पूर्ण राज्य के दर्जे के बाद जम्मू-कश्मीर में हों निष्पक्ष चुनाव: कर्ण सिंह

पूर्ण राज्य के दर्जे के बाद जम्मू-कश्मीर में हों निष्पक्ष चुनाव: कर्ण सिंह

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कर्ण सिंह ने जम्मू-कश्मीर में आम नागरिकों की हत्या और सुरक्षाकर्मियों के शहीद होने पर दुख प्रकट करते हुए कहा कि वहां पूर्ण राज्य के दर्जे की बहाली के साथ निष्पक्ष चुनाव कराए जाने चाहिए। जम्मू-कश्मीर के पहले सदर-ए-रियासत और फिर राज्यपाल रहे कर्ण सिंह ने केंद्र शासित प्रदेश में राजनीतिक प्रक्रिया जल्द शुरू करने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि उप राज्यपाल और प्रशासन बहुत अच्छा प्रयास कर रहे हैं, लेकिन ये निर्वाचित विधायिका और सरकार का विकल्प नहीं बन सकते हैं। उन्होंने एक बयान में कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया लंबी नहीं खिंचनी चाहिए और परिसीमन आयोग को अपना काम पूरा करने के लिए खुद समयसीमा तय करनी चाहिए।

पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल होने के बाद निष्पक्ष एवं स्वतंत्र चुनाव कराने की प्रक्रिया आरंभ हो सकती है। हम कुछ महीनों के भीतर स्थिर सरकार की उम्मीद कर सकते हैं। बता दें, कश्मीर में आतंकवादियों ने बीते दिनों सात लोगों की हत्या की है जिनमें चार लोग गैर मुस्लिम थे।

1984 दंगा बहुत ही वीभत्स था। यह दंगा देश की राजधानी दिल्ली के ऊपर हमेशा के लिए एक धब्बा रहेगा, जिसे कभी हटाया नहीं जा सकता। ये बातें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डा. कर्ण सिंह ने कहीं। मौका था प्रभा खेतान फाउंडेशन की ओर से एक मुलाकात कार्यक्रम का। इसके आयोजन में सहभागी रहा दैनिक जागरण, दिनेश नंदिनी रामकृष्ण डालमिया फाउंडेशन और अहसास वूमन आफ दिल्ली।

आनलाइन कार्यक्रम में लेखिका लेडी मोहिनी केंट संग बातचीत के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डा. कर्ण सिंह ने विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। बातचीत में विभाजन की विभीषिका के दौरान मानवीय व्यवहार पर डा. कर्ण सिंह ने कहा कि वो हिंसा का चरम था। दंगों के दौरान मानवीयता भुला दी गई थी। लोग एक-दूसरे के खिलाफ हिंसक हुए। इसी तरह 1984 के दंगों के दौरान मैं दिल्ली में था। दंगा दिल्ली के ऊपर हमेशा एक धब्बे की तरह रहेगा।


भारत रक्षा निर्यात में वैश्विक लीडर बने इसके लिए रक्षा मंत्रालय प्रयासरत: राजनाथ सिंह

भारत रक्षा निर्यात में वैश्विक लीडर बने इसके लिए रक्षा मंत्रालय प्रयासरत: राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जा रहा है। रक्षा मंत्री ने बेंगलुरु में कहा कहा कि रक्षा उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने और भारत को वैश्विक रक्षा आपूर्ति चेन का हिस्सा बनाने के उद्देश्य से हमने 2024-25 तक एयरोस्पेस, रक्षा सामान और सेवाओं में 35,000 करोड़ रुपये के निर्यात का लक्ष्य निर्धारित किया है।

उन्होंने आगे एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भारत पहली बार दुनिया के शीर्ष 25 रक्षा निर्यातक देश की सूची में शामिल हुआ है। रक्षा मंत्री ने कहा, 'स्टाकहोम अंतर्राष्ट्रीय शांति अनुसंधान संस्थान की 2020 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत पहली बार दुनिया के शीर्ष 25 रक्षा निर्यातक देश की सूची में शामिल हुआ है। भारत रक्षा निर्यात में वैश्विक लीडर बने इसके लिए रक्षा मंत्रालय लगातार प्रयास कर रहा है।'


हाल ही में राजनाथ सिंह ने नौसेना कमांडर सम्मेलन के तीन दिवसीय दूसरे संस्करण को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र को नौवहन की नियम आधारित स्वतंत्रता और मुक्त व्यापार जैसे सार्वभौमिक मूल्यों के साथ देखता है जिसमें सभी प्रतिभागी देशों के हितों की रक्षा हो। राजनाथ सिंह ने कहा कि व्यापार और अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए भारतीय समुद्र क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता कायम रखने की बेहद जरूरत है।