एक महिला को दंपति पर अप्रवासी महिला के आरोप में सुनाई गई सजा

एक महिला को दंपति पर अप्रवासी महिला के आरोप में सुनाई गई सजा

अप्रवासियों के बहुल देश सिंगापुर ( Singapore ) में एक भारतीय दंपति ( Indian Couple ) को कारागार की सजा सुनाई गई है. दंपति पर अप्रवासी महिला के आरोप में पांच वर्ष छह महीने की सजा सुनाई गई है.

इसके सात ही सिंगापुर में यह मानव तस्करी ( Human Trafficking ) व गैरकानूनी मानव श्रम ( Illegal labour ) से संबंधित पहला मुद्दा बन गया है, जिसमें सजा सुनाई गई है.

तीन बांग्लादेशी स्त्रियों का शोषण

जानकारी के मुताबिक, भारतीय दंपति पर तीन बांग्लादेशी स्त्रियों के उत्पीड़न का क्रिमिनल पाया गया है. इन स्त्रियों को दंपति ने अपने नाइटक्लब में नाचने के लिए रखा था. न्यायालय ने दंपति को महिला डांसर के विरूद्ध गलत भाषा का प्रयोग, उनकी आवाजाही पर रोक लगाने व पासपोर्ट अपने कब्जे में रखने का दोषी पाया है. इसके बाद उनके विरूद्ध सजा सुनाई गई है.

जबरदस्ती देह व्यापार का भी आरोप

इसके अतिरिक्त एक महिला के साथ जबरदस्ती देह व्यापार भी कराया गया. न्यायालय में यह भी पता चला कि दो स्त्रियों को कार्य करने के बाद भी उनकी सैलरी भी नहीं दी गई. न्यायालय ने अपने निर्णय में नाइटक्लब के कर्मचारियों को वाजीब सैलरी न देने के एवज में जुर्माने के तौर पर 3600 डॉलर की रकम भरने की बात कही है. बताया जा रहा है कि वैसे दंपति जमानत पर हैं. इसके साथ ही वे न्यायालय के निर्णय को चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं.

2015 में बना था सिंगापुर का कानून

गौरतलब है कि सिंगापुर में 2015 में मानव तस्करी व गैरकानूनी मानव श्रम को रोकने के लिए एक कानून बनाया गया था. इस कानून के आने के बाद यह पहला मुद्दा है जिसमें किसी आरोपी को सजा सुनाई गई है. इस कानून में दोषी पाए गए अपराधियों को 10 वर्ष तक कारागार व साथ ही जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है.