Nirbhaya case : डेथ वारंट जारी करने को लेकर पटियाला हाउस न्यायालय मे चल रही सुनवाई

Nirbhaya case :  डेथ वारंट जारी करने को लेकर पटियाला हाउस न्यायालय मे चल रही सुनवाई

निर्भया मुद्दे (Nirbhaya case) में डेथ वारंट जारी करने को लेकर पटियाला हाउस न्यायालय (Patiala House Court) में सुनवाई चल रही है। गुरुवार को जब इस मुद्दे की सुनवाई चल रही थी तक न्यायालय रूम का माहौल थोड़ी देर के लिए गरम हो गया। 

निर्भया के परिवार के एडवोकेट जितेंद्र झा ने न्यायालय में दलील दी कि जारी न किए जाने से दोषी कारागार में आराम से हैं व एन्जॉय कर रहे हैं। ये सुनते ही दोषियों के एडवोकेट एपी सिंह को असहमति दर्ज कराई व न्यायालय रूम में ही जज के सामने दोनों एडवोकेट एक-दूसरे से भिड़ गए। बाद में जज ने दोनों वकीलों को शांत कराया।

ने कहा, कारागार में बैठे अपराधी आराम से हैं व कानून के साथ खेल रहे हैं। डेथ वारंट जारी न होने से कारागार में दोषी एन्जॉय कर रहे हैं। उन्होंने कहा, जब तक यहां से डेथ वारंट जारी नहीं होगा जाहिर तौर पर दोषी लीगल ऑप्शंस लेते रहेंगे व आराम से कारागार में बैठे रहेंगे। दोषी इसी तरह आगे भी कानून के साथ खेलेंगे।

निर्भया के एडवोकेट ने न्यायालय से कहा, आज ये तय करना बेहद महत्वपूर्ण हो गया है कि क्या कोर्ट को दोषियों द्वारा टेकन एज ग्रांटेड लेने देना चाहिए या नया डेथ वारंट जारी कर समाज के सामने एक उदाहरण पेश करना चाहिए। उन्होंने बोला कि अगर न्यायालय अभी भी डेथ वारंट जारी नहीं करता है तो दोषी इसी तरह कारागार के अंदर मजा लेते रहेंगे।

वकील जितेंद्र झा की दलील सुनने के बाद दोषियों के एडवोकेट एपी सिंह भड़क गए व कहे 6 जनवरी से जब से न्यायालय में दुबारा से इस मुद्दे में सुनवाई हुई है तब से उच्चतम न्यायालय व पटियाला हाउस न्यायालय में दर्जनों बार इस मुद्दे में सुनवाई की जा चुकी है। ऐसे में ये आरोप गलत है कि हम मुद्दे को लंबित कर रहे हैं।

एपी सिंह ने बोला मैंने अपनी 23 वर्ष की प्रैक्टिस में कभी नहीं देखा कि कारागार में फांसी की सजा पाया दोषी कारागार में एन्जॉय कर रहा हो। एडवोकेट ने बोला जो दोषी फांसी की सजा पाने के बाद राष्ट्रपति से दया की भीख मांग रहे हो, उनके लिए ये बात बोलना कि वह कारागार में एन्जॉय कर रहे हैं, एक भद्दा मजाक है। इसके बाद दोनों वकीलों के बीच तीखी बहस होने लिए जिसे रोकने के लए जज को बीच-बचाव करना पड़ा।