जाने, आलूबुखारा के फायदों

जाने, आलूबुखारा के फायदों

आलूबुखाराखाने से शरीर को अनगिनत फायदे पहुंचते हैं. शरीर के अतिरिक्त ये फल स्कीन के लिए भी उत्तम माना जाता है व इसे खाने से त्वता जंवा बनीं रहती है. आलूबुखारा के फायदे व इसके नुकसान क्या हैं, इसकी जानकारी इस आर्टिक्ल में दी गई है. सबसे पहले नजर डालते हैं आलूबुखारा के फायदों के बारे में.

डायबिटीज में उत्तम;डायबिटीज के मरीजों के लिए आलूबुखारा उत्तम फल माना जाता है. इस फल को खाने से खून में शुगर का स्तर नहीं बढ़ता है. वहीं जो लोग इस फल को नियमित रूप से खाते हैं उन लोगों को डायबिटीज होने का खतरा बेहद ही कम हो जाता है. दरअसल आलूबुखारे में उपस्थित बायोएक्टिव कंपाउंड डायबिटीज को होने से रोकने में सहायक होते हैं.

आंखों के लिए लाभदायक:विटामिन-सी को आंखों के लिए लाभदायक माना जाता है व विटामिन-सी युक्त चीजें खाने से आंखे स्वस्थ बनीं रहती हैं. आलूबुखारे में विटामिन-सी उच्च मात्रा में उपस्थित होता है व इसे खाने से आंखे हेल्दी बनीं रहती हैं. इसलिए जिन लोगों की आंखों की लाइट निर्बल है वो लोग इस फल का सेवन किया करें.

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़े:रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भी आलूबुखारा सहायक होता है व इसे खाने से शरीर सरलता से बीमार नहीं पड़ता है. जो लोग सरलता से बीमार पड़ जाते हैं वो लोग इस फल का सेवन किया करें. इस फल में विटामिन-के व बी 6 प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. जो कि रोग प्रतिरोधक क्षमता को निर्बल नहीं पड़ने देता है.

कब्ज हो दूर:कब्ज होने पर आप इस फल का सेवन करें. इस फल को खाने से कब्ज की समस्या दूर हो जाएगी. दरअसल आलूबुखारा में फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है व फाइबर युक्त चीजें खाने से कब्ज ठीक हो जाती है. इतना ही नहीं कई आलूबुखारे पर किए गए शोध के अनुसार सूखा आलूबुखारा में फेनोलिक कंपाउंड उपस्थित होते हैं जो कि पेट में कब्ज नहीं होने देता है

दिमाग के लिए स्वस्थ:आलूबुखारा के फायदे दिमाग के संग भी जुड़े हुए हैं व इसे खाने से दिमाग ठीक से काम करता है. इतना ही नहीं जो लोग आलूबुखारा का सेवन करते हैं उन लोगों को तनाव से भी निजात मिल जाती है. आलूबुखारे में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो कि तनाव को दूर करने का काम करते हैं.

हड्डियां हों ताकतवर:हड्डियों को मजबूत बनाएं रखने में भी आलूबुखारा लाभकारी होता है व इसे खाने से हड्डियां निर्बल नहीं पड़ती हैं. जो लोग नियमित रूप से आलूबुखारे का सेवन करते हैं उन लोगों को ऑस्टियोपोरोसिस का रोग नहीं लगता है व ना ही हड्डियों में दर्द की शिकायत होती है. 30 वर्ष के बाद स्त्रियों की हड्डियां निर्बल होने लग जाती है. इसलिए महिलाएं इस फल को अपनी डाइट में शामिल कर लें. ताकि उनकी हड्डियां निर्बल ना पड़ें.

वजन हो कंट्रोल:आलूबुखारे में अन्य फलों की तुलना में कैलोरी कम होती है. जिसकी वजह से इस फल का सेवन करने से वजन नहीं बढ़ता है व नियंत्रित रहता है. वजन नियंत्रित करने के लिए आप रोज एकआलूबुखारे खाया करें.

बैड कोलेस्ट्रॉल हो कम:बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी ये फल मददगार होता है व इसे खाने से शरीर में बढ़ा बैड कोलेस्ट्रॉल कम होने लग जाता है. बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा शरीर में कम होने से दिल के स्वस्थ पर भी अच्छा प्रभाव पड़ता है व दिल हेल्दी रहता है. इसलिए दिल के मरीजों के लिए भी ये फल लाभदायक होता है