डेंगू और वायरल फीवर की चपेट में देश, उत्तर प्रदेश में है सबसे अधिक मामले

डेंगू और वायरल फीवर की चपेट में देश, उत्तर प्रदेश में है सबसे अधिक मामले

भारत में सितंबर की शुरुआत से उत्तरी राज्य उत्तर प्रदेश समेत कई और राज्य इस वक्त कोरोना महामारी के साथ ही डेंगू व अन्य घातक बुखार के चपेट में है। इसके कारण दर्जनों मौतें हो रहीं हैं। अधिकारियों की ओर से मच्छरों को नष्ट करने के लिए कैंपेन चलाया जा रहा है। मध्य प्रदेश में भी अब तक 2400 से अधिक डेंगू के मामले सामने आ चुके हैं। वहीं बिहार की राजधानी पटना में वायरल बुखार के साथ-साथ डेंगू के मामले भी सामने आ रहे हैं। यहां के अस्पतालों और प्रभावित क्षेत्रों में उचित प्रबंधन किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश में डेंगू व वायरल फीवर का कहर, हर दिन हो रही मौतें

उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र में डेंगू और वायरल बुखार का कहर दिख रहा है। मंगलवार को तीन जिलों में 17 लोगों ने दम तोड़ दिया। अकेले फीरोजाबाद जिले में ही 10 मौतें दर्ज की गई। हाथरस में चार व कासगंज में तीन मौतें दर्ज हुई। मैनपुरी, मथुरा और हाथरस में डेंगू के 33 नए मरीज मिले हैं। मथुरा में 10 डेंगू मरीजों की पुष्टि हुई है। जिले में कुल मरीजों की संख्या 298 हो गई है। मैनपुरी में 11 नए मरीजों में डेंगू के लक्षणों की पुष्टि हुई। केंद्र की ओर से फिरोजाबाद व मथुरा का जायजा लेने के लिए एक टीम भेजी गई।


मेंगलुरु में निपाह का संदेह

केरल के कोझिकोड में निपाह वायरस से 12 वर्षीय बच्चे की मौत के हफ्ते भर बाद अब कर्नाटक के मेंगलुरु स्थित एक अस्पताल में संदिग्ध मरीज सामने आया है। दक्षिण कन्नड़ के उपायुक्त डा. केवी राजेंद्र ने इसकी पुष्टि की और कहा कि मामले को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि पीड़ित गोवा स्थित एक आरटी-पीसीआर टेस्ट किट निर्माण इकाई में काम करता है। उपायुक्त ने बताया कि संदिग्ध के नमूनों को जांच के लिए राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआइवी), पुणे भेजा गया है। उसके स्वजन को भी आइसोलेशन में रखा गया है।


अदालतों में सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका, केंद्र व राज्यों को कदम उठाने का दिया जाए निर्देश

अदालतों में सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका, केंद्र व राज्यों को कदम उठाने का दिया जाए निर्देश

दिल्ली की एक जिला अदालत के भीतर शुक्रवार को गोलीबारी की घटना के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर केंद्र और राज्यों को अधीनस्थ अदालतों में सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। याचिका में कहा गया है कि गैंगस्टर और कुख्यात अपराधियों को प्रत्यक्ष रूप से पेश करने के बजाय निचली अदालत के समक्ष जेलों से वीडियो कांफ्रेंस के जरिये पेश किया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट में वकील विशाल तिवारी ने यह याचिका दायर की है। एक अन्य वकील दीपा जोसेफ ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया। उन्होंने अधिकारियों को राष्ट्रीय राजधानी में जिला अदालतों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने का निर्देश देने का आग्रह किया। दिल्ली की रोहिणी अदालत में गैंगस्टर जितेंद्र मान उर्फ गोगी की दो हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। हमलावर वकील के वेश में आए थे। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों हमलावर भी मारे गए।


आवेदन एक लंबित याचिका में शीर्ष अदालत में दायर किया गया

शीर्ष अदालत के एक अधिकारी ने बताया कि प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना ने शुक्रवार को यहां भीड़भाड़ वाले अदालत कक्ष के अंदर गोलीबारी पर गहरी चिंता व्यक्त की और इस सिलसिले में दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल से बात की थी। तिवारी का आवेदन एक लंबित याचिका में शीर्ष अदालत में दायर किया गया है।

न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया

इस याचिका में झारखंड में 28 जुलाई को धनबाद के जिला और सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद की वाहन से कुचलकर हत्या के मामले का हवाला देते हुए न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया। दिल्ली में हुई गोलीबारी का जिक्र करते हुए अर्जी में कहा गया है कि ऐसी घटनाएं न केवल न्यायिक अधिकारियों, वकीलों और अदालत परिसर में मौजूद अन्य लोगों के लिए बल्कि न्याय प्रणाली के लिए भी खतरा हैं।