शिंदे गुट बोला- बीजेपी संग बनाएंगे सरकार

शिंदे गुट बोला- बीजेपी संग बनाएंगे सरकार

 महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक घमासान के बीच NCP प्रमुख शरद पवार ने बोला कि MVA ने सीएम उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को समर्थन देने का निर्णय किया है उन्होंने बोला कि मेरा मानना ​​है यदि एक बार (शिवसेना) विधायक मुंबई लौट आएंगे तो स्थिति बदल जाएगी साथ ही उन्होंने बोला कि सब जानते हैं, कैसे शिवसेना के बागी विधायकों को गुजरात और फिर असम ले जाया गया हमें उनकी सहायता करने वालों का नाम लेने की आवश्यकता नहीं है…असम गवर्नमेंट उनकी सहायता कर रही है मुझे आगे किसी का नाम लेने की आवश्यकता नहीं है

विधानसभा में होगा फैसला

इसके अतिरिक्त उन्होंने बोला कि बहुमत का निर्णय विधानसभा में होगा वे विधायकों को कहे असम में नहीं मुंबई में निर्णय होगा उन्होंने बोला कि फ्लोर टेस्ट में बहुमत पता चला जाएगा पवार ने गवर्नमेंट की प्रशंसा करते हुए यह भी बोला कि उद्धव ठाकरे ने अच्छा काम किया है पवार ने अपने बयान में यह भी साफ कर दिया कि उनके पास सबका आंकड़ा है

इधर शिंदे गुट गवर्नमेंट बनाने को तैयार

गौरतलब है कि गवर्नमेंट बचाने के इस बयान से एकदम इतर शिंदे गुट के नेता भरत गोगवले ने Zee News से बोला कि उनकी गवर्नमेंट बनना तय है उन्होंने डिप्टी स्पीकर से अगल गुट को मान्यता देने की मांग की है साथ ही उन्होंने बोला कि हम 8 से 10 दिन में गवर्नमेंट बना लेंगे इस बीच उन्होंने बोला कि बीजेपी का समर्थन उन्हें ही मिल रहा है 

शिंदे के पाले में है गेंद!

आपको बता दें कि अभी गेंद पूरी तरह से शिंदे पक्ष के ही पाले में है उन्हें बीजेपी और शिवसेना दोनों ही ओर से अच्छे प्रस्ताव दिए जा रहे हैं शिवसेना नेता संजय राउत ने भी बोला कि यदि सभी विधायक चाहेंगे तो वो महा विकास अघाड़ी (MVA) से बाहर निकलने पर विचार कर सकते हैं इसके अतिरिक्त बीजेपी की ओर से भी उन्हें गवर्नमेंट बनाने के लिए समर्थन का ऑफर दिया जा रहा है


भारत के आखिरी रेलवे स्टेशन को देख क्या बोलेंगे आप

भारत के आखिरी रेलवे स्टेशन को देख क्या बोलेंगे आप

Indias Last Railway Station: भारत का रेल इंफ्रास्ट्रक्चर अंग्रेजों के जमाने का है यहां आज भी कुछ नियम ऐसे हैं जो लंबे समय से चले आ रहे हैं ऐसे में ही यह रेलवे स्टेशन भी सबसे अनोखा है इसका नाम है सिंहाबाद रेलवे स्टेशन (Singhabad Railway Station), जो कि हिंदुस्तान का अंतिम रेलवे स्टेशन भी है 

आज भी अंग्रेजों के टाइम जैसा है ये स्टेशन

इस रेलवे स्टेशन की विशेषता यह है कि यह आज भी वैसा ही है, जैसा अंग्रेज छोड़कर गए थे यहां स्टेशन में हर चीज टिकट से लेकर गियर और रेलवे बैरियर तक अंग्रेजों के जमाने के हैं यहां पिछले कई वर्षों से कोई यात्री ट्रेन नहीं रुकती ये पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के हबीबपुर क्षेत्र में है सिंहाबाद से लोग पैदल भी कुछ किलोमीटर दूर बांग्लादेश में घूमते हुए चले जाते हैं इसके बाद हिंदुस्तान का कोई और रेलवे स्टेशन नहीं है ये बहुत छोटा स्टेशन है जहां कोई चहल पहल और भीड़भाड़ नहीं दिखती 

मालगाड़ियों के लिए होता है इस्तेमाल 

आपको बता दें कि इस रेलवे स्टेशन का उपयोग मालगाडियों के ट्रांजिट के लिए किया जाता है सिंहाबाद स्टेशन के नाम पर छोटा सा स्टेशन ऑफिस दिखता है, इसके पास एक-दो रेलवे के क्वॉर्टर हैं इस स्टेशन पर कर्मचारी भी नाम मात्र के ही हैं यहां के रेलवे बोर्डों में इसके नाम के साथ लिखा है- हिंदुस्तान का आखिरी स्टेशन

1978 में इस रूट पर प्रारम्भ हुईं मालगाड़ियां

गौरतलब है कि वर्ष 1971 की लड़ाई के बाद जब बांग्लादेश बना तो भारत- बांग्लादेश के बीच यातायात प्रारम्भ करने की मांग फिर जोर पकड़ने लगी 1978 में हिंदुस्तान और बांग्लादेश में एक समझौता हुआ, जिससे इस रुट पर माल गाड़ियां चलने लगीं ये हिंदुस्तान से बांग्लादेश आती और जाती थीं नवंबर 2011 में पुराने समझौते में संशोधन किया गया अब समझौते में नेपाल को भी शामिल कर लिया गया है यानी सिंहाबाद होकर नेपाल की ओर जाने वाली मालगाड़ियां भी चलने लगीं

नेपाल की ट्रेनें भी यहीं से गुजरती हैं

2011 के बाद से यहां से केवल बांग्लादेश ही नहीं बल्कि नेपाल की ओर जाने वाली ट्रेनें भी गुजरने लगीं गौरतलब है कि बांग्लादेश से नेपाल को काफी बड़े पैमाने पर खाद निर्यात होता है इन्हें लेकर जाने वाली मालगाड़ियों की खेप रोहनपुर-सिंहाबाद ट्रांजिट प्वॉइंट से निकलती है 

गांधी और सुभाष चंद बोस ने भी किया इस रूट का इस्तेमाल

ये स्टेशन कोलकाता से ढाका के बीच ट्रेन संपर्क के लिए उपयोग होता था वैसे यह स्टेशन आजादी से पहले का है, इसलिए इस रूट का उपयोग कई बार महात्मा गांधी और सुभाष चंद बोस ने ढाका जाने के लिए भी किया