24 घंटे में 27,176 मामले और 284 मौतें, आधे से ज्यादा केस केरल में दर्ज

24 घंटे में 27,176 मामले और 284 मौतें, आधे से ज्यादा केस केरल में दर्ज

देश में कोरोना संक्रमण के नए मामलों में लगातार कमी दर्ज की जा रही है। पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 27 हजार से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें से करीब 16 हजार केस केरल के हैं। केरल में नए मामलों में मामूली गिरावट आई है। इससे पहले एक दिन में 20 हजार से ऊपर मामले दर्ज किए जा रहे थे। इसके अलावा 24 घंटे में 284 कोरोना मरीजों की मृत्यु हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 27,176 मामले दर्ज किए गए हैं और 284 मौतें हुई हैं। कुल मामलों में से 15,876 केस केरल में दर्ज किए गए हैं और 129 मौतें हुई हैं।


ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, बीते 24 घंटे में 38,012 लोग कोरोना से ठीक भी हुए हैं। बता दें कि देश में अभी तक कोरोना संक्रमण के कुल 3,33,16,755 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 3,25,22,171 लोग कोरोना से ठीक हो गए हैं और 4,43,497 लोगों की संक्रमण के कारण मौत हुई है। इसके अलावा देश में फिलहाल 3,51,087 सक्रिय मामले हैं।


अदालतों में सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका, केंद्र व राज्यों को कदम उठाने का दिया जाए निर्देश

अदालतों में सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका, केंद्र व राज्यों को कदम उठाने का दिया जाए निर्देश

दिल्ली की एक जिला अदालत के भीतर शुक्रवार को गोलीबारी की घटना के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर केंद्र और राज्यों को अधीनस्थ अदालतों में सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। याचिका में कहा गया है कि गैंगस्टर और कुख्यात अपराधियों को प्रत्यक्ष रूप से पेश करने के बजाय निचली अदालत के समक्ष जेलों से वीडियो कांफ्रेंस के जरिये पेश किया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट में वकील विशाल तिवारी ने यह याचिका दायर की है। एक अन्य वकील दीपा जोसेफ ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया। उन्होंने अधिकारियों को राष्ट्रीय राजधानी में जिला अदालतों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने का निर्देश देने का आग्रह किया। दिल्ली की रोहिणी अदालत में गैंगस्टर जितेंद्र मान उर्फ गोगी की दो हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। हमलावर वकील के वेश में आए थे। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों हमलावर भी मारे गए।


आवेदन एक लंबित याचिका में शीर्ष अदालत में दायर किया गया

शीर्ष अदालत के एक अधिकारी ने बताया कि प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना ने शुक्रवार को यहां भीड़भाड़ वाले अदालत कक्ष के अंदर गोलीबारी पर गहरी चिंता व्यक्त की और इस सिलसिले में दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल से बात की थी। तिवारी का आवेदन एक लंबित याचिका में शीर्ष अदालत में दायर किया गया है।

न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया

इस याचिका में झारखंड में 28 जुलाई को धनबाद के जिला और सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद की वाहन से कुचलकर हत्या के मामले का हवाला देते हुए न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया। दिल्ली में हुई गोलीबारी का जिक्र करते हुए अर्जी में कहा गया है कि ऐसी घटनाएं न केवल न्यायिक अधिकारियों, वकीलों और अदालत परिसर में मौजूद अन्य लोगों के लिए बल्कि न्याय प्रणाली के लिए भी खतरा हैं।