एक बार फिर मसीहा बने ये एक्टर, इस शख्स को दी नई जिंदगी

एक बार फिर मसीहा बने ये एक्टर, इस शख्स को दी नई जिंदगी

बॉलीवुड स्‍टार साेनू सूद एक बार फिर एक पीडि़त व्‍यक्ति के लिए मसीहा बन कर सामने आए हैं। उन्‍होंने एक युवक को नई जिंदगी दी है। छत्तीसगढ़ के भिलाई में रहने वाला युवा अमन 12 वर्ष से बेहद दर्द सह रहा था। उसे सोनू ने उसकी नि:शुल्‍क सर्जरी करा कर इस पीडा से मुक्ति दिलाई। वह सिर की नसों से जुड़ी बेहद गंभीर समस्या का निदान कराने चेन्नई तक गया लेकिन बेहद महंगा इलाज होने के कारण कुछ न हो सका। रोजमर्रा तक के काम में असहाय अमन के हालात तब बदले, जब फिल्म अभिनेता सोनू सूद तक उनका ट्वीट पहुंचा। अब करनाल में अमन की निशुल्क सर्जरी हुई है, जो करीब 11 घंटे चली।

करनाल में हुई भिलाई के युवा की निशुल्क सर्जरी,  टीम सोनू सूद ने फिर पेश की मानवता की मिसाल

इसके बाद अमन को लगा, मानो नया जन्म मिल गया। उसने इसके लिए सोनू सूद को फोन के जरिए शुक्रिया भी कहा। भिलाई निवासी अमन को 2008 से यह तकलीफ है। काफी कोशिश की, जगह-जगह दिखाया लेकिन समस्या यथावत रही। 2014 में पता चला कि क्रेनियल वर्टिब्रल जंक्शन में समस्या है तो ऑपरेशन कराया लेकिन यह सफल नहीं हुआ

सिर की नसों से जुड़े सीवी जंक्शन की थी समस्या

इसी वर्ष मार्च में चेन्नई गए तो चिकित्सकों ने सर्जरी में काफी खर्च बताया, जिसे चुकाने में परिवार सक्षम नहीं था। कोरोना काल में मसीहा बने फिल्म अभिनेता सोनू सूद से टि़्वटर पर मदद मांगी तो उन्होंने करनाल आने के लिए कहां। यहां विर्क अस्पताल में सीनियर सर्जन डा. अश्वनी कुमार ने निशुल्क सर्जरी की तो नया संबल हासिल हुआ।

अमन ने बताया कि जो भी सीधे हाथ से पकड़ता, छूट जाता। बीमारी बढ़ी तो गर्दन के पिछले हिस्से में असहनीय दर्द रहने लगा। ज्यादा देर बैठ नहीं पाता था, चलना-फिरना मुश्किल था। बिस्तर पर रहकर रोजमर्रा के काम तक से मोहताज हो गया। ऑटो चालक पिता दलजीत और मां राजेंद्र कौर मदद करते। अब लग रहा है, जैसे नया जन्म मिल गया। फोन पर सोनू सर को थैंक्यू कहा है।


 
फिल्म अभिनेता सोनू सूद ने अमन का वीडियो संदेश देखने के साथ ही आश्वस्त करते हुए कहा कि आपकी 12 साल की तकलीफ खत्‍म समझो। करनाल के विर्क अस्पताल में सर्जरी के लिए तैयार हो जाएं। इसी के साथ अमन करनाल आए, जहां सीनियर आर्थो सर्जन डा. अश्वनी कुमार ने उनके बेहद चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील आपरेशन की चुनौती स्वीकार की। टीम सोनू सूद के गोङ्क्षवद अग्रवाल व प्रवेश गाबा ने बताया कि करनाल में सात जरूरतमंद लोगों की निशुल्क सर्जरी हो चुकी हैं। यह सिलसिला जारी रहेगा।


 
अमन को 12 वर्ष से सीवी जंक्शन में समस्या थी। यह खोपड़ी को स्पाइनल से जोडऩे वाला शरीर का बेहद नाजुक हिस्सा है, जो हाथ-पांव सहित पूरा शरीर नियंत्रित करता है। सांस लेने से लेकर खाना-पीना तक इसी पर निर्भर है। कुछ को जन्मजात यह समस्या होती है, जो अक्सर बाद में पता चलती है। अमन इन्हीं में है। 12 घंटे चली सर्जरी इतनी संवेदनशील थी कि स्पाइन के सबसे ऊपरी हिस्से तक पहुंचने के लिए मुंह के रास्ते का उपयोग करना पड़ा। फिर नसों पर पड़ा दबाव हटाया गया। इसमें अमूमन पांच से दस लाख रुपये खर्च आता है, जो अमन के परिवार के लिए संभव नहीं था। टीम सोनू ने अडोप्ट ए नीडी पेशेंट योजना के तहत यह बीड़ा उठाया।


रिचा चड्ढा ने कहा कि जब तक लोकतंत्र है लोगों को मुखर होना चाहिए

रिचा चड्ढा ने कहा कि जब तक लोकतंत्र है लोगों को मुखर होना चाहिए

बीते साल रिलीज फिल्म  'शकीला'   के बाद रिचा चड्ढा अब 'मैडम चीफ मिनिस्टर' में फिर केंद्रीय भूमिका में नजर आएंगी। उसके बाद वेब सीरीज 'कैंडी' में पुलिस अधिकारी की भूमिका में नजर आएंगी। उसके अलावा 'इनसाइड एज सीजन 3' की शूटिंग भी पूरी हो चुकी है। करियर के इस पड़ाव से रिचा खुश और संतुष्ट हैं। उनसे हुई बातचीत के प्रमुख अंश : 

अब आप केंद्रीय किरदारों में नजर आ रही हैं ... 

मैं इस तरह के किरदारों को निभाना चाहती थी। मुझे खुशी है कि अब इस तरह की फिल्में बन रही हैं। फिल्में बॉक्स ऑफिस पर चले या न चलें यह अलग बात होती है पर शुरुआत होती है हर एक चीज की। मैंने कभी पारंपरिक किरदार नहीं निभाए थे। मैं खुश हूं कि ऐसा दौर आया है कि इन कहानियों को जगह मिल रही हैं। जैसे-जैसे समय बदल रहा है लोगों को लग रहा है कि अभिनेत्रियों का रोल फिल्मों में बढ़ना चाहिए। हमारे यहां सोनिया गांधी, मायावती, जयललिता, वसुंधरा राजे सिंधिया, शीला दीक्षित'  सुषमा स्वराज्य समेत कई नामचीन महिला नेता हैं,  उसके बावजूद अब जाकर उन पर फिल्में बन रही हैं। बहरहाल, मैडम चीफ मिनिस्टर किसी की बायोपिक नहीं है। काल्पनिक कहानी है। जब हम कोई प्रेरणात्मक कहानी बनाते हैं तो प्रेरित तो करती हैं। इसलिए यह कहानी जरुरी हो जाती हैं। अगर बीते साल लॉकडाउन नहीं हुआ होता तो मैडम चीफ मिनिस्टर शकीला से पहले रिलीज हुई होती।

मुझे किरदार को निभाते समय किसी की भाषा या बॉडी लैंग्वेज की मिमिक्री नहीं करना था। अफलातून टाइप का किरदार है। बाइक चलाती है। सलमान खान की तरह हाथ में ब्रेसलेट पहनती है। अपने गांव में बहुत प्रसिद्ध है। सब उसे गांव की बेटी बोलते हैं। उस पर जुल्म होते हैं। उसके बावजूद वह उन बातों को लेकर नहीं बैठती है। वह फाइटर है। आगे बढ़ती रहती है। 

जब तक लोकतंत्र है लोगों को मुखर होना चाहिए। हालांकि राजनीति का मुझे ज्यादा ज्ञान नहीं है। पर बतौर कलाकार मुझे उस ज्ञान की जरुरत भी नहीं थी। मैं किरदार को किसी पर आधारित नहीं करना चाहती थी। जब आपके पास पावर होती है तो आपके अपने भी कई बार लालज में खिलाफ हो जाते हैं। उस तरह की चीजें फिल्म में हैं। 

महिलाएं पंचायत स्तर पर भी है। अहम यह है कि उन्हें पावर कितनी मिलती है। इसलिए कई बार महिलाएं आरक्षण की बात करती हैं। मुझे लगता है कि अलग-अलग पार्टी की महिला सांसद एकजुट होकर दुष्कर्म के खिलाफ कड़ा रुख अपनाएं और कहें कि हमारे समाज में यह नहीं होना चाहिए। कम से कम ऐसे बयान तो नहीं आने चाहिए कि दुष्कर्म के पहले यह घर के सामने क्या कर रही थी। यह सब चीजें दुखदायी होती है। रोजाना किसी न किसी बच्ची के साथ दुष्कर्म होता है। उसे मार दिया जाता है। यह समाज की बहुत बड़ी बीमारी है। इसे जल्दी से जल्दी ठीक करना होगा। सोशल मीडिया पर जब आपके विचार किसी से मेल नहीं खाते तो उन्हें मां बहन की गाली दी जाती है। उन्हें धमकी दी जाती है। हमारे समाज की सोच है कि औरत ज्यादा बोल रही है तो उसका मुंह ऐसे बंद कर दो। उस तरह की चीजों से तकलीफ होती है। उम्मीद है कि इसमें बदलाव आएगा। 

वह अनुभव मजेदार था। वह सीन ऐसा है कि मेरे किरदार को लगता है कि राजनीति में शायद कुछ कर सकती है। वह घर छोड़कर आई है। उसके पास कोई सहारा नहीं होता है। उसे लगता है कि शायद राजनेता ही बन जाउ। वह राजनीति के दांवपेंच सीखती है। मेरे ख्याल से उसका पहली बार भाषण देने का सीन है। उसे हम गांव में ही शूट कर रहे थे। वहां लोग मुझे पहचान नहीं पाए थे। उन्हें लगा था कि असली राजनीतिक रैली चल रही है। सब कुछ हमने रियल रखा था। कैमरा भी ऐसे रखा कि लोगों को नजर न आए। भाषण देने में मजा आया। थिएटर बैकग्राउंड होने की वजह से बहुत मदद मिली। 

इसकी शुरुआत घर से होनी चाहिए। घर में बेटी-बेटा के बीच अंतर न रखें। हम अभी सरवाइल की लडाई ही लड़ रहे है कि रास्ते में छेडछाड़ न हो। उनके साथ दुर्व्यवहार न हो। शादी होने के बाद दहेज की वजह से उन्हें मार न दिया जाए। मुझे लगता है कि महिलाओं की भागीदारी हर क्षेत्र में जितना बढ़गी उतना तेजी से बदलाव होगा। उनकी आवाज तो सुनी जाएगी। 

इस फिल्म को करने के दौरान मैं बीआर अंबेडकर के विचारों से बहुत प्रभावित हुई है। उनकी सोच दूरदर्शी थी। जातिवाद की समस्या वही बेहतर समझ सकता है जिसने इस पीड़ा को झेला हो। मैंने जब फिल्म के बारे में पढ़ना शुरु किया तो नजर आया कि वह हमारे सिर्फ संविधान के रचियता नहीं थे उन्होंने न जाने कितने लोगों के हक की लड़ाई भी लड़ी थी। 

मेरा किरदार काफी दिलचस्प है। फिलहाल इसकी शूटिंग हम नैनीताल में कर रहे हैं। इसमें मेरे प्रतिद्धंद्धी रोनित राय इसमें मेरे दुश्मन बने हैं। मैं पहली बार उनके साथ काम कर रही हूं।


केविन पीटरसन ने कहा कि इंग्लैंड अगर सर्वश्रेष्ठ टीम के साथ नहीं खेला, तो ये टीम इंडिया का अपमान होगा       भारत की जीत के बाद गावस्कर ने खास अंदाज में मनाया था जश्न, कहा...       अजिंक्य रहाणे की सफलता से विराट कोहली पर बढ़ा दबाव, दिग्गज बोले...       पाकिस्तान के खिलाड़ियों को बड़ी टीमों के खिलाफ कैसे खेलना है, बाबर आजम ने बताया       जो रूट ने श्रीलंका के खिलाफ शतक लगाकर बतौर कप्तान बनाया नया वर्ल्ड रिकॉर्ड, विराट, सचिन व फ्लेमिंग पीछे छूटे       अब आएगा इस स्पिनर का टाइम, ऑस्ट्रेलिया में नहीं खेल पाए एक भी मैच       इन दिग्गजों का नाम है शामिल, Ind vs Eng टेस्ट सीरीज के लिए कमेंट्री टीम का ऐलान!       इंग्लैंड के खिलाफ स्टेडियम में दिख सकते हैं दर्शक, लेकिन...       पाकिस्तान ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ कराची टेस्ट के लिए टीम की घोषणा की, इतने अकैप्ड खिलाड़ियों को मिला मौका       शार्दुल ठाकुर को ब्रिसबेन टेस्ट के बाद मिला नया 'निकनेम', सचिन तेंदुलकर का नाम भी साथ जोड़ा गया       अगले वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा 5.5 फीसद तक सिमटने का अनुमान, कोरोना काल में सरकार के वित्तीय प्रबंधन का दिखेगा असर       निवेशकों के लिए टाइमिंग समझना होता है बड़ी उलझन, यह रणनीति आएगी काम       इलेक्ट्रिक कार उद्योग को बजट से बड़ी सौगात की उम्मीद, चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने में प्रोत्साहन की दरकार       अपने पिछले उच्च स्तर से 8,000 रुपये टूट चुका है सोना, चांदी भी 12,500 रुपये टूटी       इस महीने भी विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक बने हुए हैं शुद्ध खरीदार, अब तक कर चुके हैं 18,456 करोड़ रुपये का निवेश       बजट से पहले भी बाजार में आ सकती है अच्छी खासी गिरावट, जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट       Budget 2021: भारतीय कंपनियों ने Deloitte सर्वे में बताई बजट को लेकर अपनी उम्मीदें       कौन हैं नताशा दलाल को महेंदी लगाने वाली आर्टिस्ट वीना नगाड़ा, ईशा अंबानी और दीपिका को भी कर चुकी हैं तैयार       रिचा चड्ढा ने कहा कि जब तक लोकतंत्र है लोगों को मुखर होना चाहिए       Bigg Boss 14 : सोनाली फोगाट को खाने को लेकर निक्की, अर्शी और रुबीना से पड़ी जमकर डांट