संस्कृति मंत्रालय को हस्तांतरित हो रहा एयर इंडिया का बेशकीमती कला संग्रह

संस्कृति मंत्रालय को हस्तांतरित हो रहा एयर इंडिया का बेशकीमती कला संग्रह

हाल ही में एयर इंडिया की बिक्री टाटा समूह को किए जाने के बाद उसके बेशकीमती कला संग्रह को संस्कृति मंत्रालय को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया चल रही है। कला संग्रह को राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय (एनजीएमए) में प्रदर्शित किए जाने की संभावना है, जिसमें 2,000 से अधिक कलाकृतियां शामिल हैं।

एनजीएमए के महानिदेशक (डीजी) अद्वैत गणनायक ने बुधवार को बताया, 'हम पिछले कुछ समय से एयर इंडिया की कलाकृतियों को हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं। यह एक सतत प्रक्रिया है। हाल में हमारी एयर इंडिया के अधिकारियों के साथ बैठक हुई है।' उन्होंने कहा, 'अब फाइल (हस्तांतरण संबंधी) संस्कृति मंत्रालय के पास है। हमें उम्मीद है कि हम इसे प्राप्त कर लेंगे और एनजीएमए में प्रदर्शित करेंगे।'एयर इंडिया के कला संग्रह में एमएफ हुसैन, अंजलि इला मेनन, जतिन दास, एसएच रजा, वीएस गाइतोंडे और केए आरा समेत प्रसिद्ध कलाकारों की रचनाएं शामिल हैं।


तीन हाई कोर्टो में 14 जजों की नियुक्ति

तीन हाई कोर्टो में रिकार्ड 17 जजों की नियुक्ति के एक दिन बाद बुधवार को तीन अन्य हाई कोर्टो में 14 नए जजों की नियुक्ति की गई। नव नियुक्त जजों में 12 न्यायिक अधिकारी, एक अधिवक्ता और एक आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण के सदस्य हैं। कानून मंत्रालय में न्याय विभाग ने इन नियुक्तियों की सूची जारी की। इनमें सात जजों की नियुक्ति तेलंगाना हाई कोर्ट, चार की केरल हाई कोर्ट और तीन की ओडिशा हाई कोर्ट में की गई है। आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण की सदस्य पी. माधवी देवी को तेलंगाना हाई कोर्ट में जज नियुक्त किया गया है। इससे पहले भी न्यायाधिकरणों के सदस्यों को हाई कोर्ट में जज नियुक्त किया जाता रहा है। ये सदस्य अधिवक्ता होते हैं जो क्षेत्र विशेष के विशेषज्ञ होते हैं। याद दिला दें कि मंगलवार को ही इलाहाबाद, मद्रास और गुवाहाटी हाई कोर्टो में 17 जजों की नियुक्ति की गई थी।


भारत रक्षा निर्यात में वैश्विक लीडर बने इसके लिए रक्षा मंत्रालय प्रयासरत: राजनाथ सिंह

भारत रक्षा निर्यात में वैश्विक लीडर बने इसके लिए रक्षा मंत्रालय प्रयासरत: राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जा रहा है। रक्षा मंत्री ने बेंगलुरु में कहा कहा कि रक्षा उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने और भारत को वैश्विक रक्षा आपूर्ति चेन का हिस्सा बनाने के उद्देश्य से हमने 2024-25 तक एयरोस्पेस, रक्षा सामान और सेवाओं में 35,000 करोड़ रुपये के निर्यात का लक्ष्य निर्धारित किया है।

उन्होंने आगे एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भारत पहली बार दुनिया के शीर्ष 25 रक्षा निर्यातक देश की सूची में शामिल हुआ है। रक्षा मंत्री ने कहा, 'स्टाकहोम अंतर्राष्ट्रीय शांति अनुसंधान संस्थान की 2020 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत पहली बार दुनिया के शीर्ष 25 रक्षा निर्यातक देश की सूची में शामिल हुआ है। भारत रक्षा निर्यात में वैश्विक लीडर बने इसके लिए रक्षा मंत्रालय लगातार प्रयास कर रहा है।'


हाल ही में राजनाथ सिंह ने नौसेना कमांडर सम्मेलन के तीन दिवसीय दूसरे संस्करण को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र को नौवहन की नियम आधारित स्वतंत्रता और मुक्त व्यापार जैसे सार्वभौमिक मूल्यों के साथ देखता है जिसमें सभी प्रतिभागी देशों के हितों की रक्षा हो। राजनाथ सिंह ने कहा कि व्यापार और अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए भारतीय समुद्र क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता कायम रखने की बेहद जरूरत है।