एक्सपर्ट से जानें, मेनोपॉज के लक्षणों से लड़ने में कौन से योगासन हैं मददगार

एक्सपर्ट से जानें, मेनोपॉज के लक्षणों से लड़ने में कौन से योगासन हैं मददगार

मेनोपॉज एक नेचुरल प्रक्रिया है जिसका सामना हर महिला को अपनी ज़िन्दगी में करना पड़ता है। यह हार्मोनल और शारीरिक बदलावों से जुड़ा होता है। ये बदलाव धीरे धीरे या अचानक भी हो सकते हैं। आमतौर पर महिलाओं को 50 साल की उम्र के बाद मेनोपॉज होता है लेकिन इसका कोई निश्चित समय नहीं है। बहुत सी महिलाओं को अर्ली मेनोपॉज का सामना करना पड़ता है। मेनोपॉज के दौरान महिलाएं कई शारीरिक और मानसिक बदलाव झेलती हैं। मेनोपॉज होने के बाद तेज़ी से वजन भी बढ़ने लगता है। साथ ही थकान, आलस, रात में सोते वक्त पसीना आना जैसी कई समस्याएं भी हो सकती हैं।

प्राणायाम से आपके फेफड़ों को अच्छी मात्रा में ऑक्सीजन मिलेगी जो आपके लिए बेहद ज़रूरी है। ध्यान करने से आपका मन और दिमाग शांत रहेगा और आपको नींद की समस्या भी नहीं होगी। योगा करने से आपके शरीर की मांसपेशियां रिलैक्स हो जाती हैं, हड्डियां मज़बूत होती हैं। जोड़ों और कमर में दर्द भी नहीं होता। योगा करने से आपके इंटरनल ऑर्गन्स की मसाज होती है, आपके शरीर के अंदरूनी अंग सही से काम करते हैं और ब्लड सर्कुलेशन भी बढ़ता है। योगा से आपकी पाचन प्रक्रिया भी स्वस्थ रहती है और यह आपको वजन काम करने में भी मदद करता है।

ये आसन हैं बेहद फायदेमंद

योग आसान जैसे भुजंग आसान, सुखासन, उत्तानासन, शलभासन, ताड़ासन, अनुलोम विलोम आपको मेनोपॉज के दौरान काफी अच्छा महसूस करवाएंगे।

योगिक लाइफस्टाइल अपनाएं और अपनी डाइट का ख़याल रखें: 

1- सुबह जल्दी उठना और रात को जल्दी सोना शुरू करें। देर रात तक उठे रहना बंद करें।

2- खाना धीरे धीरे खाएं और अच्छे से चबाएं। चीनी का सेवन काम करें।

3- सुबह जल्दी उठकर और शाम को 20 मिनट ब्रिस्क वाक करें। इससे आपका शरीर चुस्त और तंदुरुस्त रहता है।

4- धूम्रपान बिलकुल बंद कर दें। इससे आपकी समस्याएं और बढ़ सकती हैं।

5- हरी सब्ज़ियां और ताज़े फल ज़रूर खाएं। 

6- अपनी रोज़ाना डाइट में कैल्शियम, आयरन और फाइबर की मात्रा बढ़ाएं।

7- दिन में दो बार योगा करें। इससे आपका शरीर स्वस्थ रहेगा, आपको मेनोपॉज के लक्षणों से समस्या नहीं होगी और आपका वजन भी नहीं बढ़ेगा।

8- मेनोपॉज के दौरान अपनी मानसिक स्थिति का भी ध्यान रखें। दिमाग शांत रहेगा तो आप बिमारियों से बची रहेंगी।

9- अपने आप को किसी काम में व्यस्त रखें और मेनोपॉज के बारे में ज़्यादा न सोचें।


नई हील्स से पैरों में होने वाले दर्द से कैसे पाएं छुटकारा

नई हील्स से पैरों में होने वाले दर्द से कैसे पाएं छुटकारा

जब भी नए जूते पहनते है तो अक्सर पैर कट जाते है, जिससे काफी तकलीफ होती है। एेसा अक्सर जूते टाइट होने पर होता है। जब हम टाइट जूते पहनते हैं तो यह त्वचा से रगड़ खाने लगते हैं और इस रगड़ के ही कारण छाले उभर आते हैं।

इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं:

 पैर कट जाने पर बैंड एड्स का इस्तेमाल करें। अगर आप हील्स पहन रही हैं तो घाव वाली जगह पर बैंड एड्स लगा लें। इससे काफी आराम मिलेगा और चलने में भी दिक्कत नहीं होगी।

 जूते पहनने से पहले घाव पर थोड़ा टेलकम पाऊडर लगा लें। इससे दर्द से राहत मिलेगी। अगर आप जुराबें पहन रहे हैं तो ध्यान रखें कि आपके पैंर सूखे हो।

 पैरों में मोटी जुराबें डालकर जूतें पहनें। बाद में जहां से जूते टाइट है वहां ड्रायर से हीट दें। बाद में जूतों को पहनकर तब तक वॉक करें जब तक जूतें पूरी तरह से ठंडे न हो जाएं। इससे जूते से पैर कटेगे नहीं।

 जूते के अंदर टाइट जगह पर थोड़ी सी अल्कोहल स्प्रे करें। रातभर जूतों को सिलवट पड़े पेपर में लपेट दें। सुबह पेपर को निकाल दें और जूते को पहनकर देखे। अब जूतें आपके पैर में फिट आएगे।

 एक साफ आलू को अपने जूतों के अंदर रख दें। रातभर एेसे ही रहने दें। सुबह अपने जूतों को कपड़े से साफ करके पहनें।