संसार के कई विशेषज्ञों ने कोरोना वायरस का प्रकोप को लेकर दिया अपना अनुमान, जाने

 संसार के कई विशेषज्ञों ने कोरोना वायरस का प्रकोप को लेकर दिया अपना अनुमान, जाने

कोरोना वायरस का प्रकोप अपने शिखर पर कब होगा, इसको लेकर संसार के कई विशेषज्ञों के भिन्न-भिन्न अनुमान सामने आए हैं. कुछ ने सुझाया है कि नए संक्रमित लोगों की संख्या किसी भी दिन अपने उच्चतम स्तर तक पहुंच सकती है व यह किसी भी वक्त होने कि सम्भावना है. 

वहीं कुछ का बोलना है कि इसमें अभी महीनों लगेंगे व यह वायरस अपने शिखर तक पहुंचने से पहले करोड़ों लोगों को अपनी चपेट में ले लेगा.

मुश्किल है पूर्वानुमान

कई चोटी के विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना के अपने शिखर पर पहुंचने की भविष्यवाणी करना बेहद कठिन है. वो भी ऐसे मुद्दे में जब आपके पास अपूर्ण जानकारी हो.

आशावादी नजरिया

कोरोना वायरस को काबू करने में जुटे विशेषज्ञों में से एक चीनी चिकित्सक झोंग नंशान ने 11 फरवरी को बोला था कि कोरोना वायरस फरवरी के आखिर तक अपने शिखर पर होगा. सार्स वायरस का पता लगाने वाले झोंग का बोलना है कि सरकार के प्रयासों से दशा कुछ काबू में आए हैं. यात्रा प्रतिबंधों व छुट्टियां बढ़ाने जैसे तरीका अच्छा रहे हैं. चाइना में करीब 70 हजार लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं. हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि जितने मुद्दे सामने आए हैं, उससे कहीं ज्यादा लोग संक्रमित हैं.

संक्रमण दर अधिक

सांख्यिकीविद् सेबस्टियन फंक के अनुसार वुहान में एक संक्रमित आदमी औसतन 1.5 से 4.5 लोगों को संक्रमित कर रहा है. यात्रा प्रतिबंध से पहले बड़ी संख्या मेंलोग संक्रमित हो चुके थे. उनके अनुसार कोरोना जब शिखर पर पहुंचेगा तब तक संक्रमितों की संख्या करीब दस लाख तक पहुंच सकती है.

सबसे भीषण अनुमान

जापान के महामारी विशेषज्ञ हिरोशी निशिउरा ने अनुमान लगाया है कि मई के आखिर तक इसका प्रकोप चरम पर रहेगा. इस बिंदु पर, एक दिन में 23 लाख मुद्दे सामने आ सकते हैं. अनुमान है कि चाइना में 55 से 65 करोड़ लोग संक्रमित होंगे, जो देश की आबादी का 40 फीसद हैं.

असर

लिउंग का बोलना है कि चरम पर संक्रमित लोगों की संख्या कम करना जरूरी है. अगर हर कोई एक ही समय में बीमार हो जाता है, पूरा समाज रुक जाता है.

अधिक मृत्युदर

हांगकांग विश्वविद्यालय के महामारी विशेषज्ञ गैब्रियल लियुंग का बोलना है कि ये अनुमानों का चरम है. 9 फरवरी को झोंग द्वारा प्रकाशित रिसर्च पेपर में मृत्य दर की नयी गणना से पता चलता है कि प्रति सौ (स्रोत: नेचर डॉट कॉम) मामलों में लगभग 1.36 मौतें होती हैं. यह संख्या बहुत अधिक है.

कोरोना के सर्वाधिक शिकार हैं बुजुर्ग

चीन में कोरोना से पीड़ित 44,672 मरीजों में सबसे ज्यादा 80 वर्ष के ऊपर के बुजुर्ग हैं. जिनका फीसद 14.2 है. चाइनीज सेंटर फॉर डिजीज एवं प्रिवेंशन सेंटर के अध्ययन के मुताबिक बढ़ती आयु के क्रम में लोग इसके ज्यादा शिकार हो रहे हैं. यह स्पष्ट इंगित करता है कि आयु के साथ इंसान की प्रतिरक्षा प्रणाली निर्बल होती है.

मृत्युदर 2.3 फीसद

विश्लेषण में प्रयोग किए गए 44,672 मामलों में 1,023 लोगों की मृत्यु हुई जो 2.3 फीसद है. इसमें पाया गया कि आयु के साथ मृत्युदर भी बढ़ती जाती है.

ये बीमारियां घातक

जिन लोगों को दिल और श्वसन संबंधी रोग, हाइपरटेंशन या मधुमेह है उनमें मृत्युदर का फीसद अधिक पाया गया. साथ ही कोरोना की गिरफ्त में स्त्रियों कीतुलना में पुरुष ज्यादा आ रहे हैं. पुरुषों की मृत्युदर का फीसद 2.8 जबकि स्त्रियों का 1.7 फीसद है.