फोड़े-फुुंसी और मलेरिया की बीमारी में फायदेमंद है कालमेघ के पत्ते

फोड़े-फुुंसी और मलेरिया की बीमारी में फायदेमंद है कालमेघ के पत्ते

कालमेघ का पौधा केवल बरसात में ही उगता है। इसकी लम्बाई करीब एक से दो फुट होती है। कालमेघ के फूल छोटे छोटे और हल्के नीले रंग के होते है। इसके पत्तों में से एक तरह का खुशबूदार तेल निकलता है जो कई तरह की बीमरियों में फायदेमंद होता है।

कालमेघ के कुछ औषधीय गुण:

# शरीर पर किसी भी तरह के घाव और फोड़े-फुुंसी के हो जाने पर कालमेघ का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे इस्तेमाल करने के लिए कालमेघ के पत्तो को पानी में उबाल कर उस पानी से घाव को साफ करने पर घाव जल्दी ठीक होता है।

# अगर आपको गैस व एसिडिटी की समस्या है तो कालमेघ के पत्तों के रस को निकालकर पानी में मिला कर पीने से फायदा होता है।

# मलेरिया हो जाने पर कालमेघ और काली मिर्च को एक साथ मिला कर सेवन करने से मलेरिया ठीक हो जाता है। इसके अलावा यह मलेरिया के वक्त नष्ट हुए सैल को भी ठीक करता है।

# खून को साफ़ करने के लिए इसके पत्तों को साफ करके पानी में उबालें। जब ये उबला जाये तो इसे छान कर रोज एक गिलास पीएं।

# कभी कभी छोटे बच्चों के पेट में कीड़े की समस्या हो जाती है। इसे दूर करने के लिए कालमेघ के पत्तों के रस में कच्ची हल्दी और चीनी मिलाकर बच्चो को पिलाये। इसे पीने से पेट के कीड़े मर जाते है।


सेहत के लिए बड़े काम की है पुदीने की पत्त‍ियां, ये है 10 अचूक फायदे

सेहत के लिए बड़े काम की है पुदीने की पत्त‍ियां, ये है 10 अचूक फायदे

यूं तो पुदीना का प्रयोग स्वाद और औषधीय गुणों के लिए कभी भी किया जा सकता है, लेकिन अपनी ठंडक के कारण खास तौर से गर्मियों में यह बेहद फायदेमंद होता है। तो इन गर्मियों में जरूर जानें इसके 10 बेशकीमती गुण और खूब करें इसका प्रयोग.....

1. पेट की गर्मी को कम करने के लिए पुदीने का प्रयोग बेहद फायदेमंद है। इसके अलावा यह पेट से संबंधित अन्य समस्याओं से भी जल्द निजात दिलाने में लाभकारी है। इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है।

2. दिनभर बाहर रहने वाले लोगों को पैर के तलवों जलन की शिकायत रहती है, ऐसे में उन्हें फ्रिज में रखे हुए पुदीने को पीसकर तलवों पर लगाना चाहिए ताकि तुरंत राहत मिल सके। इससे पैरों की गर्मी भी कम होगी।

3. सूखा या गीला पुदीना छाछ, दही, कच्चे आम के पने के साथ मिलाकर पीने पर पेट में होने वाली जलन दूर होगी और ठंडक मिलेगी। गर्म हवाओं और लू से भी बचाव होगा।

4. अगर आपको अक्सर टॉंसिल्स की शिकायत रहती है और इसमें होने वाली सूजन से भी आप परेशान हैं तो पुदीने के रस में सादा पानी मिलाकर इस पानी से गरारे करना आपके लिए फायदेमंद होगा।

5. गर्मी में पुदीने की चटनी का रोजाना सेवन सेहत से जुड़े कई फायदे देता है। पुदीना, काली मिर्च, हींग, सेंधा नमक, मुनक्का, जीरा, छुहारा सबको मिलाकर चटनी पीस लें। यह चटनी पेट के कई रोगों से बचाव करती है व खाने में भी स्वादिष्ट होती है। भूख न लगने या खाने से अरुचि होने पर भी यह चटनी भूख को खोलती है।

6. पुदीने व अदरक का रस थोड़े से शहद में मिलाकर चाटने से खांसी ठीक हो जाती है।

7. पुदीने की पत्त‍ियों का लेप करने से कई प्रकार के चर्म रोगों को खत्म किया जा सकता है। घाव भरने के लिए भी यह उत्तम है।

8. पुदीने का नियमित रूप से सेवन आपको पीलिया जैसे रोगों से बचाने में सक्षम है। वहीं मूत्र संबंधी रोगों के लिए भी पुदीने का प्रयोग बेहद लाभदायक है। पुदीने के पत्त‍ियों को पीसकर पानी और नींबू के रस के साथ पीने से शरीर की आंतरिक सफाई होगी।

9. अगर आप लगातार हिचकी आने से परेशान हैं तो पुदीने में चीनी मिलाकर धीरे-धीरे चबाएं। कुछ ही देर में आप हिचकी से निजात पा लेंगे।

10. इसके अलावा गर्मी में पुदीने का लेप चेहरे पर लगाने से त्वचा की गर्मी समाप्त होगी और आप ताजगी का अनुभव करेंगे।