आस्‍ट्रेलिया के बाद अब भूकंप के तेज झटकों से दहला निकारागुवा, 6.5 मापी गई तीव्रता

आस्‍ट्रेलिया के बाद अब भूकंप के तेज झटकों से दहला निकारागुवा, 6.5 मापी गई तीव्रता

आस्ट्रेलिया के मेलबर्न में भूकंप के तेज झटकों के बाद अब निकारागुवा में अफरातफरी का आलम है। समाचार एजेंसी रायटर के मुताबिक निकारागुआ के तट के पास बुधवार को 6.5 तीव्रता का जोरदार भूकंप आया। यूरोपियन मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (European Mediterranean Seismological Centre, EMSC) ने बताया कि भूकंप का केंद्र 40 किलोमीटर की गहराई में था। फिलहाल सुनामी की चेतावनी नहीं जारी की गई है।  

इससे पहले आस्ट्रेलिया के मेलबर्न में बुधवार को भूकंप के तगड़े झटके महसूस किए गए। रिक्‍टर स्‍केल पर इसकी तीव्रता 5.8 मापी गई। समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक भूकंप का केंद्र आस्ट्रेलिया के दूसरे सबसे अधिक आबादी वाले शहर के उत्तर-पूर्व में मैन्सफील्ड शहर के पास 10 किलोमीटर की गहराई में था। आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्‍काट मारिसन ने बताया कि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की कोई खबर नहीं है। हालांकि स्‍थानीय मीडिया ने दक्षिण यारा के भीतरी उपनगर में चैपल स्ट्रीट पर हुए नुकसान की कुछ तस्वीरें दिखाईं।


हाल ही में चीन में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। सिचुआन प्रांत के लुझोउ शहर के लक्सियन काउंटी में सुबह 4.33 बजे आए इस भूकंप की तीव्रता 6.0 मापी गई थी। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी जबकि 60 अन्‍य घायल हो गए थे। चीन के भूकंप नेटवर्क सेंटर ने बताया था कि इसका असर 10 किलोमीटर क्षेत्र में था। भूकंप से 6,900 से अधिक संख्या में लोग विस्थापित हुए थे। इनको दूसरी जगह ले जाया गया था जबकि 10,000 को अस्थायी शेल्टरों में रखा गया था। भूकंप में 730 घर ध्‍वस्‍त जबकि 7,290 क्षतिग्रस्त हो गए थे।


पिछले हफ्ते ही जापान के इबाराकी में भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.2 मापी गई थी। इसी महीने दक्षिण-पश्चिमी मेक्सिको में अकापुल्को के समुद्र तट के पास एक शक्तिशाली भूकंप आया था जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी जबकि कई अन्‍य जख्‍मी हो गए थे। रिक्‍टर स्‍केल पर भूकंप की तीव्रता 7.0 नापी गई थी। बताते हैं कि भूकंप का झटका इतना तेज था कि ऊंची इमारतें देखते ही देखते मलबों में तब्‍दील हो गई थीं।


छत तोड़कर बिस्तर पर जा गिरा उल्का पिंड, डर से महिला का हुआ बुरा हाल

छत तोड़कर बिस्तर पर जा गिरा उल्का पिंड, डर से महिला का हुआ बुरा हाल

आधी रात को ब्रिटिश कोलंबिया में रहने वाली रुथ हैमिल्टन की नींद हल्के धमाके की आवाज के साथ खुली। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि हुआ क्या है। छत में एक सुराग दिखाई दे रहा था। हैमिल्टन ने तुरंत आपातकालीन नंबर पर फोन कर जानकारी दी। उसके बाद उन्हें जो पता चला, वह किसी आश्चर्य से कम नहीं था। उनके बिस्तर पर ठीक उनके तकिए के पास एक उल्कापिंड गिरा था।

यह घटना तीन अक्टूबर की है। उस घटना को याद कर हैमिल्टन सिहर उठती हैं। छत में सुराग करते हुए करीब सवा किलो का उल्का पिंड उनके चेहरे से कुछ ही दूरी पर गिरा था। इसके बाद पूरी रात वह नहीं सो पाई थीं। यूनिवर्सिटी आफ वेस्टर्न ओंटारियो के प्रोफेसर पीटर ब्राउन ने पुष्टि की है कि हैमिल्टन के बिस्तर पर उल्का पिंड ही गिरा था। यह घटना इंटरनेट मीडिया पर भी वायरल हो रही है। वैसे तो हर घंटे कोई न कोई उल्का पिंड धरती की ओर आता है। इनमें से ज्यादातर पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश करते ही नष्ट हो जाते हैं और कुछ नीचे गिर जाते हैं। वैज्ञानिक अध्ययन के दृष्टिकोण से इन्हें अहम माना जाता है। कई बार इनकी अच्छी खासी बोली भी लगती है।


पूरा घटनाक्रम-

महिला की जान उस वक्त खतरे में आ गई, जब वह अपने बिस्‍तर पर सो रही थी। दरअसल, उसके बिस्तर पर अचानक से अंतरिक्ष (Space) से एक उल्‍कापिंड आ गिरा। गनीमत रही कि यह उल्‍कापिंड महिला से कुछ इंच की दूरी पर गिरा, जिसके चलते उसे कोई नुकसान नहीं हुआ। लेकिन इस हादसे से महिला बेहद डर गई थी। उल्‍कापिंड घर की छत में छेद करते हुए महिला के बगल में गिरा था।


गनीमत रही कि इस खौफनाक घटना में हैमिल्‍टन बाल-बाल बच गई. उसने इमरजेंसी सर्विस को फोन किया और पता लगाने की कोशिश की। ये पत्थरनुमा चीज कहां से आई थी. बाद में पता चला कि पत्थरनुमा चीज उल्‍कापिंड थी. यानी कि हैमिल्‍टन के घर पर उल्‍कापिंड गिरा था।