कोबरा सांप से कटवाकर पत्नी की हत्या करने वाले पति को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

कोबरा सांप से कटवाकर पत्नी की हत्या करने वाले पति को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

कोबरा सांप से कटवाकर अपनी पत्नी की हत्या करने वाले दोषी पति को केरल के कोल्लम की एक अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। केरल के कोल्लम की एक अदालत ने आज उस दोषी पति की सजा तय की, जिसे कोबरा से कटवाकर अपनी पत्नी की हत्या का दोषी पाया गया था। अदालत ने सोमवार को सो रही अपनी पत्नी पर कोबरा छोड़कर हत्या करने का दोषी ठहराया था। अदालत ने कहा था कि दोषी इस जघन्य अपराध के लिए सहानुभूति का पात्र नहीं है। अभियोजन पक्ष ने 32 वर्षीय दोषी के लिए सजा-ए-मौत की मांग की थी।

सो रही पत्नी पर फेंक दिया था कोबरा

सूरज को सोमवार को आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 307 (हत्या का प्रयास), 328 और 201 के तहत दोषी पाया गया था। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया था कि उसने 7 मई, 2020 को नशीला पदार्थ देकर उसके ऊपर कोबरा छोड़कर हत्या कर दी थी। 25 साल की महिला उतरा के एक सांप के काटने का पहले से ही इलाज चल रहा था, जिसके बाद उसके पति ने उसके ऊपर एक और कोबरा छोड़ दिया। अभियोजन पक्ष की तरफ से कहा गया है कि पहले सांप के काटने से वो बच गई थी, हालांकि दूसरी बार कोबरा के काटने के चलते उसकी मौत हो गई।


ऐसे खुली पत्नी की हत्या की पोल

जांच के दौरान एसआईटी को एक स्थानीय सांप हैंडलर सुरेश मिला, जो बाद में सरकारी गवाह बन गया। उसने सूरज को सांप दिया और उसे सांप को रखने की ट्रेनिंग भी दी। 6 मई 2020 को उतरा के सो जाने के बाद सूरज ने कथित तौर पर उस पर सांप फेंक दिया। मामला पिछले साल मई में उस वक्त सामने आया था, जब उतरा के माता-पिता ने उसकी मौत के दो दिन बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। मृतक के माता-पिता का आरोप था कि सूरज और उसके परिवार के सदस्यों ने उनकी बेटी के लिए दहेज को लेकर परेशान किया। दोनों की शादी को दो साल हो चुके थे।


जांचकर्ताओं को गुमराह करने की कोशिश के लिए सूरज के माता-पिता ने उतरा के भाई के खिलाफ एक जवाबी शिकायत दर्ज की, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसके माता-पिता उनकी संपत्ति को हड़पना चाहते हैं। उतरा के माता-पिता ने जांचकर्ताओं को बताया कि उसके ससुराल वाले उसे अधिक दहेज के लिए अक्सर प्रताड़ित करते थे।


भारत रक्षा निर्यात में वैश्विक लीडर बने इसके लिए रक्षा मंत्रालय प्रयासरत: राजनाथ सिंह

भारत रक्षा निर्यात में वैश्विक लीडर बने इसके लिए रक्षा मंत्रालय प्रयासरत: राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जा रहा है। रक्षा मंत्री ने बेंगलुरु में कहा कहा कि रक्षा उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने और भारत को वैश्विक रक्षा आपूर्ति चेन का हिस्सा बनाने के उद्देश्य से हमने 2024-25 तक एयरोस्पेस, रक्षा सामान और सेवाओं में 35,000 करोड़ रुपये के निर्यात का लक्ष्य निर्धारित किया है।

उन्होंने आगे एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भारत पहली बार दुनिया के शीर्ष 25 रक्षा निर्यातक देश की सूची में शामिल हुआ है। रक्षा मंत्री ने कहा, 'स्टाकहोम अंतर्राष्ट्रीय शांति अनुसंधान संस्थान की 2020 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत पहली बार दुनिया के शीर्ष 25 रक्षा निर्यातक देश की सूची में शामिल हुआ है। भारत रक्षा निर्यात में वैश्विक लीडर बने इसके लिए रक्षा मंत्रालय लगातार प्रयास कर रहा है।'


हाल ही में राजनाथ सिंह ने नौसेना कमांडर सम्मेलन के तीन दिवसीय दूसरे संस्करण को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र को नौवहन की नियम आधारित स्वतंत्रता और मुक्त व्यापार जैसे सार्वभौमिक मूल्यों के साथ देखता है जिसमें सभी प्रतिभागी देशों के हितों की रक्षा हो। राजनाथ सिंह ने कहा कि व्यापार और अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए भारतीय समुद्र क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता कायम रखने की बेहद जरूरत है।