पाकिस्‍तान के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाएगा रूस, देगा उच्च तकनीक वाले हथियार और युद्धाभ्यास भी करेगा

पाकिस्‍तान के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाएगा रूस, देगा उच्च तकनीक वाले हथियार और युद्धाभ्यास भी करेगा

भारत का दशकों पुराना दोस्त रूस अब पाकिस्तान के साथ रक्षा, आतंकवाद निरोधी, ऊर्जा और व्यापार सहयोग बढ़ाएगा। रूस उसे विशिष्ट तकनीक पर आधारित खास हथियार भी देगा। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ वार्ता के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने यह बात कही है। बीते नौ साल में पाकिस्तान की यात्रा पर आने वाले लावरोव रूस के पहले विदेश मंत्री हैं। बुधवार को उन्होंने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान से भी मुलाकात की।

प्रतिनिधिमंडल के साथ लावरोव और कुरैशी की वार्ता में दोनों देशों के मौजूदा संबंधों की समीक्षा की गई और उन्हें भविष्य में और मजबूत करने का निर्णय लिया गया। वार्ता में दोनों देशों के बीच आर्थिक कूटनीति को बढ़ावा देने का फैसला किया गया। इसमें दोनों देशों के बीच गैस पाइपलाइन का निर्माण भी शामिल है। इसके अतिरिक्त दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने और आतंकवाद से निपटने के लिए साथ मिलकर कार्य करने पर भी सहमति बनी।


अफगानिस्तान को लेकर भी दोनों नेताओं में चर्चा हुई। कुरैशी ने ट्वीट कर जानकारी दी कि दोनों देश नागरिकों का मेलजोल बढ़ाने की नीति को आगे बढ़ाने पर सहमत हैं। यह सहयोग शिक्षा के लिए छात्रों के आवागमन के तौर पर भी होगा। यह सहयोग शंघाई सहयोग संगठन के बैनर तले होगा।

कुरैशी ने कहा है कि विदेश मंत्री लावरोव का यह दौरा दोनों देशों के संबंधों को मजबूत बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। उल्लेखनीय है कि अमेरिका और सऊदी अरब से झटका खाने के बाद वर्षो से चीन पर आश्रित पाकिस्तान को अरसे बाद किसी शक्तिशाली देश से संबंध बढ़ाने का मौका मिला है।


दोनों नेताओं की संयुक्त प्रेस वार्ता में कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान रूस के साथ बहुआयामी संबंध विकसित करने का इच्छुक है। लावरोव ने कहा कि रूस पाकिस्तान के साथ संबंध विकसित करने के लिए तैयार है। वह पाकिस्तान को हथियार देने और उसके साथ युद्धाभ्यास करने के लिए भी तैयार है। यह क्षेत्र के सभी देशों के हितों को ध्यान में रखते हुए होगा। लावरोव ने दोनों देशों के बीच व्यापार में 46 प्रतिशत की बढ़ोतरी पर संतोष जताया लेकिन यह भी कहा कि इसमें और बढ़ोतरी होनी चाहिए। व्यापार का क्षेत्र बढ़ना चाहिए।


कहीं खतरनाक रूप न ले ले इजरायल-फलस्‍तीन के बीच छिड़ी लड़ाई! तुर्की का कड़ा रुख

कहीं खतरनाक रूप न ले ले इजरायल-फलस्‍तीन के बीच छिड़ी लड़ाई! तुर्की का कड़ा रुख

इजरायल-फलस्‍तीन के बीच छिड़ी लड़ाई के बढ़ने की आशंका गहरा गई है। तुर्की ने फिलीस्‍तीन के समर्थन में आवाज उठाते हुए कहा है कि इजरायल के खिलाफ सभी मुस्लिम देश एकजुट होकर जवाब दें। इस बीच अमेरिका ने एक बार फिर से इजरायल के हवाई हमलों को जायज करार देते हुए कहा है कि उन्‍हें अपनी रक्षा करने का अधिकार है। इन दोनों देशों के बीच छिड़ी लड़ाई में अब अलग-अलग खेमे बंटते जा रहे हैं। रूस ने भी तुर्की का साथ देते हुए फलस्‍तीन का समर्थन किया है। जबकि अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस इजरायल के समर्थन में आ खड़े हुए हैं।

रॉयटर्स के मुताबिक दुनिया के 57 इस्‍लामिक देशों के संगठन इस्‍लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) ने इजरायल से तत्‍काल गाजा पर हमले रोकने की अपील की है। इस संगठन की एक आपात बैठक रविवार को बुलाई गई थी जिसमें कई देशों के विदेश मंत्रियों ने हिस्‍सा लिया था। इस बैठक में पूर्वी येरुशलम को फलस्‍तीन का हिस्‍सा बताते हुए उसकी राजधानी भी बताया गया। तुर्की ने इजरायली हमलों को देखते हुए सभी इस्‍लामिक देशों से एकजुट होने का आह्वान किया है। साथ ही उन्‍होंने कहा कि वो अंतरराष्‍ट्रीय कानूनों पर जरा भी विश्‍वास न करें, क्‍योंकि ये उनका साथ नहीं देने वाले हैं।

दोनों देशों के बीच छिड़ी इस लड़ाई ने आठवें दिन (दूसरे सप्‍ताह) में प्रवेश कर लिया है। इस बीच दोनों ही तरफ से किए जा रहे हमलों में कई नागरिकों की मौत हो चुकी है। पीटीआई के अनुसार रविवार को इजरायल द्वारा किए गए हमलों में गाजा में अंतरराष्‍ट्रीय मीडिया समूह के ऑफिस समेत हमास के एक शीर्ष नेता के घर को भी उड़ा दिया गया। एएफपी के मुताबिक इस हमले में 44 से अधिक लोगों की जान गई है। ओआईसी ने इजरायल के इन हमलों को क्रूरतापूर्ण कार्रवाई बताया है। वर्चुअल रूप में हुई ओआईसी की बैठक में इजरायल द्वारा पवित्र शहर येरुशलम से फलस्‍तीनियों को भगाने की कार्रवाई की भी कड़े शब्‍दों में निंदा की गई है।


बैठक में शिरकत करते हुए सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सउद ने पूरी दुनिया से इस लड़ाई को बंद करवाने के लिए पहल करने की अपील की है। उन्‍होंने कहा है कि दोनों के बीच मसलों को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश की जानी चाहिए। हालांकि संगठन द्वारा जारी बयान से इतर मलेशिया, ब्रुनेई और इंडोनेशिया ने इस मसले पर अपने बयान अलग से जारी किए हैं। मलेशिया के शासक ने इस संबंध में तत्‍काल यूएन जनरल असेंबली की बैठक बुलाने का आह्वान किया है। वहीं सऊदी अरब, बहरीन और यूएई ने तुरंत सीजफायर करने की बात कही है। ओआईसी के मुताबिक इन हमलों में अब तक गाजा में 1200 से अधिक लोग हताहत हुए हैं जबकि करीब 200 लोगों की जान चली गई है।


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