भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को अगवा करने के पुख्ता सुबूत नहीं : एंटीगुआ

भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को अगवा करने के पुख्ता सुबूत नहीं : एंटीगुआ

एंटीगुआ और बारबुडा के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने मंगलवार को कहा कि उन्हें ऐसे किसी पुख्ता सुबूत की जानकारी नहीं है कि भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को अगवा कर डोमिनिका ले जाया गया।

पीएम ब्राउन संसद में इस मामले में सांसदों के सवालों जवाब दे रहे थे। एक सवाल के जवाब उन्होंने कहा कि उन्हें क्या उन्हें या राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री या किसी अन्य जांच निकाय को ऐसा कोई सुबूत नहीं मिला कि मेहुल चोकसी को उसकी मर्जी के बिना गलत तरीकों से डोमिनिका ले जाया गया। ब्राउन ने कहा कि इस सिलसिले में मुझे सुबूतों की जानकारी नहीं है। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट में इस तरह का दावा किया जा रहा है कि मेहुल चोकसी को अगवा कर डोमिनिका ले जाया गया।

उल्लेखनीय है चोकसी 23 मई को डिनर के लिए बाहर जाने के बाद एंटीगुआ से लापता हो गया था। उसे कुछ दिन बाद डोमिनिका में पकड़ा गया। प्रत्यर्पण से बचने के संभावित प्रयास में एंटीगुआ और बारबुडा से कथित रूप से भागने के बाद डोमिनिका में पुलिस ने उस पर अवैध प्रवेश का आरोप लगाया था। इस मामले की सुनवाई के लिए मेहुल चोकसी 14 जून को अदालत में पेश होने में विफल रहा। अब इस मामले की सुनवाई 25 जून को होगी।

वहीं, एंटीगुआ की संसद में विपक्षी पार्टियों में से एक यूनाइटेड प्रोग्रेसिव पार्टी (UPP) के नेता हेरोल्ड लोवेल ने कहा था कि मेहुल चोकसी का अपहरण अंतरराष्ट्रीय अपराध है जिसकी वजह से एंटीगुआ एवं बरबुडा को शर्मिदगी उठानी पड़ी है।

62 वर्षीय भगोड़ा चोकसी 2018 में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में 13,500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में भारत में वांछित है।


केन्या को ब्रिटेन की ओर से मिलेगी कोरोना वैक्सीन की बड़ी खेप

केन्या को ब्रिटेन की ओर से मिलेगी कोरोना वैक्सीन की बड़ी खेप

दुनिया को महामारी कोविड-19 से जूझने में ब्रिटेन की ओर से कोरोना वैक्सीन की मदद दी जानी है। इसके तहत केन्या को  कोरोना वैक्सीन ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका की  817,000 खुराकें मिलेंगी।  बता दें कि प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन केन्या के राष्ट्रपति उहुरु केन्यात्ता से ब्रिटेन में मिलने वाले हैं। 

उल्लेखनीय है कि महामारी का प्रकोप एक बार फिर अमेरिका समेत कई देशों में दिखने लगा है। इस क्रम में अमेरिकी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने अब लोगों को बढ़ते डेल्टा वेरिएंट के संक्रमण के कारण मास्क पहनना फिर से अनिवार्य कर दिया है। दरअसल तीन महीने पहले ही यह सुझाव दिया गया था कि वैक्सीन की खुराक ले चुके लोगों को अब घर के अंदर या बाहर मास्क पहनने की जरूरत नहीं है।

कोरोना महामारी से जंग लड़ रही दुनिया के पास अभी तक इससे बचाव का एकमात्र कारगर उपाय कोरोना वैक्सीन ही है। 2019 के अंत में चीन के वुहान से शुरू हुए कोरोना संक्रमण के कारण अब तक दुनिया में कुल पॉजिटिव केस का आंकड़ा 195,265,112 हो चुका है और मरने वालों की संख्या 4,176,605 है। महामारी की शुरुआत के साथ ही दुनिया भर में अमेरिका में सबसे अधिक संक्रमण के मामले आए। अब तक यहां कुल संक्रमितों का आंकड़ा 34,603,658 और मरने वालों की संख्या 611,409 हो चुकी है। ये वैश्विक आंकड़े अमेरिका की जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी की ओर से आज सुबह जारी किए गए हैं।

बता दें कि गत मई माह में केन्या ने कोविड-19 राहत प्रयासों के तौर पर भारत को 12 टन खाद्य उत्पाद दान में भिजवाए थे। इसमें इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी को 12 टन चाय, कॉफी और मूंगफली दिए, जिनका उत्पादन स्थानीय तौर पर किया गया था। भारत में अफ्रीकी देश के उच्चायुक्त विली बेट ने कहा, 'केन्या सरकार खाद्य पदार्थ दान देकर कोविड-19 महामारी के दौर में भारत की सरकार और उसके लोगों के साथ एकजुटता दिखाना चाहती है।'