लम्बे समय तक ब्यूटीफुल और यंग दिखने के लिए फॉलो करें ये उपाय

लम्बे समय तक ब्यूटीफुल और यंग दिखने के लिए फॉलो करें ये उपाय

आजकल लोग सूंदर दिखने के लिए कई ब्यूटी टिप्स का सहारा लेते है। लेकिन क्लीन, स्मूथ और ग्लोइंग स्किन पाने और लम्बे समय तक जवां और खूबसूरत दिखने के लिए, केवल स्किन की केयर ही काफी नहीं है। स्किन केयर के साथ ही आपको अपनी डाइट पर भी ध्यान देना होगा, साथ ही कई और चीजों को भी अपने रूटीन में शामिल करना होगा।

फॉलो करें ये टिप्स

कुछ लोगों के सोने, जागने, ब्रेकफास्ट और लंच का समय तय नहीं होता है न ही किसी और काम को करने का रूटीन सेट होता है, जो आपकी सेहत और सौंदर्य पर नकारात्मक असर डालता है।

आपके मेंटल स्ट्रेस का असर आपकी स्किन पर भी होता है। अगर आप ज्यादा तनाव में रहेंगे तो इससे आपके चेहरे पर झुर्रियां जल्दी पड़ने लगेंगी और स्किन लूज़ होने लगेगी।

स्किन में ग्लो लाने और लम्बे समय तक यंग बने रहने के लिए मेडिटेशन यानी ध्यान करना ज़रूरी है। इससे आपमें पॉजिटिविटी भी बनी रहेगी और आपके चेहरे पर तेज नज़र आने लगेगा।

आपका चेहरा ग्लो करता रहे और स्किन टाइट रहे, इसके लिए आपको अपनी डाइट में हरी सब्ज़ियां, फल और मेवे जैसी हेल्दी चीजों को शामिल करना होगा और जंक फ़ूड से किनारा करना होगा।


जीवन में पाना चाहते हैं खुशी, तो इस प्रेरक कथा में है इसका मंत्र

जीवन में पाना चाहते हैं खुशी, तो इस प्रेरक कथा में है इसका मंत्र

हर व्यक्ति चाहता है कि उसका और उसके परिवार का जीवन खुशहाल रहे। इसके लिए वह दिन-रात मेहनत करता है, रुपये, धन-दौलत कमाता है। जीवन में सबकुछ हासिल कर लेता है, कामयाब हो जाता है, लेकिन वह खुशहाल नहीं होता। उसके लिए अब भी वही सवाल रहता है कि वह खुशहाल कैसे हो? जीवन में खुशहाल होने का बहुत ही सीधा और सरल सा मंत्र है। आप भी जानना चाहते हैं उस मंत्र के बारे में, तो पढ़ें यह प्रेरक कथा।

एक गुरु ने अपने सभी शिष्यों के लिए फल मंगाए। हर एक के हिस्से के फल एक गत्ते के डिब्बे में रखे और हर डिब्बे पर एक शिष्य का नाम लिख दिया। सभी शिष्यों के फलों के डिब्बे तैयार हो गए। अब उन्होंने शिष्यों से कहा-तुम्हारे लिए फल कुटिया के अंदर रखे हैं। सभी लोग अंदर जाकर अपना नाम लिखा डिब्बा ले लो।

सभी शिष्य कुटिया के अंदर दौड़ पड़े। उत्साह में एक-दूसरे पर ही गिरने लगे। कोई अपने नाम का डिब्बा नहीं खोज पाया क्योंकि अव्यवस्था फैल गई थी। यह देखकर गुरु जी ने शिष्यों को वापस बुलाया और कहा- तुम लोग एक-एक करके कुटिया में जाओ और जो भी एक डिब्बा हाथ लगे, उठाकर ले आओ और उस पर जिस शिष्य का नाम लिखा हो, उसे दे दो।


ऐसा करने से दो मिनट में ही हर शिष्य के हाथ में उसका नाम लिखा फलों का डिब्बा था। अब गुरु जी ने समझाते हुए कहा, 'जैसे फलों का डिब्बा तुम लोग पहले खोज रहे थे, उसी तरह जीवन में लोग खुशियां खोज रहे होते हैं, लेकिन वह इस तरह नहीं मिलती। जब आप दूसरों को खुशियां देने लगेंगे, तो आपको अपनी खुशी अपने आप मिल जाएगी।

कथा का सार

असली खुशी कुछ पाने से नहीं, बल्कि देने से मिलती है। आप खुश होना चाहते हैं तो लोगों को खुशियां दीजिए, वहीं से आपको असली खुशी मिलेगी।