चीन के आक्रामक रुख से परेशान ताइवान ने किया युद्धाभ्यास, अनानास के खेत में उतरे युद्धक विमान

चीन के आक्रामक रुख से परेशान ताइवान ने किया युद्धाभ्यास, अनानास के खेत में उतरे युद्धक विमान

चीन के बार-बार हवाई क्षेत्र में अतिक्रमण और अन्य आक्रामक रुख से परेशान ताइवान ने आत्मरक्षा में युद्धाभ्यास किया। एक एफ-16 विमान उड़ान भरने के बाद अनानास के खेत में उतरा और दोबारा उड़ान भरने से पहले तेजी से ईंधन भरा। इस अभ्यास के दौरान बुधवार सवेरे जिआडोंग में ताइवान निर्मित स्वदेशी रक्षात्मक लड़ाकू, अमेरिका निर्मित एफ-16, फ्रांस निर्मित मिराज 2000-5 और एक पूर्व चेतावनी लड़ाकू विमान ई-2के खेतों के बीच हाईवे पर उतरे।

दुश्मन यदि उनके हवाई अड्डे को क्षतिग्रस्त कर दे तो उस स्थिति में वे क्या कर सकते हैं, इसका प्रदर्शन किया गया। इससे पहे 6 सितंबर को ताइवान वायुसेना ने चीन के करीब स्थित ताइवान के एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन में परमाणु हथियारों से युक्त बमवर्षकों समेत 19 युद्धक विमानों ने उड़ान भरी थी। रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि ताइवानी युद्धक विमान चीनी विमानों को चेतावनी देने के लिए भेजे गए थे।

यह अभ्यास ताइवान के पांच दिवसीय हांग गुआंग सैन्य अभ्यास का हिस्सा है। चीन द्वारा आक्रमण की हालत में द्वीप देश के बलों को तैयार रखने के लिए यह अभ्यास डिजाइन किया गया है। कोविड-19 प्रतिबंधों के कारण इस वर्ष का सालाना अभ्यास छोटा रखा गया है। ताइवान को चीन अपना हिस्सा मानता है। चीन के राष्‍ट्रपति इस क्षेत्र पर बलपूर्वक कब्जा करने की धमकी भी दे चुके हैं। इस कारण पिछले दो वर्षों में चीन से खतरे में वृद्धि हुई है।


चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने करीब-करीब रोजाना आधार पर ताइवान की तरफ अपने लड़ाकू जेट भेजे हैं। चीन की सेना यह कदम डराने और द्वीप देश की वायुसेना को परेशान करने के लिए उठाती है। अगस्त में चीन के लड़ाकू जेट, पनडुब्बी रोधी विमान और युद्धपोत ने ताइवान के नजदीक संयुक्त अभ्यास किया। चीन ने कहा था कि अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए यह अभ्यास आवश्यक है।

पिछले 3 सितंबर को अमेरिका के दो युद्धपोत ताइवान स्ट्रेट से होकर गुजरे थे। इनमें से एक अमेरिकी नौसेना का युद्धपोत यूएसएस किड और दूसरा तटरक्षक बल का पोत मुनरो बताया गया। अमेरिकी नौसेना ने कहा था कि उसके पोत ताइवान स्ट्रेट में अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र से गुजरे।  


अफगानिस्तान में लौटेगा मौत की सजा का दौर, तालिबानी नेता मुल्ला नूरुद्दीन तुराबी का बयान

अफगानिस्तान में लौटेगा मौत की सजा का दौर, तालिबानी नेता मुल्ला नूरुद्दीन तुराबी का बयान

अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद अब कट्टर इस्लामी कानूनों को लागू किया जाएगा। तालिबान के संस्थापकों में से एक और पूर्व कार्यकाल में इस्लामी कानूनों को कठोर व्याख्या के साथ लागू करने करने वाले एक प्रमुख प्रवर्तक ने कहा कि अफगानिस्तान में फिर से फांसी देने और हाथ काटने जैसी सजाएं देने का दौर लौटेगा। द एसोसिएटेड प्रेस के साथ एक साक्षात्कार में, मुल्ला नूरुद्दीन तुराबी ने अतीत में तालिबान के फांसी देने के तरीके पर दुनिया के ऐतराज को खारिज कर दिया है।

उल्लेखनीय है तालिबान के पिछले कार्यकाल में अक्सर चोरी करने वालों के हाथ काटने जैसी सजाएं स्टेडियम में भीड़ के सामने दी जाती थीं। तुराबी ने दुनिया को अफगानिस्तान के नए शासकों के मामले में हस्तक्षेप करने के खिलाफ चेतावनी दी।तुराबी ने कहा, स्टेडियम में दंड के लिए सभी ने हमारी आलोचना की। लेकिन हमने कभी उनके कानूनों और सजा देने के तरीके के बारे में कुछ नहीं कहा। हम नहीं चाहते कि कोई हमें बताए कि हमारे कानून क्या होने चाहिए। हम इस्लाम का पालन करेंगे और कुरान के मुताबिक अपने कानून बनाएंगे।


अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे से अमेरिका को सताने लगा हमले का डर

फेडरल ब्यूरो आफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआइ)के निदेशक क्रिस्टोफर रे ने चेतावनी दी कि अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा अमेरिका स्थित चरमपंथियों को अमेरिकी जमीन पर हमले की साजिश रचने के लिए प्रेरित कर सकता है। रे ने मंगलवार को सीनेट होमलैंड सिक्योरिटी एंड गवर्नमेंटल अफेयर कमेटी के समक्ष यह आशंका जाहिर की।दि हिल की रिपोर्ट के मुताबिक, रे ने कहा कि 2020 के मध्य से घरेलू आतंकवाद के मामले आसमान छू रहे हैं। मामले एक हजार से 2700 तक पहुंच गए हैं, जिनकी जांच अभी जारी है। चरमपंथी संगठनों ने कभी भी अमेरिकी जमीन पर हमलों की साजिश रचना बंद नहीं किया है।


इतना ही नहीं, नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के निदेशक क्रिस्टाइन अबीजेद ने भी कमेटी के समक्ष कहा कि दो दशक पूर्व की तुलना में अमेरिका में आतंकी हमलों की आशंका अधिक बढ़ गई है। अबीजेद ने यह भी कहा कि अमेरिकी अधिकारियों को इस बात पर ध्यान देना होगा कि अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट किस प्रकार अपनी ताकत में इजाफा कर सकते हैं और अमेरिका में हमलों की साजिश रच सकते हैं।