पाक ने आईएमएफ से बोला, " आर्थिक बदहाली से जूझ रहे पाक के लिए बिजली दरों को बढ़ाना संभव नहीं"

पाक ने आईएमएफ से बोला, " आर्थिक बदहाली से जूझ रहे पाक के लिए बिजली दरों को बढ़ाना संभव नहीं"

 आर्थिक बदहाली व भीषणसे जूझ रहे पाक (Pakistan) ने अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) से बोला है कि उसके लिए बिजली दरों को व बढ़ाना संभव नहीं है। आईएमएफ की बिजली दरें बढ़ाने की मांग को नामंजूर करते हुए पाक ने बोला कि महंगाई पहले से ही रिकार्ड स्तर पर है। 

ऐसे में लोगों पर व बोझ डाल पाना संभव नहीं है। 'द नेशन' की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। इसमें बताया गया है कि पाक ने आईएमएफ को आश्वस्त किया है कि वह बिजली दरों को बढ़ाने का कोई विकल्प पेश करेगा।

आईएमएफ के प्रतिनिधिमंडल की ऊर्जा मंत्रालय के अधिकारियों के साथ मीटिंग के दौरान यह बातें रखी गईं। अधिकारियों ने आईएमएफ प्रतिनिधिमंडल को ऊर्जा मंत्रालय के प्रदर्शन व सुधार कार्यक्रमों की जानकारी दी। अधिकारियों ने आईएमएफ प्रतिनिधिमंडल से बोला कि सरकार बिजली दरों में संयोजन की एक नयी व्यवस्था बनाने पर कार्य कर रही है जिससे अगले डेढ़ वर्ष तक बिजली दरें बिना बढ़ाए कोई रास्ता निकल सके।

रिपोर्ट में बोला गया है कि सूत्रों ने बताया कि आईएमएफ प्रतिनिधिमंडल ने बिजली दरें नहीं बढ़ाने की इस बात पर कोई रिएक्शन नहीं दी। आईएमएफ अधिकारियों की पाकिस्तानी अधिकारियों से वार्ताएं अभी जारी हैं। इनके संतोषजनक रहने पर आईएमएफ 45 करोड़ डॉलर लोन की तीसरी किश्त जारी करेगा।

इससे पहले, पाक मौजूदा वित्त साल के सात महीनों में कर संग्रह में आई कमी को दूर करने के लिए कर दरों को बढ़ाने के आईएमएफ के प्रस्ताव को पहले ही नामंजूर कर चुका है। सरकार का बोलना है कि कर दरों व बिजली दरों को बढ़ाने से आम लोगों पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ेगा जो पहले से ही महंगाई की तगड़ी मार झेल रहे हैं।