उद्धव खेमा सुप्रीम कोर्ट पहुंचा , शिवसेना नेता और मुख्य सचेतक पर लोकसभा अध्यक्ष के फैसले को दी चुनौती

उद्धव खेमा सुप्रीम कोर्ट पहुंचा , शिवसेना नेता और मुख्य सचेतक पर लोकसभा अध्यक्ष के फैसले को दी चुनौती

नयी दिल्ली, 28 जुलाई (एजेंसी) शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट ने उच्चतम न्यायालय में एक और याचिका पंजीकृत कर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के उस निर्णय को चुनौती दी है, जिसमें महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे गुट के नेता राहुल शेवाले को निचले सदन में शिवसेना के नेता के रूप में मान्यता दी गई है. चीफ जस्टिस एनवी रमण, जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ पहले से ही महाराष्ट्र के सियासी घटनाक्रमों से संबंधित ठाकरे गुट द्वारा पंजीकृत विभिन्न याचिकाओं पर एक अगस्त को सुनवाई करने वाली है. ताजा याचिका में शिंदे गुट के कहने पर शेवाले को शिवसेना के नेता के रूप में मान्यता देने के लोकसभा अध्यक्ष के निर्णय को चुनौती दी गई है. उद्धव गुट ने लोकसभा अध्यक्ष के फैसला को ‘अवैध’ और ‘मनमाना’ करार दिया और आरोप लगाया कि लोकसभा में शिवसेना के नेता और उसके मुख्य सचेतक को एकतरफा ढंग से हटा दिया गया था. याचिका में बोला गया है, ‘अध्यक्ष ने प्राकृतिक न्याय के बुनियादी नियमों का पालन किए बिना या शिवसेना अथवा याचिकाकर्ताओं से स्पष्टीकरण मांगे बिना नेता और मुख्य सचेतक के पदों में अनुचित बदलाव किए, जबकि इस संबंध में उनसे निवेदन किया गया था.’ याचिका में बोला गया है कि विनायक राउत और राजन विचारे के नाम क्रमशः लोकसभा में शिवसेना के नेता और मुख्य सचेतक के रूप में दोहराए गए और बिरला को इससे सूचित किया गया था. याचिका के अनुसार लोकसभा अध्यक्ष ने शिंदे गुट द्वारा प्रस्तावित नामों को स्वीकृति दे दी. याचिका में बोला गया है कि इस तरह, प्रतिवादी नंबर एक की कार्रवाई साफ तौर पर मनमानी है और संविधान की दसवीं अनुसूची के अनुसार सुनिश्चित प्रणाली का सरासर उल्लंघन है. शिवसेना के 19 लोकसभा सांसदों में से 12 सांसदों के समर्थन से शिंदे ने लोकसभा में शेवाले को पार्टी का नेता और भावना गवली को मुख्य सचेतक नामित किया था.