डा नारायण खड़का को नेपाल के विदेश मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया: पीएम सचिवालय

डा नारायण खड़का को नेपाल के विदेश मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया: पीएम सचिवालय

नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने नई सरकार बनाने के दो महीने बाद बुधवार को नारायण खड़का को विदेश मंत्री नियुक्त किया। देउबा के सचिवालय ने पुष्टि की कि खड़का को संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में देश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए विदेश मंत्री नियुक्त किया गया है।

प्रधानमंत्री देउबा के निजी सचिव भानु देउबा ने फोन पर एएनआइ को पुष्टि करते हुए कहा कि उनका दोपहर को राष्ट्रपति कार्यालय में शपथ लेने का कार्यक्रम है। हालांकि, विदेश मंत्री के रूप एक नए मंत्री को शामिल किया गया है, लेकिन नेतृत्व में 16 मंत्रालय अभी भी खाली हैं।

खड़का को विदेश मंत्री नियुक्त करने का फैसला मंगलवार को कैबिनेट की बैठक के बाद लिया गया। शपथ ग्रहण समारोह के बाद, पीएम सचिवालय ने पुष्टि की कि खड़का दिन में बाद में कार्यालय का कार्यभार संभालने के लिए सिंघा दरबार जाएंगे और शाम को अमेरिका के लिए रवाना होंगे।


नवनियुक्त मंत्री खड़का संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र में भाग लेने के लिए न्यूयार्क के लिए उड़ान भरने वाले हैं। सत्तारूढ़ गठबंधन दलों के परामर्श के बाद पीएम देउबा ने डा खड़का को विदेश मंत्री नियुक्त किया।

देउबा ने गठबंधन दलों से यह कहते हुए सहमति मांगी थी कि मंत्रालय नेपाली कांग्रेस के पास रहेगा। गठबंधन के नेता नेकां को मंत्रालय देने के लिए सहमत हो गए हैं, हालांकि गठबंधन के अन्य दल मंत्रालय पर दावा करते रहे हैं।


शेर बहादुर देउबा को जुलाई में पांचवीं बार नेपाल का प्रधान मंत्री नियुक्त किया गया था, जिसके एक दिन बाद सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिनिधि सभा को बहाल किया और नए नेता होने के उनके दावे को बरकरार रखा।


छत तोड़कर बिस्तर पर जा गिरा उल्का पिंड, डर से महिला का हुआ बुरा हाल

छत तोड़कर बिस्तर पर जा गिरा उल्का पिंड, डर से महिला का हुआ बुरा हाल

आधी रात को ब्रिटिश कोलंबिया में रहने वाली रुथ हैमिल्टन की नींद हल्के धमाके की आवाज के साथ खुली। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि हुआ क्या है। छत में एक सुराग दिखाई दे रहा था। हैमिल्टन ने तुरंत आपातकालीन नंबर पर फोन कर जानकारी दी। उसके बाद उन्हें जो पता चला, वह किसी आश्चर्य से कम नहीं था। उनके बिस्तर पर ठीक उनके तकिए के पास एक उल्कापिंड गिरा था।

यह घटना तीन अक्टूबर की है। उस घटना को याद कर हैमिल्टन सिहर उठती हैं। छत में सुराग करते हुए करीब सवा किलो का उल्का पिंड उनके चेहरे से कुछ ही दूरी पर गिरा था। इसके बाद पूरी रात वह नहीं सो पाई थीं। यूनिवर्सिटी आफ वेस्टर्न ओंटारियो के प्रोफेसर पीटर ब्राउन ने पुष्टि की है कि हैमिल्टन के बिस्तर पर उल्का पिंड ही गिरा था। यह घटना इंटरनेट मीडिया पर भी वायरल हो रही है। वैसे तो हर घंटे कोई न कोई उल्का पिंड धरती की ओर आता है। इनमें से ज्यादातर पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश करते ही नष्ट हो जाते हैं और कुछ नीचे गिर जाते हैं। वैज्ञानिक अध्ययन के दृष्टिकोण से इन्हें अहम माना जाता है। कई बार इनकी अच्छी खासी बोली भी लगती है।


पूरा घटनाक्रम-

महिला की जान उस वक्त खतरे में आ गई, जब वह अपने बिस्‍तर पर सो रही थी। दरअसल, उसके बिस्तर पर अचानक से अंतरिक्ष (Space) से एक उल्‍कापिंड आ गिरा। गनीमत रही कि यह उल्‍कापिंड महिला से कुछ इंच की दूरी पर गिरा, जिसके चलते उसे कोई नुकसान नहीं हुआ। लेकिन इस हादसे से महिला बेहद डर गई थी। उल्‍कापिंड घर की छत में छेद करते हुए महिला के बगल में गिरा था।


गनीमत रही कि इस खौफनाक घटना में हैमिल्‍टन बाल-बाल बच गई. उसने इमरजेंसी सर्विस को फोन किया और पता लगाने की कोशिश की। ये पत्थरनुमा चीज कहां से आई थी. बाद में पता चला कि पत्थरनुमा चीज उल्‍कापिंड थी. यानी कि हैमिल्‍टन के घर पर उल्‍कापिंड गिरा था।