इन तीन सरल उपायों से बच सकते हैं बार-बार अपना चेहरा छूने से

इन तीन सरल उपायों से बच सकते हैं बार-बार अपना चेहरा छूने से

पूरी दुनिया में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 2.77 करोड़ हो गई है जबकि पूरी दुनिया में लगातार कोरोना वायरस के मुद्दे तेजी से बढ़ रहे हैं. हिंदुस्तान इस मुद्दे में ब्राजील को पीछे छोड़ अब दूसरे दुनिया पर आ गया है. यहां 43 लाख से ज्यादा संक्रमितों के मुद्दे दर्ज हो चुके हैं. डॉक्टर कम्युनिटी संक्रमण से तो अब भी इंकार रह रहे हैं लेकिन संक्रमण के तेजी से फैलने से वे भी इंकार नहीं कर रहे. वहीं बार-बार चेहरा छूने, मास्क या सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने के कारण भी वायरस का संक्रमित आदमी से अन्य लोगों तक फैल रहा है. लेकिन जिम, देवालय, सार्वजनिक संस्थानों, मॉॅल व मार्केट खुलने से संक्रमण का खतरा व भी बढ़ गया है. ऐसे में क्या करें कि बार-बार चेहरा छूकर हम खुद को व अपने प्रियजनों को संक्रमित करने से बचा सकें. आइए जानते हैं.

60 मिनट में 20 बार छूते चेहरा
चेहरे को हाथों से बार-बार छूने पर नोवेल कोरोना वायरस का संक्रमण कई गुना बढ़ जाता है. दरअसल, आंखें, मुंह व नाक शरीर के वे संवेदनशील हिस्से हैं जो सरलता से संक्रमण के शरीर में पहुंचने का जरिया बन सकते हैं. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हैल्थ के एक वैज्ञानिक शोध में सामने आया कि हम औसतन हाथों से एक घंटे में 20 बार से अधिक अपने चेहरे को छूते हैं. हम अपने चेहरे को इतनी बार छूते हैं कि इस दौरान बार-बार हाथ धोने से भी वायरस का शरीर तक पहुंचने का खतरा बहुत अधिक होता है. जानकार ों का बोलना है कि दस्ताने पहनने से आप अपने चेहरे को बार-बार छूने की इस आदत से छुटकारा पा सकते हैं. दरअसल यह इतनी सामान्य आदत है कि हम में से ज्यादातर इसके बारे में सोचते तक नहीं हैं. लेकिन इस आदत के चलते हम फ्लू, कोल्ड व अब कोरोना वायरस के शिकार हो रहे हैं. कोरोना वायरस एयरोसोल spray में करीब तीन घंटे, कार्डबोर्ड पर 24 घंटे व प्लास्टिक व स्टेनलेस स्टील पर तीन दिनों तक जीवित रह सकता है.

डॉक्टर भी छूते हैं 19 बार चेहरा
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के अनुसार, नया कोरोना वायरस अन्य श्वसन संक्रमणों की तरह एक आदमी से दूसरे आदमी में फैलता है. इसमें नाक से छींक के जरिए निकलने वाली ड्रापलेट्स भी शामिल हैं. करीबी सम्पर्क व छींकने या खांसने से यह वायरस इन ड्रॉपलेट्स के जरिए स्वस्थ आदमी के भी शरीर में प्रवेश कर जाता है. चेहरे के लगभग आधे हिस्से में मुंह, नाक या आंखें होती हैं जो हमारे शरीर में प्रवेश करने के लिए वायरस व बैक्टीरिया के लिए सबसे सरल मार्ग हैं. यहां तक कि चिकित्सा पेशेवर भी इस आदत से बच नहीं पाते. इस बारे में बेहतर जानकारी होने के बावजूद वे भी अपने चेहरे को 2 घंटे में औसतन 19 बार छूते हुए पाए गए. दरअसल जब हम सक्रिय होते हैं तो हम अपने पैरों को हिलाते हैं, या बालों को उंगलियों से घुमाने लगते हैं या सीटी बजाते हैं. ऐसे ही अपने चेहरे को भी छूना हमारे लिए बिल्कुल सामान्य प्रक्रिया है. इन तीन उपायों से बच सकते हैं पैथोजीन, फंगस व बैक्टटीरिया या वायरस के सम्पर्क में आने से.

गिनना प्रारम्भ कर दें
क्या चेहरे को छूना पूरी तरह से बंद किया जा सकता है. फैट लॉस प्रिस्क्रिप्शन के जानकार व द नेचुरल बीट डायबिटीज़ के लेखक डॉक्टर स्पेंसर नाडोलस्की कहते हैं कि चेहरे पर अक्सर खुजली होती है क्योंकि यह एक संवेदनशील क्षेत्र है, इसलिए उस आदत को बदल पाना मुश्किल है. इसलिए दैनिक कार्यों को करते समय आपके चेहरे के पास जितनी बार उंगली आती है उसे गिनना प्रारम्भ कर दें जैसे शेविंग, कंघी या बाल बनाते समय या कुछ सूंघने के दौरान. इससे बार-बार चेहरे के हाथ ले जाने की आदत में कमी आ सकती है लेकिन व्यवहारिक रूप से ऐसा बिल्कुल नहीं होने कि सम्भावना कि आप अपना चेहरा न छुएं क्योंकि हम अपना चेहरा तब भी छूते हें जब हमें इसका पता भी नहीं होता.

चेहरा छूने को सीमित करने का कोशिश करें
अपनी हथेलियों या उंगलियों के जरिए किसी भी वायरस को शरीर के भीतर पहुंचने से रोकने के लिए अपने हाथों से चेहरे को छूने की आदत के समय को सीमित करने का कोशिश करें. लेकिन चूंकि फेस-टचिंग एक आदत है ऐसे में इस आदत को बदलने व उस व्यवहार को जितनी बार संभव हो कम से कम करने का कोशिश करें. अपने नोट बनाएं या लिख लें व हर बार जब आप अपना चेहरा छूने वाले होते हैं तो आपको यह नोटिस करने में सहायता मिलती है कि आप कितनी बार चेहरे को छू चुके हैं.
ऐसे ही अन्य उपायों में अपने हाथों को लगातार दूसरे कामों में बिजी रखें. ऐसे खेल में बिजी रहें जिन्हें खेलने में उंगलियों व हथेलियों का उपयोग ज्यादा होता हो. इसमें फ्रिजिट, रुबिक्स क्यूब, लूडो व चेस जैसे खेल शामिल हैं. ऐसे ही बाहर निकलें तो सर पर रुमाल या स्वेट बंडाना पहनें जिससे पसीना चेहरे पर न आए व आपको उसे पोंछने की जरुरत ही न पड़े.

हाथों को बराबर स्वच्छ बनाए रखें
चेहरे को हाथ से न छूने के लिए वास्तव में कोई व्यावहारिक या पारंपरिक रणनीति नहीं है. हालांकि इससे होने वाले संक्रमण के खतरे को टालने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप बार-बार हाथ धोने की आदत डालें. यह सरल व ज्यादा अच्छा उपाय है वायरस के संक्रमण से बचने का. अपने मोबाइल में रिमाइंडर सेट करें या घर में टीवी, फ्रिज, ड्रॉइंगरूम में ऐसे नोट्स रखें जो आपको बार-बार हाथ धोने की याद दिलाएं. विशेष रूप से बाहर जाने, पड़ोसियों या डिलीवरी वाले लोगों से सामान लेने के बाद. ऐसे उपकरण जिनका घर में सभी प्रयोग करते हों उन्हें छूने के बाद भी हाथ धोएं जैसे टीवी-एसी का रिमोट, फ्रिज व पानी की बॉटल्स, सोफे, कुर्सी व मोबाइल या घर के लैंडलाइन का रिसीवर इत्यादि. इनके अतिरिक्त कुछ व अच्छा तरीका भी हैं जिन्हें अपनाकर हम बार-बार चेहहरे को दूने से बच सकते हैं.

ऐसे बचें बार-बार चेहरा छूने से
-अपने हाथों को थोड़ी-थोड़ी देर में साबुन से कम से कम 20-30 सेकंड तक धोएं
-अपने हाथ या कलाई में कोई रिंग या ब्रेसलेट या रबर बैंड पहनें जो आपको चेहरा न छूने की याद दिलाता रहे
-संक्रमण की संभावित जगहों व बाहर निकलने पर दस्तानों या ग्लव्ज का उपयोग करें
-घर या कार्यालय की जिन जगहों पर आपका ज्यादा वक्त बीतता है वहां दीवारों व कम्प्यूटर आदि पर नोट लिख दें
-अपने हाथों को व्यस्त रखें, अपे हाथों में रिमोट या बॉल जैसा कोई सामान रखें, यह आपको चेहरे से हाथ दूर रखने की याद दिलाएगा
-सुंगधित सैनिटाइजर या साबुन का उपयोग करें, इससे हाथ धोने के बाद इसकी खुश्बू चेहरा न छूने की याद दिलाती रहेगी
-किसी बैठक या समूह में हें तो अपने दोनों हाथों को सामने की ओर रखने की बजाय अपनी गोद में रखें