वारदात में इस्तेमाल की गई स्कोडा कार पर लगा नंबर निकला फर्जी 

वारदात में इस्तेमाल की गई स्कोडा कार पर लगा नंबर निकला फर्जी 

विस्तार बठिंडा के गांव लहरा खाना में दो युवकों की गोली मारकर हत्या करने की वारदात में इस्तेमाल की गई स्कोडा कार पर लगा रजिस्ट्रेशन नंबर फर्जी निकला है। इस कार पर लगा नंबर हरियाणा के फरीदाबाद निवासी के नाम पर रजिस्टर्ड है। बुधवार को लहरा खाना में गुरुद्वारा के पास मनप्रीत छल्ला और मनप्रीत विक्की की अज्ञात हमलावरों ने गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने थाना नथाना में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी।

त्रों के अनुसार पुलिस टीमें वारदात को अंजाम देने वाले अज्ञात आरोपियों के साथ साथियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाने की तैयारी कर रही है। इस घटना के बाद फेसबुक पर जिम्मेदारी लेने वाले कनाडा निवासी गैंगस्टर सुक्खा दुन्नेके ने अपनी पोस्ट में गैंगस्टर भल्ला और फतह नागरी का जिक्र किया था। जिनको पुलिस आगामी दिनों में जेल से प्रोडक्शन वारंट पर ला सकती है। इसके लिए पुलिस टीम की ओर से कागजी कार्रवाई की जा रही है। 

इसके अलावा अब पुलिस स्कोडा कार सवार आरोपियों तक पहुंचने के लिए सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की सहायता ले रही है। सूत्रों ने बताया कि घटना के बाद जहां-जहां से स्कोडा कार गुजरी, वहां-वहां नजदीक लगे हर एक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को पुलिस टीम गहराई से देख रही है। पता चला है कि पुलिस को एक रास्ते से जब स्कोडा कार का नंबर स्पष्ट पता चला तो पुलिस की टीम उसी रास्ते पर लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देख रही। जिन-जिन कैमरों में स्कोडा कार दिखाई दे रही, उन कैमरों की फुटेज को संभाल कर रखा जा रहा है।  


क्या बिना मर्जी लगाया जा सकता है कोरोना का टीका? सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिया जवाब

क्या बिना मर्जी लगाया जा सकता है कोरोना का टीका? सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिया जवाब

नई दिल्ली: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी कोविड-19 टीकाकरण दिशानिर्देशों में किसी व्यक्ति की सहमति के बिना उसका जबरन टीकाकरण कराने की बात नहीं की गई है। दिव्यांगजनों को टीकाकरण प्रमाणपत्र दिखाने से छूट देने के मामले पर केंद्र ने न्यायालय से कहा कि उसने ऐसी कोई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी नहीं की है, जो किसी मकसद के लिए टीकाकरण प्रमाणपत्र साथ रखने को अनिवार्य बनाती हो।

केंद्र ने गैर सरकारी संगठन एवारा फाउंडेशन की एक याचिका के जवाब में दायर अपने हलफनामे में यह बात कही। याचिका में घर-घर जाकर प्राथमिकता के आधार पर दिव्यांगजनों का टीकाकरण किए जाने का अनुरोध किया गया है। हलफनामे में कहा गया है कि भारत सरकार और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देश संबंधित व्यक्ति की सहमति प्राप्त किए बिना जबरन टीकाकरण की बात नहीं कहते। केंद्र ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की मर्जी के बिना उसका टीकाकरण नहीं किया जा सकता।