क्या होते हैं इन्फ्लूएंजा के लक्षण, जाने

क्या होते हैं इन्फ्लूएंजा के लक्षण, जाने

ठंड का मौसम आते ही हमारे आसपास बहुत से लोग खांस रहे हैं व छींक रहे हैं. कारण - इस मौसम में करीब 200 वायरस व चार प्रकार के ह्युमन इन्फ्लूएंजा सक्रिय हो जाते हैं.

ये ही फ्लू या इन्फ्लूएंजा का कारण बनते हैं. इन्फ्लूएंजा या फ्लू ऐसी बीमारी है जो वायरल इन्फेक्शन के कारण होती है. यह इन्फेक्शन बहुत तेजी से फैलता है. एक दूसरे से बात करते समय या हाथ मिलाने से भी यह इन्फेक्शन फैल जाता है. इसके उपचार के रूप में मुख्य रूप से टीके का प्रयोग किया जाता है. इसी टीकाकरण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए 1 से 7 दिसंबर तक इन्फ्लूएंजा वैक्सिनेशन वीक मनाया जा रहा है.

www.myupchar.com से जुड़े डाक्टर प्रदीप जैन बताते हैं कि इन्फ्लूएंजा किसी भी आयु के इन्सान को होने कि सम्भावना है, लेकिन बच्चों व बुजुर्गों में खतरा अधिक रहता है. इन्फ्लूएंजा वायरस के तीन प्रकार हैं. टाइए ए व टाइप बी वर्ष में एक बार हमला करते हैं, जबकि टाइप सी के मुद्दे कभी भी सामने आ सकते हैं. www.myupchar.com से जुड़े डाक्टर गगन अग्रवाल के अनुसार, फ्लू से बचाव के लिए इन्फ्लूएंजा टीके का प्रयोग किया जाता है. यह टीका 6 माह के शिशु से लेकर किसी भी आयु के मरीज को लगाया जा सकता है. इससे बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है.


इन्फ्लूएंजा के लक्षण
लगातार बुखार आना
सर्दी के कारण हमेशा नाक का बहना
सूखी खांसी
ठंडा पसीना आना
शरीर में दर्द जो धीरे-धीरे बढ़ता है
सिरदर्द
थकान व बीमारी जैसा अनुभव
भूख नहीं लगना

वयस्कों में फ्लू के लक्षण

सांस की तकलीफ
छाती या पेट में दर्द
चक्कर आना, भ्रम रहना, बेसुध रहना
पेशाब न आना, जो डिहाइड्रेशन का इशारा होने कि सम्भावना है
गंभीर दर्द व कमजोरी
बुखार या खांसी जो दूर हो जाती है व फिर वापस आती है

बच्चों में फ्लू का लक्षण

सांस लेने में तकलीफ
तेजी से सांस लेना
फूला हुआ चेहरा या होंठ
सीने में दर्द या गहरी सांस लेते समय पसलियों में दर्द
डिहाइट्रेशन के लक्षण जैसे 8 घंटे तक पेशाब नहीं करना
सुस्ती, खेलने से इन्कार करना
12 हफ्ते से कम आयु के बच्चे में 104 डिग्री से ऊपर का बुखार
बुखार या खांसी जो दूर हो जाती है लेकिन फिर वापस आ जाती है.

इन्फ्लूएंजा का इलाज
डाक्टर नबी वली बताते हैं कि आमतौर पर फ्लू के लक्षण एक या दो हफ्तों तक रहते हैं. इसके बाद मरीज स्वस्थ्य हो जाता है. हालांकि कभी-कभी फ्लू बहुत गंभीर रूप से फैल जाता है. आमतौर पर इसका उपचार एंटीबायोटिक से किया जाता है. वहीं सिर दर्द व बदन दर्द के लिए दर्द निवारक दवाएं दी जाती हैं. इस दौरान चिकित्सक कुछ सलाह भी देते हैं जैसे - फ्लू हुआ है तो घर पर ही रहें. जितना हो सके दूसरे लोगों के संपर्क में आने से बचें. आराम करें व खुद को गर्म रखने की प्रयास करें. शराब या सिगरेट जैसी नशीली चीजों से दूर रहें.