यूक्रेन ने अमेरिकी रॉकेट से अपने ही 40 से ज्यादा युद्धबंदियों को उतारा मौत के घाट, 75 घायल

यूक्रेन ने अमेरिकी रॉकेट से अपने ही 40 से ज्यादा युद्धबंदियों को उतारा मौत के घाट, 75 घायल

रूस ने शुक्रवार को दावा किया कि यूक्रेन ने अमेरिकी रॉकेट से हमला कर अपने ही 40 कैदियों को मार डाला. रूस ने बोला कि यूक्रेन ने अलगाववादियों के कब्जे वाले क्षेत्र में एक कारागार को अमेरिका द्वारा निर्मित HIMARS रॉकेट से निशाना बनाया. रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान यूक्रेन के 40 से अधिक युद्धबंदी मारे गए और 75 घायल हो गए. वहीं यूक्रेन ने इन आरोपों से इनकार किया है. इन कैदियों को गत मई में मारियुपोल पर रूसी कब्जे के बाद अरैस्ट किया गया था.

समाचार एजेंसी एपी ने अपनी रिपोर्ट में बोला है कि मारियुपोल पर कब्जे की जंग के दौरान बंधक बनाए गए 53 यूक्रेनी युद्धबंदी यूक्रेन की गोलाबारी में मारे गए हैं. पूर्वी यूक्रेन में रूस के समर्थन वाले अलगाववादियों ने यह दावा किया है. रिपोर्ट में बोला गया है कि यूक्रेन की ओर से रूसी नियत्रंण वाले दोनेत्स्क क्षेत्र में ओलेनिवका कस्बे की एक कारागार पर रॉकेट दागे गए, जिसमें 75 यूक्रेनी युद्धबंदी घायल हो गए. एक रूसी मीडिया युद्ध संवाददाता, आंद्रेई रुडेंको द्वारा जारी किए गए वीडियो में, रूसी समर्थित सेना कर्मियों को कारागार के जले हुए अवशेषों से गुजरते हुए देखा जा सकता है. बिल्डिंग की टूटी छत नीचे लटक रही है. 

रूस ने बोला कि यूक्रेन ने रूस के नियंत्रण वाले डोनेत्स्क क्षेत्र में ओलेनिवका की कारागार पर हमले में अमेरिका द्वारा दिए गए ‘एचआईएमएआरएस मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर’ का उपयोग किया. रूस के ऑफिसरों और दोनेत्स्क में अलगाववादी ऑफिसरों ने बोला कि हमले में 53 यूक्रेनी युद्ध बंदियों की मृत्यु हो गई और 75 घायल हो गए.

रूसी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल इगोर कोनाशेनकोव ने हमले को ‘खूनी उकसावा’ करार दिया, जिसका उद्देश्य यूक्रेनी सैनिकों को सेरेण्डर करने से हतोत्साहित करना था. उन्होंने बताया कि गोलाबारी में आठ कारागार प्रहरी भी घायल हुए. यूक्रेनी सेना ने ओलेनिवका पर किसी भी रॉकेट या तोप हमले से इनकार किया और जोर देकर बोला कि वह नागरिक क्षेत्रों पर गोलाबारी नहीं कर रही थी और उसका निशाना सिर्फ रूसी सेना ठिकाने थे.

यूक्रेनी सेना ने आरोप लगाया कि रूस ने यूक्रेन पर युद्ध अपराधों का आरोप लगाने और वहां लोगों को यातना और सजा-ए-मौत देने की घटना को छुपाने के लिए जानबूझकर कारागार पर गोलाबारी की. यूक्रेनी सेना के बयान में ‘यूक्रेनी सेना को दोषी ठहराने के लिए सूचना युद्ध’ के हिस्से के रूप में रूसी दावों की निंदा की गई. हालांकि, किसी भी दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी.