Kia की इस एसयूवी ने किया कमाल, महज साल भर के अंदर बिक गईं 1 लाख कारें

Kia की इस एसयूवी ने किया कमाल, महज साल भर के अंदर बिक गईं 1 लाख कारें

Kia Sonet सबकॉम्पैक्ट SUV ने लॉन्च के एक साल के भीतर ही बिक्री का एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। कोरियाई कार निर्माता ने घोषणा की है कि उसने पिछले साल लॉन्च होने के बाद से अब तक सोनेट एसयूवी की एक लाख यूनिट्स बेची हैं। किआ ने कहा है कि सॉनेट एसयूवी देश में उसकी कुल बिक्री का लगभग 32% हिस्सा बन गई हैं। भारत में सेल्टोस एसयूवी और कार्निवल एमपीवी लॉन्च करने के बाद से सॉनेट कार निर्माता की नवीनतम पेशकश रही है।

फीचर्स की बात करें तो Kia Sonet में डुअल एयरबैग्स, एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम, ईबीडी, रियर पार्किंग सेंसर, इमरजेंसी स्टॉप सिग्नल जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इंटीरियर फीचर्स की बात की जाए तो में 26.03cm टचस्क्रीन और 10.67cm कलर कलस्टर, फ्रंट वेंटिलेटिड सीट्स, स्मार्ट प्योर एयर प्यूरिफायर के साथ वायरस प्रोटेक्शन, मल्टी ड्राइव मोड्स और टैक्शन मोड्स और एमटी रिमोट इंजन स्टार्ट फीचर दिया गया है।


किआ इंडिया के कार्यकारी निदेशक और मुख्य बिक्री और व्यापार रणनीति अधिकारी ताए-जिन पार्क ने कहा, "सोनेट को तब लॉन्च किया गया था जब ऑटो उद्योग कोविड -19 महामारी के आगमन के साथ इतिहास में सबसे खराब मंदी का सामना कर रहा था। बाजार मंदी से जूझ रहा था। मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन की असफलताओं के बीच ग्राहकों की भावना में कमी आने लगी। हमने पिछले साल सितंबर में सभी बाधाओं के का सामना करते हुए सॉनेट को पेश किया था, और यह कहना गलत नहीं होगा कि इसने भारत में किआ की सफलता की कहानी को फिर से लिखी है और इस सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।


किआ ने इस साल की शुरुआत में मई में सोनेट एसयूवी का फेसलिफ्ट वर्जन लॉन्च किया था। सॉनेट को पैडल शिफ्टर्स जैसे प्रमुख अपडेट प्राप्त हुए, इसके अलावा 10 नए फीचर्स जैसे फर्स्ट-इन-सेगमेंट रियर डोर सनशेड कर्टेन और सनरूफ को संचालित करने के लिए वॉयस कमांड। इसके निचले वेरिएंट में इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC), व्हीकल स्टेबिलिटी मैनेजमेंट (VSM), ब्रेक असिस्ट (BA), हिल असिस्ट कंट्रोल (HAC) जैसे फीचर्स भी मिलते हैं।


सॉनेट 17 वेरिएंट्स में उपलब्ध है। यह ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ 1.5 लीटर डीजल इंजन द्वारा संचालित है, जो इसकी कुल बिक्री में लगभग 10% का योगदान देता है। कुल बिक्री में लगभग 64% के साथ टॉप-स्पेक वेरिएंट का सबसे अधिक योगदान है। हालाँकि, iMT तकनीक को बहुत अधिक खरीदार नहीं मिले हैं, केवल लगभग 26% ने ही इस एडिशन को चुना है। किआ सोनेट वर्तमान में भारत में ₹6.79 लाख (एक्स-शोरूम) की शुरुआती कीमत पर उपलब्ध है। यह सबकॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में मारुति सुजुकी विटारा ब्रेज़ा, हुंडई वेन्यू, महिंद्रा एक्सयूवी300 और टाटा नेक्सन को टक्कर देती है। 


प्रधानमंत्री मोदी के अभियान सौभाग्य योजना के तहत 2.82 करोड़ परिवारों को मिला बिजली कनेक्शन

प्रधानमंत्री मोदी के अभियान सौभाग्य योजना के तहत 2.82 करोड़ परिवारों को मिला बिजली कनेक्शन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा शुरू किए गए अभियान, सौभाग्य योजना के तहत अब तक 2.82 करोड़ परिवारों को बिजली का कनेक्शन हासिल हो चुका है। बिजली मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी उपलब्ध कराई है। सौभाग्य योजना के चार साल पूरे होने पर एक बयान जारी करते हुए बिजली मंत्रालय ने यह कहा है कि, "इस योजना के शुरू होने के बाद से, इस साल 31 मार्च तक, 2.82 करोड़ घरों में बिजली का कनेक्शन दिया जा चुका है। मार्च 2019 तक, देश के ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में 2.63 करोड़ घरों को 18 महीने के रिकॉर्ड समय में बिजली का कनेक्शन प्रदान किया गया था।"

"इसके बाद, सात राज्यों असम, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक, मणिपुर, राजस्थान और उत्तर प्रदेश राज्यों में, 31 मार्च, 2019 से पहले चिन्हित किए गए लगभग 18.85 लाख बिना बिजली कनेक्शन वाले घर, जो पहले कनेक्शन नहीं लेना चाहते थे, लेकिन बाद में उन्होंने बिजली कनेक्शन प्राप्त करने की इच्छा जाहिर की थी। इस तरह के घर भी इस योजना के तहत शामिल थे।"

क्या है सौभाग्य योजना

सौभाग्य योजना की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 सितंबर, 2017 को की थी और यह दुनिया के सबसे बड़े घरेलू विद्युतीकरण अभियानों में से एक है। इस योजना का उद्देश्य अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी के जरिए देश में 'सार्वभौमिक घरेलू विद्युतीकरण' प्राप्त करना है। इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों के उन सभी घरों और क्षेत्रों में बिजली कनेक्शन देना है, जिन घरों और शहरी क्षेत्रों में गरीब परिवारों तक बिजली कनेक्शन नहीं पहुंचा है।


इस योजना की शुरुआत करते हुए, प्रधानमंत्री ने "नए युग के भारत" में बिजली कनेक्शन प्रदान करने और इक्विटी, दक्षता और स्थिरता की दिशा में काम करने का संकल्प लिया था। इस योजना के तहत कुल बजट 16,320 करोड़ रुपये का था, जबकि सकल बजटीय सहायता (जीबीएस) 12,320 करोड़ रुपये की थी।