सेक्स करने से होते है नींद लाने वाले हार्मोन रिलीज

 सेक्स करने से होते है नींद लाने वाले हार्मोन रिलीज

अधिकांश सेक्स को लेकर हमारे मन में कई सवाल पैदा होते रहते है वहीं विषेशज्ञों का कहना है कि ऐसे सवालों का आना कोई चिंता जनक बात नहीं है लेकिन यह जाहिर है कि सेक्स करने से कई तरह के फायदे होते हैं. सेक्स करने से सिर्फ आनंद ही नहीं, बल्कि उत्साह भी बना रहता है. साथ ही यह तनाव व चिंता को दूर करने में भी सहायक है. 

नींद लाने वाले हार्मोन होते हैं रिलीज: सेक्स के बाद बेहतर नींद आती है, लेकिन यह सिर्फ इसलिए नहीं कि सेक्स के बाद थकान हो जाती है. ऑर्गेज्म के बाद मस्तिष्क शरीर को प्रोलैक्टिन हार्मोन स्राव करने के लिए निर्देश देता है, जो नींद लाने में सहायक होता है. इसके अलावा शरीर में मौजूद प्राकृतिक दर्द निवारक 'ऑक्सीटोसिन' के स्राव से भी आपको सेक्स के बाद नींद आने में मदद मिल सकती है.

खुशी का अहसास : सेक्स करते समय क्लाइमैक्स के दौरान मस्तिष्क सेरोटोनिन और ऑक्सीटोसिन सहित कई हार्मोन जारी करता है, जो आपको खुशी का अहसास करवाते हैं. अध्ययनों से पता चला है कि शरीर में ऑक्सीटोसिन की मात्रा बढ़ने से रिलैक्स महसूस करने में मदद मिलती है और यह तनाव को भी कम कर सकता है. इसके अलावा यह दर्द, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द जैसी आम समस्याओं से राहत दिलाने में सहायक है. अन्य अध्ययनों में पाया गया है कि सेक्स के दौरान एंडोर्फिन हार्मोन रिलीज होता है.

मस्तिष्क के कार्यों में मिलती है मदद: कुछ अध्ययनों से पता चला है कि अक्सर सेक्स करने वाले लोगों की याददाश्त अच्छी होती है. ऐसे संकेत मिले हैं कि सेक्स मस्तिष्क की न्यूरॉन्स बढ़ाने और दिमाग को सामान्य रूप से बेहतर काम करने में मदद कर सकता है.

चिंता और तनाव:  यदि आप अक्सर अपने साथी के साथ सेक्स नहीं करते हैं, तो इससे आपको उनके साथ जुड़ाव का अहसास कम होगा, जिसका अर्थ है कि आप अपनी भावनाओं के बारे में ज्यादा बात नहीं करते हैं. सेक्स करने से आपके शरीर में ऑक्सीटोसिन और एंडोर्फिन हार्मोन रिलीज होते हैं, जो तनाव के प्रभावों को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं. ऑक्सीटोसिन नींद आने में भी मदद करता है. 

मस्तिष्क गतिविधि में परिवर्तन: वर्ष 2005 में नीदरलैंड में यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर ग्रोनिंगन के शोधकर्ताओं ने पुरुष लिंग की उत्तेजना के दौरान मानव मस्तिष्क का अध्ययन किया था. इसमें पाया गया कि शरीर के उत्तेजित होने से पहले यौन इच्छा सही अमिगडाला (न्यूरॉन्स, जो भावनाओं को व्यक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं) को सक्रिय करने और पेनाइल इरेक्शन, यौन भावनाओं और संतुष्टि को बढ़ावा दिया.