अमेरिका: जो बाइडन की अपील, छोटा रखें डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग ट्रायल

अमेरिका: जो बाइडन की अपील, छोटा रखें डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग ट्रायल

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने ऊपरी सदन (सीनेट) में अपने डेमोक्रेटिक पार्टी के साथियों से पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के महाभियोग की सुनवाई को छोटा रखने और इसे एजेंडा से ना उतरने का आग्रह किया है। व्हाइट हाउस के करीबी अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रपति बाइडन ट्रंप के महाभियोग ट्रायल से खुद को दूर कर लेंगे जो फरवरी दूसरे सप्ताह में शुरू हो रहा है।

दावा : ट्रायल से खुद को दूर कर सकते हैं अमेरिकी राष्ट्रपति
‘द हिल’ के मुताबिक, बाइडन ने ट्रंप के दूसरे महाभियोग को कभी स्वीकार नहीं किया। हालांकि, उन्होंने कैपिटल हिल में 6 जनवरी के दंगों में पूर्व राष्ट्रपति की भागीदारी पर अपनी पार्टी में नाराजगी के बीच किसी के रास्ते में खड़े होने की मांग नहीं की। ‘द हिल’ के हवाले से व्हाइट हाउस के करीबी और बाइडन के एक सहयोगी ने कहा कि हम हमेशा से जानते थे कि यह होने वाला था। हम अब रिपब्लिकन के साथ हैं और अब वह इस प्रक्रिया का सम्मान करने जा रहे हैं।

बताया गया कि ट्रंप के महाभियोग ट्रायल से बाइडन को कुछ जोखिम है और कुछ डेमोक्रेट नेताओं ने चेतावनी भी दी है कि यह ट्रायल उनके शुरुआती एजेंडे को बर्बाद कर सकता है। बता दें कि ट्रंप इस महाभियोग की सुनवाई से इसलिए बच सकते हैं क्योंकि डेमोक्रेटिक पार्टी इसके लिए रिपब्लिक पार्टी के सांसदों का पर्याप्त समर्थन नहीं जुटा पाई है। 

ट्रंप के बचाव दल से अलग हुए दो प्रमुख वकील
ट्रंप के खिलाफ सीनेट में महाभियोग की सुनवाई शुरू होने से सिर्फ एक सप्ताह पहले उनके बचाव पक्ष की टीम से दो प्रमुख वकील अलग हो गए हैं। इस घटनाक्रम से परिचित दो अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि दो प्रमुख वकीलों बुच बोवर्स और देबोराह बार्बियर के अलग होने से बचाव पक्ष की रणनीति को लेकर अनिश्चय की स्थिति बन गई है। सूत्रों के मुताबिक मामले की दिशा को लेकर मतभेदों के चलते दोनों वकीलों ने अलग होने का फैसला परस्पर सहमति से लिया। इस दल में दो अन्य वकीलों की शामिल करने की घोषणा जल्द ही की जाएगी।


कहीं खतरनाक रूप न ले ले इजरायल-फलस्‍तीन के बीच छिड़ी लड़ाई! तुर्की का कड़ा रुख

कहीं खतरनाक रूप न ले ले इजरायल-फलस्‍तीन के बीच छिड़ी लड़ाई! तुर्की का कड़ा रुख

इजरायल-फलस्‍तीन के बीच छिड़ी लड़ाई के बढ़ने की आशंका गहरा गई है। तुर्की ने फिलीस्‍तीन के समर्थन में आवाज उठाते हुए कहा है कि इजरायल के खिलाफ सभी मुस्लिम देश एकजुट होकर जवाब दें। इस बीच अमेरिका ने एक बार फिर से इजरायल के हवाई हमलों को जायज करार देते हुए कहा है कि उन्‍हें अपनी रक्षा करने का अधिकार है। इन दोनों देशों के बीच छिड़ी लड़ाई में अब अलग-अलग खेमे बंटते जा रहे हैं। रूस ने भी तुर्की का साथ देते हुए फलस्‍तीन का समर्थन किया है। जबकि अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस इजरायल के समर्थन में आ खड़े हुए हैं।

रॉयटर्स के मुताबिक दुनिया के 57 इस्‍लामिक देशों के संगठन इस्‍लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) ने इजरायल से तत्‍काल गाजा पर हमले रोकने की अपील की है। इस संगठन की एक आपात बैठक रविवार को बुलाई गई थी जिसमें कई देशों के विदेश मंत्रियों ने हिस्‍सा लिया था। इस बैठक में पूर्वी येरुशलम को फलस्‍तीन का हिस्‍सा बताते हुए उसकी राजधानी भी बताया गया। तुर्की ने इजरायली हमलों को देखते हुए सभी इस्‍लामिक देशों से एकजुट होने का आह्वान किया है। साथ ही उन्‍होंने कहा कि वो अंतरराष्‍ट्रीय कानूनों पर जरा भी विश्‍वास न करें, क्‍योंकि ये उनका साथ नहीं देने वाले हैं।

दोनों देशों के बीच छिड़ी इस लड़ाई ने आठवें दिन (दूसरे सप्‍ताह) में प्रवेश कर लिया है। इस बीच दोनों ही तरफ से किए जा रहे हमलों में कई नागरिकों की मौत हो चुकी है। पीटीआई के अनुसार रविवार को इजरायल द्वारा किए गए हमलों में गाजा में अंतरराष्‍ट्रीय मीडिया समूह के ऑफिस समेत हमास के एक शीर्ष नेता के घर को भी उड़ा दिया गया। एएफपी के मुताबिक इस हमले में 44 से अधिक लोगों की जान गई है। ओआईसी ने इजरायल के इन हमलों को क्रूरतापूर्ण कार्रवाई बताया है। वर्चुअल रूप में हुई ओआईसी की बैठक में इजरायल द्वारा पवित्र शहर येरुशलम से फलस्‍तीनियों को भगाने की कार्रवाई की भी कड़े शब्‍दों में निंदा की गई है।


बैठक में शिरकत करते हुए सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सउद ने पूरी दुनिया से इस लड़ाई को बंद करवाने के लिए पहल करने की अपील की है। उन्‍होंने कहा है कि दोनों के बीच मसलों को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश की जानी चाहिए। हालांकि संगठन द्वारा जारी बयान से इतर मलेशिया, ब्रुनेई और इंडोनेशिया ने इस मसले पर अपने बयान अलग से जारी किए हैं। मलेशिया के शासक ने इस संबंध में तत्‍काल यूएन जनरल असेंबली की बैठक बुलाने का आह्वान किया है। वहीं सऊदी अरब, बहरीन और यूएई ने तुरंत सीजफायर करने की बात कही है। ओआईसी के मुताबिक इन हमलों में अब तक गाजा में 1200 से अधिक लोग हताहत हुए हैं जबकि करीब 200 लोगों की जान चली गई है।


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