200MP कैमरे वाला पहला स्मार्टफोन ला रही ये कंपनी, पीछे रह गईं शाओमी-सैमसंग

200MP कैमरे वाला पहला स्मार्टफोन ला रही ये कंपनी, पीछे रह गईं शाओमी-सैमसंग

मोटोरोला अब अपना कैमरा-फोकस्ड स्मार्टफोन लॉन्च करने की तैयारी में है। दरअसल, मोटोरोला अपने स्मार्टफोन में सैमसंग का 200 मेगापिक्सल कैमरा सेंसर लगाने वाला पहला निर्माता बन गया है। इस कैमरा सेंसर वाला मॉडल 2022 की पहली छमाही में डेब्यू कर सकता है। सैमसंग ने सितंबर में अपने 200-मेगापिक्सल I SOCELL HP1 सेंसर को पेश किया। यह एक नई पिक्सल-बिनिंग तकनीक का उपयोग करता है जो 200 मेगापिक्सल का मैक्सिमम इमेज रिज़ॉल्यूशन देने में मदद करता है। मोटोरोला के साथ, शाओमी अगले साल अपना 200-मेगापिक्सल का फोन लाने की दौड़ में है। दूसरी ओर, सैमसंग अपने इन-हाउस मॉडल के साथ 2023 में 200-मेगापिक्सल कैमरा लेकर आ सकता है।

मोटो-शाओमी के बाद सैमसंग लाएगी ऐसा फोन
ट्विटर पर आइस यूनिवर्स नाम के एक टिप्सटर ने दावा किया है कि मोटोरोला सबसे पहले अपना 200 मेगापिक्सल कैमरा फोन लाएगा। इसके बाद शाओमी का नंबर आएगा, जो अगले साल की दूसरी छमाही में 200-मेगापिक्सल कैमरे के साथ अपना नया स्मार्टफोन लॉन्च करने की तैयारी में है। इसके अलावा, टिपस्टर ने दावा किया कि सैमसंग की 2023 में मोटोरोला और शाओमी के बाद अपना 200-मेगापिक्सल कैमरा फोन लॉन्च करने की योजना है।

मोटोरोला और अन्य निर्माताओं ने अभी तक अपनी योजनाओं की पुष्टि नहीं की है, हालांकि चीन में एक टिपस्टर ने ट्विटर पर शेयर की एक डिटेल की पुष्टि की है और सैमसंग के 200-मेगापिक्सल कैमरे के साथ आने वाले पहले मोटोरोला फोन का सुझाव दिया है।


कैबिनेट की मंजूरी के बाद जल्दी ही क्रिप्टोकरेंसी पर बिल संसद में पेश होगा : निर्मला सीतारमण

कैबिनेट की मंजूरी के बाद जल्दी ही क्रिप्टोकरेंसी पर बिल संसद में पेश होगा : निर्मला सीतारमण

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आज राज्यसभा में कहा कि कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही क्रिप्टोकरेंसी पर एक बिल लोकसभा में पेश किया जायेगा. निर्मला सीतारमण ने यह जानकारी एक सवाल का जवाब देते हुए दी.

उन्होंने बताया कि संसद के मानसून सत्र में भी क्रिप्टोकरेंसी पर बिल को लाने की योजना थी, लेकिन बाद में इसे रोक दिया गया. इसकी वजह यह थी कि उस वक्त कई चीजें बदल गयीं और फिर एक नये विधेयक पर काम शुरू कर दिया गया.

वित्त मंत्री ने बताया कि प्रस्तावित विधेयक के जल्द ही पेश किए जाने की संभावना है. यह पूछे जाने पर कि क्या मीडिया में भ्रामक विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने का सरकार का कोई प्रस्ताव है, इस पर उन्होंने बताया कि सरकार इस पर गौर कर रही है और अध्ययन के बाद ही इसपर कोई कदम उठाया जायेगा.

क्रिप्टोकरेंसी के बढ़ते बाजार की वजह से सरकार ने इसे नियंत्रित करने का सोचा है ताकि इसमें खतरा कम हो और निवेशकों के साथ धोखाधड़ी ना हो. उन्होंने बताया कि अबतक सरकार क्रिप्टोकरेंसी में लेनदेन से जुड़े आकंड़े एकत्र नहीं करती है. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार, रिजर्व बैंक और ‘सेबी' लोगों को क्रिप्टोकरेंसी के बारे में आगाह करते रहे हैं. इसपर कानून बना दिये जाने से लोगों का खतरा कम हो जायेगा.

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले संसदीय समिति की बैठक में यह राय बनी थी कि क्रिप्टोकरेंसी को बैन नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि इसे नियंत्रित करने के लिए कानून बनाया जाना चाहिए. संभावना जतायी जा रही है कि क्रिप्टोकरेंसी को नियंत्रित करने के लिए आरबीआई को कई अधिकार दिये जायेंगे. संभव है कि आरबीआई क्रिप्टोकरेंसी जारी करे.