अगर पैसे कमाने के बावजूद घर में नहीं टिकता है पैसा, तो अपनाएं ये टिप्स

अगर पैसे कमाने के बावजूद घर में नहीं टिकता है पैसा, तो अपनाएं ये टिप्स

अपने जीवन में पैसे कमाना हर कोई चाहता है। लेकिन अक्सर देखा जाता हैं कि कई लोग कड़ी मेहनत और अच्छी कमाई के बाद भी पैसों की बचत करने में विफल होते हैं और उनकी जेब में कभी पैसा नहीं टिक पाता हैं। ऐसा उनकी फितरत के साथ ही वास्तु स्थिति की वजह से भी होता हैं।

अपनाएं ये वास्तु टिप्स

रसोई घर में कभी भी डस्टबिन, झाड़ू, वॉशिंग मशीन और मिक्सर गाइंडर न रखें। वास्तु के अनुसार किचन में ये चीजें रखने से घर का वास्तु बिगड़ता है। ऐसा करने से आप जीवन में सफलता दिलाने वाले सभी मौके खो बैठेंगे।

यदि आप और आपका परिवार लंबे समय से आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहा है तो घर के साउथ वेस्ट कोने में एक भारी-भरकम मेटल की कोई चीज रखें। 

घर की नॉर्थ जोन में किसी न किसी तरह नीले रंग का इस्तेमाल जरुर करें। घर के किसी भी कोने में लाल रंग का इस्तेमाल न करें। ऐसा करना आपके लिए अशुभ साबित होगा।

घर में दरवाजों की संख्या हमेशा पॉजिटिव नंबर में रखें यानि 2,4,6 या 8 आदि। 3 या फिर 7 दरवाजे होने से घर की आर्थिक स्थिति कभी ठीक नहीं होगी।


जीवन में पाना चाहते हैं खुशी, तो इस प्रेरक कथा में है इसका मंत्र

जीवन में पाना चाहते हैं खुशी, तो इस प्रेरक कथा में है इसका मंत्र

हर व्यक्ति चाहता है कि उसका और उसके परिवार का जीवन खुशहाल रहे। इसके लिए वह दिन-रात मेहनत करता है, रुपये, धन-दौलत कमाता है। जीवन में सबकुछ हासिल कर लेता है, कामयाब हो जाता है, लेकिन वह खुशहाल नहीं होता। उसके लिए अब भी वही सवाल रहता है कि वह खुशहाल कैसे हो? जीवन में खुशहाल होने का बहुत ही सीधा और सरल सा मंत्र है। आप भी जानना चाहते हैं उस मंत्र के बारे में, तो पढ़ें यह प्रेरक कथा।

एक गुरु ने अपने सभी शिष्यों के लिए फल मंगाए। हर एक के हिस्से के फल एक गत्ते के डिब्बे में रखे और हर डिब्बे पर एक शिष्य का नाम लिख दिया। सभी शिष्यों के फलों के डिब्बे तैयार हो गए। अब उन्होंने शिष्यों से कहा-तुम्हारे लिए फल कुटिया के अंदर रखे हैं। सभी लोग अंदर जाकर अपना नाम लिखा डिब्बा ले लो।

सभी शिष्य कुटिया के अंदर दौड़ पड़े। उत्साह में एक-दूसरे पर ही गिरने लगे। कोई अपने नाम का डिब्बा नहीं खोज पाया क्योंकि अव्यवस्था फैल गई थी। यह देखकर गुरु जी ने शिष्यों को वापस बुलाया और कहा- तुम लोग एक-एक करके कुटिया में जाओ और जो भी एक डिब्बा हाथ लगे, उठाकर ले आओ और उस पर जिस शिष्य का नाम लिखा हो, उसे दे दो।


ऐसा करने से दो मिनट में ही हर शिष्य के हाथ में उसका नाम लिखा फलों का डिब्बा था। अब गुरु जी ने समझाते हुए कहा, 'जैसे फलों का डिब्बा तुम लोग पहले खोज रहे थे, उसी तरह जीवन में लोग खुशियां खोज रहे होते हैं, लेकिन वह इस तरह नहीं मिलती। जब आप दूसरों को खुशियां देने लगेंगे, तो आपको अपनी खुशी अपने आप मिल जाएगी।

कथा का सार

असली खुशी कुछ पाने से नहीं, बल्कि देने से मिलती है। आप खुश होना चाहते हैं तो लोगों को खुशियां दीजिए, वहीं से आपको असली खुशी मिलेगी।