हमास को पर्दे के पीछे से बढ़ावा दे रहा है पाकिस्तान, फलस्तीनी आतंकियों को दे रहा ट्रेनिंग

हमास को पर्दे के पीछे से बढ़ावा दे रहा है पाकिस्तान, फलस्तीनी आतंकियों को दे रहा ट्रेनिंग

पाकिस्तान पर्दे के पीछे से फलस्तीनी आतंकी संगठन हमास को ना सिर्फ पनाह दे रहा है बल्कि उसके आतंकियों को पूरा प्रशिक्षण भी दे रहा है। ताकि पश्चिम एशिया के उलझे हुए हालात को और हवा दी जा सके। इजरायल के खिलाफ हमास का इस्तेमाल करके पाकिस्तान अरब देशों में अपना इस्लामिक एजेंडा स्थापित करके अपना रुतबा बढ़ाना चाहता है। टाइम्स आफ इजरायल के ओपेड पेज में प्रकाशित भू-राजनीतिक विशेषज्ञ फैबियन बुसरत का कहना है कि ईरान, कतर और तुर्की का हमास को मदद देने के पुख्ता सुबूत हैं। लेकिन इस दिशा में पाकिस्तान की भूमिका से लोग अभी तक वाकिफ नहीं हैं। यह मदद पूरी तरह खुफिया तरीके से दी जा रही है।

यह जानकारी तब सामने आई है जब हाल ही में इजरायल और हमास के बीच भीषण संघर्ष होने के बाद संघर्षविराम घोषित किया गया है। राजनीतिक और विदेश मामलों के सेंटर (सीपीएफए) के अध्यक्ष बुसरत ने कहा कि विचारधारा के मोर्चे पर हमास ने पाकिस्तान और जेहादी संगठनों से अपने रिश्ते गहरे कर लिए हैं। 'मुस्लिम ब्रदरहुड' से पनपे हमास की ताकत फिर से उभरी है और जमात-ए-इस्लामी की ताकत बढ़ी है। जमात पाकिस्तान में जेहाद का प्रमुख स्रोत है। यह दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।

पाकिस्तान और हमास की यह वैचारिक समानता उनके मजबूत संबंधों का मुख्य आधार है। रिपोर्ट में पाकिस्तान पर पश्चिम एशिया में नफरत फैलाने का आरोप लगाया गया है। हमास पश्चिम एशिया में कोई अकेला आतंकी संगठन नहीं है लेकिन पाकिस्तान उसका बढ़चढ़कर साथ दे रहा है। फलस्तीन के पाकिस्तान ने पैरवी दोगुनी कर दी है। हालांकि पाकिस्तानी लोग खुलकर फलस्तीनी लोगों की वकालत करते हैं।

ईरान में अब क्रूर जल्लादों का शासन होगा : इजरायल

इजरायल ने कट्टरपंथी न्यायाधीश इब्राहिम रईसी को ईरानी राष्ट्रपति चुने जाने की निंदा की । साथ ही कहा है कि उनकी सत्ता 'क्रूर जल्लादों का शासन' होगा। उसने वैश्विक बिरादरी से अपील है कि उन्हें ईरान से एक नए परमाणु समझौते पर वार्ता नहीं करनी चाहिए।


केन्या को ब्रिटेन की ओर से मिलेगी कोरोना वैक्सीन की बड़ी खेप

केन्या को ब्रिटेन की ओर से मिलेगी कोरोना वैक्सीन की बड़ी खेप

दुनिया को महामारी कोविड-19 से जूझने में ब्रिटेन की ओर से कोरोना वैक्सीन की मदद दी जानी है। इसके तहत केन्या को  कोरोना वैक्सीन ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका की  817,000 खुराकें मिलेंगी।  बता दें कि प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन केन्या के राष्ट्रपति उहुरु केन्यात्ता से ब्रिटेन में मिलने वाले हैं। 

उल्लेखनीय है कि महामारी का प्रकोप एक बार फिर अमेरिका समेत कई देशों में दिखने लगा है। इस क्रम में अमेरिकी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने अब लोगों को बढ़ते डेल्टा वेरिएंट के संक्रमण के कारण मास्क पहनना फिर से अनिवार्य कर दिया है। दरअसल तीन महीने पहले ही यह सुझाव दिया गया था कि वैक्सीन की खुराक ले चुके लोगों को अब घर के अंदर या बाहर मास्क पहनने की जरूरत नहीं है।

कोरोना महामारी से जंग लड़ रही दुनिया के पास अभी तक इससे बचाव का एकमात्र कारगर उपाय कोरोना वैक्सीन ही है। 2019 के अंत में चीन के वुहान से शुरू हुए कोरोना संक्रमण के कारण अब तक दुनिया में कुल पॉजिटिव केस का आंकड़ा 195,265,112 हो चुका है और मरने वालों की संख्या 4,176,605 है। महामारी की शुरुआत के साथ ही दुनिया भर में अमेरिका में सबसे अधिक संक्रमण के मामले आए। अब तक यहां कुल संक्रमितों का आंकड़ा 34,603,658 और मरने वालों की संख्या 611,409 हो चुकी है। ये वैश्विक आंकड़े अमेरिका की जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी की ओर से आज सुबह जारी किए गए हैं।

बता दें कि गत मई माह में केन्या ने कोविड-19 राहत प्रयासों के तौर पर भारत को 12 टन खाद्य उत्पाद दान में भिजवाए थे। इसमें इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी को 12 टन चाय, कॉफी और मूंगफली दिए, जिनका उत्पादन स्थानीय तौर पर किया गया था। भारत में अफ्रीकी देश के उच्चायुक्त विली बेट ने कहा, 'केन्या सरकार खाद्य पदार्थ दान देकर कोविड-19 महामारी के दौर में भारत की सरकार और उसके लोगों के साथ एकजुटता दिखाना चाहती है।'