अमेरिका ने ईरान से तनाव के दौरान ब्रिटेन से भी लिया पंगा, जाने कैसे

 अमेरिका ने ईरान से तनाव के दौरान ब्रिटेन से भी लिया पंगा, जाने कैसे

 में जारी तनाव अपने चरम पर है। ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की मृत्यु के बाद अमेरिका व ईरान के बीच वार-पलटवार का दौर जारी है। ऐसे में लोग तो यह मानकर चल रहे हैं कि दशा अगर ऐसे ही रहे, तो तीसरा विश्वयुद्ध दूर नहीं है। 

इसी बीच ईरान के विदेश मंत्रालय ने ब्रिटेन के राजदूत रॉब मैकायर को तलब कर उनसे यहां हुए 'गैर-कानूनी' सरकार विरोधी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए स्पष्टीकरण मांगा है। एक न्यूज एजेंसी के अनुसार, मैकायर को प्रदर्शन के बाद गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद से ब्रिटेन व ईरान में एक झगड़े की आरंभ हो गई है।

राजदूत की अस्थायी हिरासत 
राजदूत ने बोला कि वह 8 जनवरी को यूक्रेन एयरलाइन में मारे गए लोगों के लिए निकाले गए जुलूस में शामिल होने के लिए गए थे, लेकिन जब प्रदर्शन सरकार के विरूद्ध होने लगा तो वह वहां से निकल गए। ईरान के विदेश मंत्रालय ने रविवार को जारी किए गए एक बयान में कहा, "रॉब मैकायर को शनिवार को हुई अवैध रैली में शिरकत कर उनके गैर परंपरागत व्यवहार के चलते तलब किया गया। " 

राजदूत की अस्थायी हिरासत की समाचार के खुलासे के बाद ईरान के उप विदेश मंत्री अब्बास अर्घची ने रिएक्शन जाहीर की। उन्होंने कहा, "गैर-कानूनी रूप से इकट्ठा होने पर एक अज्ञात विदेशी होने के चलते उनको हिरासत में नहीं लिया गया था, बल्कि हिरासत में लिया गया था।

ब्रिटिश राजदूत ने कहा- मैं किसी भी प्रदर्शन में भाग नहीं ले रहा था
जब पुलिस ने मुझे सूचित किया कि अरैस्ट हुआ एक आदमी दावा कर रहा है कि वह ब्रिटेन का राजदूत है, तो मैंने बोला यह संभव नहीं हो सकता। " उन्होंने आगे कहा, "जब मेरी उनसे फोन पर बात हुई तब जाकर मैं आश्चर्यचकित हुआ व मैंने पुष्टि की कि वह राजदूत हैं। 15 मिनट बाद ही उन्हें छोड़ दिया गया। " ब्रिटिश राजदूत ने ट्वीट कर कहा, "पुष्टि कर सकता हूं कि मैं किसी भी प्रदर्शन में भाग नहीं ले रहा था! मैं वहां पीएस752 त्रासदी में मारे गए पीड़ितों के लिए आयोजित की गई रैली में भाग लेने गया था। "

अगर हकीकत में तीसरा विश्वयुद्ध होता है, तो यह सबसे भयानक साबित होगा
अगर हकीकत में तीसरा विश्वयुद्ध होता है, तो यह सबसे भयानक साबित होगा। इसमें कुछ राष्ट्रों का तो नामोनिशान मिट सकता है। इसलिए अगर आज World War three शुरु हो जाए तो कौन देश किसके पक्ष में होगा। हमला होने के बाद कई देश ईरान के पक्ष में हैं। इनमें सबसे पहले है रशिया जो ईरान का दोस्त है। इसके बाद चाइना भी अमेरिका के विरूद्ध ईरान का साथ देगा। इराक इस हमले के बाद से लगातार ईरान के पक्ष में बयान दे रहा है। इसके अतिरिक्त यमन, लेबनन, सीरिया व फिलीस्तीन भी ईरान का साथ दे रहे हैं।

ईरान पर इस हमले के बाद अमेरिका का साथ दे रहे हैं। इंग्लैंड, फ्रांस, इज़रायल, सऊदी अरब, जॉर्डन व यूएई डोनल्ड ट्रंप के साथ हैं। कई देश ट्रंप के हमले के निर्णय से खुश नहीं है लेकिन अगर युद्ध हुआ तो ये अमेरिका का साथ देंगे क्योंकि इनमें से कई देश पश्चिम एशिया में ईरान का वर्चस्व कम होते हुए देखना चाहते हैं।