नेपाल में ओली को सुप्रीम कोर्ट ने दिया झटका, 12 कैबिनेट और आठ राज्य स्तर के मंत्रियों को हटाया

नेपाल में ओली को सुप्रीम कोर्ट ने दिया झटका, 12 कैबिनेट और आठ राज्य स्तर के मंत्रियों को हटाया

 नेपाल की सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को करारा झटका दिया है। संसद भंग करने के बाद किए गए मंत्रिमंडल विस्तार को संविधान के विरुद्ध बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इसे रद कर दिया है। सर्वोच्च न्यायालय के इस आदेश के बाद एक झटके में ओली के बीस मंत्री कार्यमुक्त हो गए हैं। इनमें 12 कैबिनेट और आठ राज्य स्तर के मंत्री हैं।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश चोलेंद्र शमशेर बहादुर जेबीआर और जस्टिस प्रकाश कुमार धूंगना की पीठ ने यह अंतरिम आदेश दिया है। पीठ ने अपने निर्णय में कहा है कि विशेष परिस्थितियों में जब संसद भंग कर दी जाती है, तब यह स्पष्ट व्यवस्था है कि प्रधानमंत्री और उनकी मौजूदा कैबिनेट ही पद पर कार्य करते रहेंगे।

वर्तमान स्थिति में मौजूदा प्रधानमंत्री सामान्य परिस्थितियों की तरह कैबिनेट का विस्तार नहीं कर सकते हैं। संविधान की धारा 77 (3) में इसका स्पष्ट प्रविधान है। इस आदेश के बाद कार्यवाहक प्रधानमंत्री की कैबिनेट के बीस मंत्री कार्यमुक्त हो गए। अब ओली की कैबिनेट में चार मंत्री ही पद पर बने रहेंगे। ओली के कैबिनेट विस्तार के खिलाफ कुछ हफ्तों पहले यह याचिका दायर की गई थी।


नेपाल में सड़क बनाने वाली चीनी कंपनी का विरोध

नेपाल के सिंधुपाल चौक में चाइना रेलवे कंस्ट्रक्शन कार्पोरेशन (सीआसीसी) के सड़क बनाए जाने के दौरान भूस्खलन हो गया। इसके बाद सैकड़ों लोग विरोध के लिए सड़क पर उतर आए। जनता का आरोप है कि चीनी कंपनी पर्यावरण की चिंता किए बगैर सड़क का निर्माण कर रही है, जिससे तमाम घरों को नुकसान पहुंचा है। लोगों ने चीनी कंपनी से मुआवजा दिए जाने की भी मांग की।


केन्या को ब्रिटेन की ओर से मिलेगी कोरोना वैक्सीन की बड़ी खेप

केन्या को ब्रिटेन की ओर से मिलेगी कोरोना वैक्सीन की बड़ी खेप

दुनिया को महामारी कोविड-19 से जूझने में ब्रिटेन की ओर से कोरोना वैक्सीन की मदद दी जानी है। इसके तहत केन्या को  कोरोना वैक्सीन ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका की  817,000 खुराकें मिलेंगी।  बता दें कि प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन केन्या के राष्ट्रपति उहुरु केन्यात्ता से ब्रिटेन में मिलने वाले हैं। 

उल्लेखनीय है कि महामारी का प्रकोप एक बार फिर अमेरिका समेत कई देशों में दिखने लगा है। इस क्रम में अमेरिकी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने अब लोगों को बढ़ते डेल्टा वेरिएंट के संक्रमण के कारण मास्क पहनना फिर से अनिवार्य कर दिया है। दरअसल तीन महीने पहले ही यह सुझाव दिया गया था कि वैक्सीन की खुराक ले चुके लोगों को अब घर के अंदर या बाहर मास्क पहनने की जरूरत नहीं है।

कोरोना महामारी से जंग लड़ रही दुनिया के पास अभी तक इससे बचाव का एकमात्र कारगर उपाय कोरोना वैक्सीन ही है। 2019 के अंत में चीन के वुहान से शुरू हुए कोरोना संक्रमण के कारण अब तक दुनिया में कुल पॉजिटिव केस का आंकड़ा 195,265,112 हो चुका है और मरने वालों की संख्या 4,176,605 है। महामारी की शुरुआत के साथ ही दुनिया भर में अमेरिका में सबसे अधिक संक्रमण के मामले आए। अब तक यहां कुल संक्रमितों का आंकड़ा 34,603,658 और मरने वालों की संख्या 611,409 हो चुकी है। ये वैश्विक आंकड़े अमेरिका की जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी की ओर से आज सुबह जारी किए गए हैं।

बता दें कि गत मई माह में केन्या ने कोविड-19 राहत प्रयासों के तौर पर भारत को 12 टन खाद्य उत्पाद दान में भिजवाए थे। इसमें इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी को 12 टन चाय, कॉफी और मूंगफली दिए, जिनका उत्पादन स्थानीय तौर पर किया गया था। भारत में अफ्रीकी देश के उच्चायुक्त विली बेट ने कहा, 'केन्या सरकार खाद्य पदार्थ दान देकर कोविड-19 महामारी के दौर में भारत की सरकार और उसके लोगों के साथ एकजुटता दिखाना चाहती है।'