यूपी, हरियाणा और दिल्‍ली में जानलेवा हुआ वायु प्रदूषण, इन राज्‍यों में भी सांस लेने लायक नहीं है हवा

यूपी, हरियाणा और दिल्‍ली में जानलेवा हुआ वायु प्रदूषण, इन राज्‍यों में भी सांस लेने लायक नहीं है हवा

उत्‍तर भारत के राज्‍यों में लगातार प्रदूषण का स्‍तर बढ़ रहा है। राजधानी दिल्‍ली के विभिन्‍न इलाकों में सोमवार 8 नवंबर की सुबह सात बजे ही वायु प्रदूषण का स्‍तर गंभीर रिकार्ड किया गया। सेंट्रल पाल्‍यूशन कंट्रोल बोर्ड के ताजा आंकड़ों के मुताबिक आनंद विहार के इलाके में एक्‍यूआई लेवल 420 रिकार्ड किया गया जो कि एक दिन पहले दोपहर दो बजे 450 था। इसी तरह से सीआरआरआई मथुरा रोड का भी एक्‍यूआई लेवल बेहद खराब स्‍तर पर 388 रहा। एक दिन पहले ये 431 रिकार्ड किया गया था। चांदनी चौक में एक्‍यूआई लेवल 385 था जो बेहद खराब माना जाता है। एक दिन पहले यहां का एक्‍यूआई लेवल भी गंभीर स्‍तर पर था।

आईजीआई एयरपोर्ट बेहद खराब स्‍तर पर 353 मापा गया, जबकि एक दिन पहले ही ये 406 था। इभास दिलशाद गार्डन में आज सुबह एक्‍यूआई लेवल 369 रहा जबकि एक दिन पहले ये गंभीर स्‍तर पर 412 रिकार्ड किया गया था। आईटीओ में एक्‍यूआई 372 था और एक दिन पहले ये 442 था। जहांगीरपुर में एक्‍यूआई का स्‍तर सुबह 7 बजे ही गंभीर स्‍तर पर था। इसको 433 रिकार्ड किया गया, जबकि एक दिन पहले ही ये 469 था। जवाहरलाल नेहरू स्‍टेडियम सुबह 7 बजे 371 था एक दिन पहले दोपहर 2 बजे ये 441 था। 

इसी तरह से दिल्‍ली से सटे हरियाणा के अंबाला में सुबह 7 बजे एक्‍यूआई का स्‍तर बेहद खराब 354 रिकार्ड किया गया। इसी तरह बहादुरगढ़ में 336, भिवानी में 366, चरखी दादरी 385, बल्‍लभगढ़ 399, फरीदाबाद 370, गुरुग्राम 370, हिसार 390 रिकार्ड किया गया।


उत्‍तर प्रदेश में भी वायु प्रदूषण काफी अधिक है। आगरा में 440-460 के बीच रिकार्ड किया गया। बागपत में 415, बुलंदशहर में 402, फिरोजाबाद में 462, गाजियाबाद 4417-470 के बीच, हापुड़ 422, नेहरू नगर कानपुर में 481, लखनऊ के तालकटोरा डिस्ट्रिक्‍ट इंडस्‍ट्रीज सेंटर में 440, बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी में 390, और ग्रेटर नोयडा में खराब से बेहद खराब स्‍तर पर, मेरठ 409, व्रंदावन में 464, नोयडा में 404-421 तक एक्‍यूआई का स्‍तर रिकार्ड किया गया है।

बिहार के गया में एक्‍यूआई का स्‍तर संतोषजनक स्‍तर पर रिकार्ड किया गया। पटना में अधिकतर जगहों पर ये खराब से बेहद खराब रिकार्ड किया गया है। हाजीपुर में भी एक्‍यूआई का स्‍तर बेहद खराब रहा। 

पंजाब के अमृतसर, भठिंड और रूपनगर में माड्रेट, जालंधर, खन्‍ना, लुधियाना, पटियाला में बेहद खराब रिकार्ड किया गया है।


क्या बिना मर्जी लगाया जा सकता है कोरोना का टीका? सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिया जवाब

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नई दिल्ली: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी कोविड-19 टीकाकरण दिशानिर्देशों में किसी व्यक्ति की सहमति के बिना उसका जबरन टीकाकरण कराने की बात नहीं की गई है। दिव्यांगजनों को टीकाकरण प्रमाणपत्र दिखाने से छूट देने के मामले पर केंद्र ने न्यायालय से कहा कि उसने ऐसी कोई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी नहीं की है, जो किसी मकसद के लिए टीकाकरण प्रमाणपत्र साथ रखने को अनिवार्य बनाती हो।

केंद्र ने गैर सरकारी संगठन एवारा फाउंडेशन की एक याचिका के जवाब में दायर अपने हलफनामे में यह बात कही। याचिका में घर-घर जाकर प्राथमिकता के आधार पर दिव्यांगजनों का टीकाकरण किए जाने का अनुरोध किया गया है। हलफनामे में कहा गया है कि भारत सरकार और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देश संबंधित व्यक्ति की सहमति प्राप्त किए बिना जबरन टीकाकरण की बात नहीं कहते। केंद्र ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की मर्जी के बिना उसका टीकाकरण नहीं किया जा सकता।