भारतीय मर्द अपनी होने वाली पत्नी में चाहता है यह खूबियां

भारतीय मर्द अपनी होने वाली पत्नी में चाहता है यह खूबियां

शादी दो दिलों का मेल है। इस रिश्ते में कई बातों का ध्यान रखना बहुत जरुरी है वरना यह नाजुक रिश्ता कुछ दिनों में टूटकर बिखर जाता है। शादी एक ऐसा रिश्ता है जिसे निभाने के लिए पति और पत्नी दोनों को ही कंधे से कंधा मिलाकर चल रहा होता है तभी मैं रिश्ता आगे बढ़ पाता है। इन सभी के बीच एक पति को अपनी पत्नी से काफी उम्मीदें रहती हैं।

अपनी पत्नी में चाहता है यह खूबियां

यदि आप अपने पति को सेक्सुअल संतुष्टि नहीं दे पा रही है तो आपका पति कभी भी आपसे खुश नहीं रहेगा। सबसे पहले आपके पति को सेक्सुअल संतुष्टि चाहिए होती है।

हर पति चाहता है कि उसकी पत्नी उसे सभी बातें शेयर करें यहां तक कि अपने मायके की बातें भी अपने पति के साथ शेयर करें उससे आपके पति को लगेगा कि आपकी पत्नी आप पर पूर्ण विश्वास करती है।

आप अपने पति को घर के कार्यों में पूरा सपोर्ट कीजिए यदि वे कोई डिसीजन ले रहे हैं तो आप उस डिसीजन से जुड़े सही और गलत पहलू भी अपने पति को बताएं।


जीवन में पाना चाहते हैं खुशी, तो इस प्रेरक कथा में है इसका मंत्र

जीवन में पाना चाहते हैं खुशी, तो इस प्रेरक कथा में है इसका मंत्र

हर व्यक्ति चाहता है कि उसका और उसके परिवार का जीवन खुशहाल रहे। इसके लिए वह दिन-रात मेहनत करता है, रुपये, धन-दौलत कमाता है। जीवन में सबकुछ हासिल कर लेता है, कामयाब हो जाता है, लेकिन वह खुशहाल नहीं होता। उसके लिए अब भी वही सवाल रहता है कि वह खुशहाल कैसे हो? जीवन में खुशहाल होने का बहुत ही सीधा और सरल सा मंत्र है। आप भी जानना चाहते हैं उस मंत्र के बारे में, तो पढ़ें यह प्रेरक कथा।

एक गुरु ने अपने सभी शिष्यों के लिए फल मंगाए। हर एक के हिस्से के फल एक गत्ते के डिब्बे में रखे और हर डिब्बे पर एक शिष्य का नाम लिख दिया। सभी शिष्यों के फलों के डिब्बे तैयार हो गए। अब उन्होंने शिष्यों से कहा-तुम्हारे लिए फल कुटिया के अंदर रखे हैं। सभी लोग अंदर जाकर अपना नाम लिखा डिब्बा ले लो।

सभी शिष्य कुटिया के अंदर दौड़ पड़े। उत्साह में एक-दूसरे पर ही गिरने लगे। कोई अपने नाम का डिब्बा नहीं खोज पाया क्योंकि अव्यवस्था फैल गई थी। यह देखकर गुरु जी ने शिष्यों को वापस बुलाया और कहा- तुम लोग एक-एक करके कुटिया में जाओ और जो भी एक डिब्बा हाथ लगे, उठाकर ले आओ और उस पर जिस शिष्य का नाम लिखा हो, उसे दे दो।


ऐसा करने से दो मिनट में ही हर शिष्य के हाथ में उसका नाम लिखा फलों का डिब्बा था। अब गुरु जी ने समझाते हुए कहा, 'जैसे फलों का डिब्बा तुम लोग पहले खोज रहे थे, उसी तरह जीवन में लोग खुशियां खोज रहे होते हैं, लेकिन वह इस तरह नहीं मिलती। जब आप दूसरों को खुशियां देने लगेंगे, तो आपको अपनी खुशी अपने आप मिल जाएगी।

कथा का सार

असली खुशी कुछ पाने से नहीं, बल्कि देने से मिलती है। आप खुश होना चाहते हैं तो लोगों को खुशियां दीजिए, वहीं से आपको असली खुशी मिलेगी।