जीवन में सेक्स का न होना से पड़ता है बुरा असर, जाने कैसे

जीवन में सेक्स का न होना से पड़ता है बुरा असर, जाने कैसे

सेक्स के जहां तमाम तरह के शारीरिक लाभ होते हैं तो वहीं सेक्स नहीं करने से कई प्रकार के नुकसान भी हो सकते हैं. अगर महिलाओं के नजरिए से देखा जाए तो स्त्रियों के जीवन में सेक्स का न होना केवल समस्या ही नहीं,

बल्कि इसकी वजह से शरीर में कई प्रकार से नकारात्मक परिवर्तन की शुरुआत हो सकती है.

महिलाओं के यौन स्वास्थ्य के बारे जानकारी -

स्तन: स्तन महिलाओं की छाती का हिस्सा होता है. इसमें वसा युक्त ऊतक, कई तंत्रिकाएं (नसे) व निप्पल होते हैं. किशोरावस्था के साथ ही महिलाओं के इस जगह स्थित ऊतकों में भी बढ़ोतरी होती है और यह स्तनपान की क्षमता को भी विकसित करते हैं. महिलाओं की तुलना में पुरुषों के सीने के ऊतक अधिक विकसित नहीं होते हैं, इसलिए पुरुष के इस जगह को छाती कहा जाता है.
 
योनि: योनि महिलाओं के जननांग का वह भीतरी भाग होता है जो योनिमुख व गर्भाशय से जुड़ा हुआ होता है. इसी जगह संभोग किया जाता है. मासिक धर्म व बच्चा भी जन्म के समय इसी जगह से बाहर निकलता है.
 
योनिमुख: महिला का बाह्य यौन अंग को योनिमुख कहा जाता है. इसमें भगशेफ (Clitoris/क्लिटोरिस) को भी शामिल किया जाता है. यह जननांग पर होठों की तरह होता है, इससे बार्थोलिन ग्रंथि जुड़ी होती है. यह ग्रंथि योनि को चिकना बनाये रखती है.
 
गर्भाशय: इस स्थान को गर्भाशय के नाम से जाना जाता है. यह नाशपाति व बंद मुट्ठी के आकार का अंग महिलाओं के पेट के नीचले हिस्से पर होता है. गर्भाशय नीचे की ओर से योनि व ऊपरी ओर से फैलोपियन ट्यूब्स (अंडाशय से गर्भाशय तक अंडे ले जाने वाली नली) से जुड़ा होता है. इस जगह पर निषेचित (Fertilized) अंडे का विकास होता है.  मासिक धर्म चक्र के साथ-साथ हर माह गर्भाशय की परत का निर्माण भी होता रहता है.
 
हाइमन: यह योनि के अंदर ऊतकों की पतली सी झिल्ली होती है. यह झिल्ली महिलाओं के योनि मुख के मार्ग को संकरा कर देती है. कई बार योग या यौन संबंध बनाने पर यह झिल्ली टूट जाती है.