. जब फुटेज की छानबीन प्रारम्भ हुई तो परत-दर-परत सच्चाई सामने आने लगी. इतना ही नहीं इसी के सहारे पुलिस आरोपियों तक पहुंच पाई थी. इस शख्स ने ही पुलिस को आरोपियों के बारे में बताया था. इसके साथ ही पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मुहैया कराए थे. सीसीटीवी फुटेज में चिकित्सक दिशा को जलाने के लिए आरोपी पेट्रोल पंप से पेट्रोल खरीदते नजर आ रहा है. पुलिस इन्हीं सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चिकित्सक दिशा के आरोपियों तक पहुंची थी.

घटनास्थल के पास पेट्रोल पंप पर उपस्थित कर्मी ने एक मीडिया हाउस को बताया कि वारदात वाली रात करीब एक बजे गैंगरेप का आरोपी जोलू शिवा चिकित्सक दिशा की डेड बॉडी को जलाने के लिए कुछ दूर पर स्थित पेट्रोल पंप पर पेट्रोल खरीदने के लिए आया था. आरोपी शिवा के हाथ में दो लीटर की खाली बोतल थी. हालांकि पेट्रोल पंप कर्मी ने उसको खुला पेट्रोल देने से मना कर दिया था. इसके बाद आरोपी पेट्रोल पंप से चला गया था. इस दौरान पेट्रोल पंप कर्मी को संदेह हुआ तो उसने आरोपी जोलू शिवा व उसके साथियों का पीछा किया. पेट्रोल पंप कर्मी ने बताया कि जब आरोपी को यहां पर पेट्रोल नहीं दिया गया, तो उसने आगे जाकर दूसरे पेट्रोल पंप से पेट्रोल खरीदा था.

इसी पेट्रोल पंप में पेट्रोल खरीदने आए आरोपी जोलू शिवा की फोटोज़ सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई थीं. पुलिस को आरोपियों का पहला सुराग भी यहीं से मिला. पेट्रोल पंप के कर्मी ने इसकी जानकारी पुलिस को दी. जिसके बाद पुलिस हरकत में आई व आरोपी का स्केच भी बनवाया था. आरोपियों की जब तक गिरफ्तारी नहीं हुई तब तक पुलिस ने उस पेट्रोल कर्मी को अपने पास व बाद में उसने ही आरोपियों की पहचान की व इतना बड़ा राज खुला.