हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार जाने स्त्रियों के खुले बालों का मतलब...

हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार जाने स्त्रियों के खुले बालों का मतलब...

हमारे धर्म शास्त्रों में स्त्रियों के बालों के विषय में कहा गया है। शास्त्र में स्त्रियों को अपने बालों को हमेशा बांधकर रखने की सलाह दी गई है। आइये जानते है कि स्त्रियों को अपने बालों को हमेशा बांधकर ही क्यों रखना चाहिए.....

हिन्दू धर्म शास्त्र में कहा गया है कि स्त्रियों को हमेशा अपने बाल बांधकर रखना चाहिये। क्योंकि पुरातन काल में बालों को खुला रखने का मतलब होता है, कि वह स्त्री किसी का शोक मना रही है।

रामायण काल में भी, जब सीता माता का विवाह भगवान राम से हुआ था, तब उनकी माता ने माता सीता के बाल बांधते हुए कहा कि अपने बालों को कभी खुला नहीं छोड़ना क्योंकि बंधे हुए बाल रिश्तों को बांधकर रखते है।

स्त्रियाँ अपने बाल खुले तभी रखती है जब वह एकांत में अपने पति के साथ होती है। शास्त्र में कहा गया है कि स्त्रियों के खुले बाल नकारात्मक ऊर्जा का स्त्रोत होते है, जो उनके घर में क्लेश उत्पन्न करते है।

 इस विषय में ऐसा भी माना जाता है कि यदि स्त्री अपने बालों को रात्री के समय खोलकर सोती है, तो उसके ऊपर नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव अधिक होता है।


इन तरीकों से करें मां लक्ष्मी की पूजा और पूरी होगी हर मनोकामना

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हमें सालभर दीवाली का बेसब्री से इंतजार किया जाता है और दीवाली की तैयारियों की जिम्मेदारी आमतौर पर महिलाएं ही निभाती हैं। बात चाहे रिश्तेदारों और परिचितों को गिफ्ट देने की हो, या घर के लिए नई खरीदारी करने की और इससे भी अहम लक्ष्मी पूजन की, इन सभी चीजों में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

मां लक्ष्मी की पूजा को बनाएं सफल

# घर से अवांछित सामान जैसे कि पुराने कपडे़, जूते, डिब्बे आदि हटा दें। यह सामान नकारात्मक ऊर्जा का स्रोत होता है और आर्थिक अवसरों पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। 

# लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए भली प्रकार से पूजन करना भी आवश्यक है। जिस कक्ष में पूजा स्थल बनाएं, वहां ताजा हवा व रोशनी का पर्याप्त प्रबंध होना चाहिए।

# अपने प्रेम व देखरेख से मकान को घर बनाने वाली होती हैं महिलाएं। शास्त्रों में भी वर्णित है कि जिस घर में स्त्री का आदर-मान नहीं होता, वहां दरिद्रता वास करती है।