बांद्रा के बैंडस्टैंड में 20 वर्ष की लड़की के साथ गैंगरेप

बांद्रा के बैंडस्टैंड में 20 वर्ष की लड़की के साथ गैंगरेप

मुंबई: बांद्रा पुलिस ने तीन लोगों को एक 20 वर्ष की लड़की से गैंगरेप करने के आरोप में हिरासत में लिया है एक वरिष्ठ ऑफिसर ने बताया कि चारों लोग एक दूसरे को जानते हैं पुलिस ने बताया कि चारों लोग मुंबई के गोवंडी स्थित शिवाजीनगर इलाके में रहते हैं

पुलिस ने बताया कि 12 मई की शाम को चारों कपड़े खरीदने के लिए शिवाजी बाजार गए थे चूंकि मुंबई में कोविड-19 के मामलों के चलते लॉकडाउन है, जिसकी वजह से कई दुकानें बंद हैं शिवाजी बाजार बंद होने के कारण चारों ने बांद्रा के बैंडस्टैंड जाने का फैसला लिया

अकेले होने का उठाया फायदा

एक ऑफिसर ने बताया कि घटना बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के मन्नत बंगले से कुछ मीटर की दूरी पर ही हुई है चारों ही मन्नत बंगले के सामने बैंडस्टैंड पर गए, जहां पर पीड़िता के अकेले होने का लाभ उठाकर तीनों ने उसका गैंगरेप किया इस घटना के बाद पीड़िता ने तुरंत ही मुद्दे की जानकारी बांद्रा पुलिस को दी

पुलिस ने पीड़िता की कम्पलेन के आधार पर आईपीसी की धारा 376, 376 (डी) और 34 के अनुसार केस दर्ज कर तीनों लड़कों को अरैस्ट कर लिया अरैस्ट लड़कों में से दो लोगों की आयु 21 वर्ष है तो तीसरे आरोपी की आयु 19 वर्ष है


भारत बायोटेक की आज डब्ल्यूएचओ के साथ बैठक

भारत बायोटेक की आज डब्ल्यूएचओ के साथ बैठक

भारत के स्वदेशी कोरोनारोधी टीके कोवैक्सीन (Covaxin) को मान्यता दिए जाने के मुद्दे पर आज विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के साथ भारत बायोटेक की बैठक होगी। इस बैठक में स्वदेशी कोविड-19 वैक्सीन कोवैक्सिन के आपातकालीन उपयोग सूची (ईयूएल) के लिए मूल्यांकन किया जाएगा। डब्ल्यूएचओ से मान्यता मिल जाने पर इस टीके को लगवाने वाले लोगों को विदेश जाने में सहूलियत होगी। इसके साथ ही इस टीके के निर्यात का भी रास्ता खुलेगा।

कोवैक्सीन को भारत बायोटेक ने आइसीएमआर के साथ मिलकर विकसित किया है। यह भारत में बनी पहली स्वदेशी वैक्सीन है। भारत में अभी कोरोना के खिलाफ तीन वैक्सीनों का इस्तेमाल हो रहा है। भारत बायोटेक की कोवैक्सीन भी इनमें से एक है। दूसरी वैक्सीन कोविशील्ड लगाई जा रही है। इसको आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और एस्ट्राजेनेका ने बनाया है, जिसका उत्पादन सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया कर रहा है। इसके अलावा रूस की स्पुतनिक-वी वैक्सीन भी लगाई जा रही है।

भारत बायोटेक की कोवैक्सीन तीसरे चरण में 77.8 फीसद प्रभावी पाई गई है। कंपनी ने पिछले हफ्ते ही ट्रायल का डेटा ड्रग कंट्रोलर जनरल आफ इंडिया को सौंपा था। मंगलवार को सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ने वैक्सीन के फेज तीन के ट्रायल के डेटा को मंजूरी दे दी। भारत बायोटेक की तरफ से केंद्र सरकार की कमेटी को यह रिपोर्ट सौंपी गई है। एसइसी की मंजूरी के बाद इस डेटा को अब डब्ल्यूएचओ को भी भेजा जा सकेगा।

भारत बायोटेक की कोवैक्सीन का डेटा अभी तक पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त, पीयर-रिव्यू जर्नल में प्रकाशित नहीं हुआ है। भारत बायोटेक ने इस महीने की शुरआत में कहा था कि दवा नियामक को प्रस्तुत करने के बाद और लगभग तीन महीने की समय सीमा के भीतर इस डेटा का प्रकाशन होगा।